गणतंत्र दिवस - 26 जनवरी 2019

भारतीय संविधान को सम्मान देने के लिये 26 जनवरी को पूरे सम्मान के साथ हर वर्ष भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1950 में ये लागू हुआ था। भारतीय संविधान ने 1935 के अधिनियम को बदल कर खुद को भारत के संचालक दस्तावेज़ के रुप में स्थापित किया था। इस दिन को भारतीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया है। भारतीय संवैधानिक सभा द्वारा नये भारतीय संविधान की रुप-रेखा तैयार हुई और स्वीकृति मिली तथा भारत के गणतांत्रिक देश बनने की खुशी में इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाने की घोषणा हुई।

भारतीय गणतंत्र दिवस - 26 जनवरी 2019 (Republic Day of India in Hindi)

भारत में वर्ष 2019 का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, शनिवार को मनाया गया। इस साल 2019 में भारत अपना 70 वाँ गणतंत्र दिवस मनाया। भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस 1950 में मनाया था।

बीटिंग रिट्रीट 2019 स्पेशल

26 जनवरी, मंगलवार को गणतंत्र दिवस के सफलतापूर्वक आयोजन के बाद 28 जनवरी सोमवार के दिन बीटिंग रिट्रीट परेड समारोह का रिहर्सल किया गया जोकि दोपहर 3.30 से लेकर रात 9.30 बजे तक चला। इस समारोह का आयोजन विजय चौक पर किया गया। इसके बाद गणतंत्र दिवस समारोह के तीन दिन बाद मनाये जाने वाला बीटिंग रिट्रीट समारोह हर वर्ष के तरह 29 जनवरी के दिन आयोजित किया गया। जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे, जिसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया और इसके बाद प्रधानमंत्री ने तिरंगे को सलामी दी। इस कार्यक्रम में पारंपरिक धुनों के साथ तीनों सेनाओं (जल, थल, वायु) के बैंडों ने मार्च किया।

हर वर्ष के परंपरा के तरह 29 जनवरी के दिन सूरज ढलते ही शाम 6 बजे बीटिंग रिट्रीट का कार्यक्रम शुरु हुआ। जिसमें तीनों सनाओं के बैंड्स ने एकसाथ मिलकर धुनें बजाई। कार्यक्रम के अंत में तिरंगा उतारने के बाद मुख्य अतिथि रामनाथ कोविंद से बैंड्स को वापस ले जाने की अनुमति मांगी गई और ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन बजाते हुए सभी बैंड्स वापस लौट गये।

गणतंत्र दिवस 2019 के मुख्य अतिथि

2019 में आयोजित होने वाले भारत के 70वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के पांचवे तथा वर्तमान राष्ट्रपति “माटामेला सिरिल रामाफोसा” थे।

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रमफोसा को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अर्जेंटीना के राजधानी ब्यूनस आयर्स में आयोजित हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आमंत्रित किया गया था। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति को आमंत्रित करने की एक मुख्य वजह यह भी थी कि इस वर्ष भारत में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनायी गयी और क्योंकि महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका से काफी गहरा जुड़ाव रहा है। इसलिए दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया था। इस विषय में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, कि दक्षिण अफ्रीकी प्रधानमंत्री का यह भारत दौरा दोनो देशों के संबंधों को मजबूती प्रदान करने का कार्य करेगा।

Live Coverage of Republic Day 2019 at Rajpath, Delhi (गणतंत्र दिवस 2019 का सीधा प्रसारण)

गणतंत्र दिवस 2019 का सीधा प्रसारण 9:30 AM पर हुआ।

सुबह 9 बज के 40 मिनट पर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमर जवान ज्योति पर पुष्प चढ़ाकर देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

सुबह 9 बजके 50 मिनट परः राजपथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीनो सेनाओं के प्रमुखों द्वारा अभिवादन किया गया।

सुबह 9 बजके 55 मिनट परः भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने पत्नी सविता कोविंद के साथ राजपथ पर पहुंचे, इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी अपनी पत्नी के साथ परेड समारोह में पहुंचे। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनका स्वागत किया गया।

 

सुबह 10 बजेः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 70वें गणतंत्र दिवस समारोह पर ध्वजारोहण किया गया।

सुबह 10 बजके 5 मिनट परः स्वर्गीय लांस नायक अहमद वानी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा मरणोपरांत अशोक चक्र सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उनकी पत्नी को सौंपा गया।

सुबह 10 बजके 10 मिनट परः टी-90 भीष्म टैंक का गणतंत्र दिवस परेड में आगमन हुआ।

सुबह 10 बजके 12 मिनट परः K-9 वज्र का गणतंत्र दिवस परेड में आगमन हुआ।

सुबह 10 बजके 15 मिनट परः M777 होवित्जर का गणतंत्र दिवस परेड में आगमन हुआ।

सुबह 10 बजके 17 मिनट परः भारतीय सेना द्वारा मार्च शुरु किया गया, जिसका नेतृत्व मेजर आकाश सिंह राठौड़ द्वारा किया गया। इस बार यह मार्च भारतीय ध्वनि शंखनाद पर किया गया।

सुबह 10 बजके 26 मिनट परः भारतीय वायु सेना के परेड की शुरुआत हुई।

सुबह 10 बजके 27 मिनट परः भारतीय वायु सेना की झांकी प्रदर्शित की गयी।

सुबह 10 बजके 30 मिनट परः केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के परेड की शुरुआत हुई।

सुबह 10 बजके 33 मिनट परः बीएसएफ का उंट दस्ता गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुआ।

जानिए, 26 जनवरी 2019 पर क्या था खास

  • इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के पश्चात राज्यों के श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ झांकी का प्रथम पुरस्कार त्रिपुरा को दिया गया जिसके झांकी का थीम ‘गांधी जी के विचारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों का आर्थिक विकास’ था और द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः जम्मू एवं कश्मीर तथा पंजाब को दिया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर के झांकी की थीम ‘गांधीजी – सभी संस्कृतियों के लिए एक उम्मीद की किरण’ था और पंजाब के झांकी ‘जलियावाला बाग’ के थीम पर आधारित थी।
  • मंत्रालय तथा विभागों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार संयुक्त रुप से सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को दिया गया। जिसमें सीआईएसएफ की झांकी का थीम के इसके 50 वर्षों के गौरवशाली इतिहास तथा देश के तरक्की में इसके योगदान पर आधारित था। वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के झांकी का थीम ‘किसान गांधी’ पर आधारित था।
  • इस वर्ष गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले यानि की 25 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नानाजी देशमुख, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भूपेन हजारिका को भारत रत्न सम्मान प्रदान करने की घोषणा की गयी।
  • 2019 में मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का वर्ष भी था। इसी कारणवश इस वर्ष 26 जनवरी के दिन महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि प्रदान करने के साथ गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।
  • इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर 16 प्रदेशों के साथ 6 मंत्रालय तथा विभागों द्वारा अपनी झांकियां निकाली गयी। इसके साथ ही इस वर्ष के अधिकतर झांकियों का थीम गांधी जी पर भी आधारित रहा, क्योंकि इस वर्ष गांधी जी की 150वीं जयंती पूरी होने वाली है।
  • इस गणतंत्र दिवस पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को भारतीय सेना में अपनी सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया गया।

 

 

  • आतंकवाद का रास्ता छोड़कर भारतीय सेना में शामिल होकर अपने ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले लांस नायक नजीर अहमद वानी को 26 जनवरी के दिन राष्ट्रपति द्वारा मरणोप्रांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी पत्नी महजबीन को सौंपा गया।
  • 26 जनवरी 2019 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में एक काफी महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला। इस बार की परेड में ब्रिटिश काल से बजायी जा रही ध्वनि ‘मार्शल ट्यून’ के स्थान पर ‘शंखनाद’ नामक एक भारतीय ध्वनि बजायी गयी।
  • इस वर्ष 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिन्द फौज के सैनिक भी नई दिल्ली के राजपथ में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए। इस बार आजाद हिन्द फौज (आईएनए) के चार पूर्व सैनिक द्वारा परेड में हिस्सा लिया गया।
  • 26 जनवरी 2019 को राजपथ में होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार महिला स्वात कमांडो सदस्य देखने को मिली। इन महिला स्वात कमांडोज को एनएसजी द्वारा प्रशिक्षित किया गया था।
  • इस वर्ष भारतीय वायु सेना ने वायुवानों को ऐसे ईंधन से चलाया गया, जिसमें जेट ईंधन के साथ बायो ईंधन भी मिला हुआ था। यह विमान एक मालवाहक विमान था, जिसमें जेट फ्यूल के साथ 10 परसेंट बायो फ्यूल भी मिला था।
  • इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नंरेद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया गया। इस युद्ध स्मारक का निर्माण नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास किया गया है, इस स्मारक का मुख्य मकसद आजादी से लेकर अबतक शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि प्रदान करना है।
  • 2019 में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में M777 होवित्जर और K9 वज्र जैसी स्व-चालित तोपें देखने को मिली। इन दोनो तोपों को इसी वर्ष भारतीय सेना के तोपखाने में शामिल किया गया था।
  • इस बार गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी में वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की झलक के साथ गांधी जी की शैक्षिक नीति तथा वाराणसी के घाट एवं मंदिरों को भी प्रदर्शित किया गया था।
  • इस वर्ष पंजाब द्वारा निकाली जानी वाली झांकी ‘जलियावाला बाग कांड’ थीम पर आधारित रही। इसका चयन इसलिए किया गया क्योंकि इस वर्ष जलियावाला बाग नरसंहार का सौ वर्ष पूरे हुआ था।
  • इस बार गणतंत्र दिवस 2019 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1500 कैदियों को रिहा किया गया। इसके अंतर्गत आगरा, बरेली, फतेहगढ़, नैनी और वाराणसी जेल से ऐसे कैदियों को रिहा किया गया जो उम्रदराज थे या फिर किसी प्रकार की गंभीर बिमारी से जूझ रहे थे।

गणतंत्र दिवस का उत्सव

भारत का राष्ट्रीय ध्वज

चूँकि भारत में स्वतंत्रता दिवस ब्रिटिश शासन से भारत की आजादी की खुशी के लिये मनाया जाता है, उसी तरह भारत में गणतंत्र दिवस को उसके अपने संविधान को लागू करने के लिये मनाया जाता है। अधिकारिक रुप से इसे भारत के राष्ट्रपति के समक्ष भारत की राजधानी नयी दिल्ली के राजपथ पर हर वर्ष मनाया जाता है। देश के राष्ट्रीय झंडे को फहराने के द्वारा राज्य के राज्यपाल की मौजूदगी में राज्य की राजधानी में एक छोटा उत्सव मनाया जाता है।

भारतीय सरकार द्वारा पूरे देश में राजपत्रित अवकाश के रुप में 26 जनवरी को घोषित किया गया था। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के द्वारा पूरे उत्साह के साथ पूरे भारत भर में इसे मनाया जाता है।

नयी दिल्ली में इंडिया गेट के सामने राजपथ पर सैनिकों के द्वारा एक उत्कृष्ट परेड और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

गणतंत्र दिवस कैसे मनाया जाता है

हवा में तिरंगा बनाते हुए भारतीय वायु सेना

हवा में तिरंगा बनाते हुए भारतीय वायु सेना

राजधानी में गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये पहले से ही भारतीय सरकार द्वारा अच्छे प्रयास के साथ कार्यक्रम और उत्सव आयोजित किया जाता है। राज्यों की राजधानी के साथ ही नयी दिल्ली के राजपथ पर एक बड़ा और भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। परेड में पारंपरिक डाँस समूह, जल सेना, वायु सेना और थल सेना से प्रतिभागी भाग लेते हैं।

नयी दिल्ली में रखा गया परेड खासतौर से शुरुआत किया जाता है जब इंडिया गेट के अमर ज्योति जवान पर भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पुष्पमाला भेंट की जाती है। अपने देश की रक्षा करते हुए भारतीय सेना के सैनिकों के सभी बलिदानों को याद करने के लिये ऐसा किया जाता है। राजधानी में परेड के दौरान भारतीय राष्ट्रपति द्वारा सेना की सलामी ली जाती है जबकि राज्यों में राज्यपाल द्वारा सेना की सलामी ली जाती है। इस खास अवसर पर, राज्य के प्रमुख राष्ट्रपति के मुख्य अतिथि बनते हैं।

सशस्त्र बलों के सैनिकों, आम जन, और स्कूलों के विद्यार्थियों को इस खास दिन पर राष्ट्रीय पुरस्कार (महावीर चक्र, अशोक चक्र, परम वीर चक्र, वीर चक्र) और बहादुरी मेडल भी वितरित किये जाते हैं। दर्शको पर गुलाब की पंखुड़ियों की बरसात के लिये इंडिया गेट के आसपास के क्षेत्रों में सेना बलों के हेलिकॉप्टर परेड करते हैं। स्कूलों के बच्चों के द्वारा देशभक्ति गीत पर डाँस परेड के द्वारा प्रस्तुति भी जाती है। राष्ट्रपति को सम्मानीय सलामी देने के लिये सैन्य बलों द्वारा मोटर साईकिलों पर करतब दिखाये जाते हैं जबकि फाईटर प्लेन (धुएँ द्वारा भारतीय झंडे तीन रंग बनाती है) द्वारा वायु सेना करतब दिखाती है।

देश के इतिहास और संस्कृति पर ध्यानाकर्षण करने के लिये विभिन्न राज्यों से पेशेवरों द्वारा विभिन्न पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाती है। भव्य उत्सव के दौरान, 24 जनवरी से 29 जनवरी तक प्रधानमंत्री की एक रैली और लोक तरंग राष्ट्रीय फोक नृत्य उत्सव भी रखा जाता है।

इस दिन, पोस्ट ऑफिस और बैंक सहित देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बड़ी भीड़ के कारण इस दिन पर खास सुरक्षा व्यवस्था रहती है जो किसी भी समस्या से आमजन की रक्षा करती है।

गणतंत्र दिवस मनाने का इतिहास

वर्ष 1947 में 15 अगस्त को अंग्रेजी शासन से भारत को आजादी मिली थी। उस समय देश का कोई स्थायी संविधान नहीं था। पहली बार, वर्ष 1947 में 4 नवंबर को राष्ट्रीय सभा को ड्राफ्टिंग कमेटी के द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 1950 में 24 जनवरी को हिन्दी और अंग्रेजी में दो संस्करणों में राष्ट्रीय सभा द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट हस्ताक्षरित हुआ था।

तब 26 जनवरी 1950 अर्थात् गणतंत्र दिवस को भारतीय संविधान अस्तित्व में आया। तब से, भारत में गणतंत्र दिवस के रुप में 26 जनवरी मनाने की शुरुआत हुई थी। इस दिन भारत को पूर्णं स्वराज देश के रुप में घोषित किया गया था अत: पूर्णं स्वराज के वर्षगाँठ के रुप में हर वर्ष इसे मनाये जाने की शुरुआत हुई।

भारतीय संविधान ने भारत के नागरिकों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया। सरकारी हाऊस के दरबार हॉल में भारत के पहले राष्ट्रपति के रुप में डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद द्वारा शपथ लिया गया था। गणतंत्र दिवस मनाने के पीछे भारत के पास एक बड़ा इतिहास है।

26 जनवरी मनाने का महत्व

गणतंत्र दिवस स्वतंत्र भारत के लिये सच्चे साहस का प्रतीक है जहाँ सैन्य परेड, सैन्य सामानों की प्रदर्शनी, भारतीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय झंडे को सलामी और इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता है। भारतीय झंडे में क्षैतिज दिशा में तीन रंग होते हैं (सबसे ऊपर केसरिया, मध्य में सफेद तथा अंत में हरा, सभी रंग बराबर अनुपात में होता है) और बीच में एक चक्र होता है (नीले रंग में 24 तिलियों के साथ) जो अशोका की राजधानी सारनाथ के शेर को दिखाता है।

भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न संस्कृति, समाज, धर्म और भाषा के लोग सद्भावपूर्णं ढंग से एक साथ रहते हैं। भारत के लिये स्वतंत्रता बड़े गर्व की बात है क्योंकि विभिन्न मुश्किलों और बाधाओं को पार करने के वर्षों बाद ये प्राप्त हुई थी।

बहु-संस्कृति स्वतंत्र भारत में जीने के लिये भारतीय लोगों को गर्व महसूस कराने के लिये इस दिन को हर वर्ष मनाया जाता है। वर्ष के उत्सव को यादगार और महत्वपूर्णं बनाने के लिये गणतंत्र दिवस को बहुत ही रंग-बिरंगे और आनन्दपूर्णं तरीके से मनाते हैं। उत्सव में शामिल लोगों के द्वारा राष्ट्र-गान गाया जाता है। ये उत्सव सभी भारतीयों को एक स्थान पर ले आने का कार्य करता है।

भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथियों की सूची

हर साल की तरह, मुख्य अतिथि के रुप में दूसरे देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को अपने गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित करके उनका स्वागत के द्वारा “अतिथि देवो भव:” की महान भारतीय परंपरा और संस्कृति का अनुसरण भारत करता रहा है। इस वर्ष, 2019 के गणतंत्र दिवस पर, भारत ने मुख्य अतिथि के रुप में सिरिल रामाफोसा (दक्षिण अफ्रीका) का दिल से स्वागत किया। यहाँ नीचे आपको भारत के पहले गणतंत्र दिवस से लेकर 2019 तक के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथियों की सूची उपलब्ध करायी जा रही है।

वर्ष मुख्य अतिथि देश
2019 सिरिल रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका
2018 सुल्तान और विद्यमान प्रधान मंत्री, Hassanal Bolkiah
प्रधान मंत्री, Hun Sen
राष्ट्रपति, Joko Widodo
प्रधान मंत्री, Thongloun Sisoulith
प्रधान मंत्री, Najib Razak
राष्ट्रपति, Htin Kyaw
राष्ट्रपति, Rodrigo Roa Duterte
राष्ट्रपति, Halimah Yacob
प्रधान मंत्री, Prayuth Chan-ocha
प्रधान मंत्री, Nguyễn Xuân Phúc
Brunei
Cambodia
Indonesia
Laos
Malaysia
Myanmar
Philippines
Singapore
Thailand
Vietnam
2017 क्राउन प्रिंस, शेख मोहमद बिन ज़ायेद अल नाह्यान अबु धाबी
2016 राष्ट्रपति, फ्रांस्वा ओलांद फ्राँस
2015 राष्ट्रपति, बराक ओबामा यूएसए
2014 प्रधानमंत्री, शिंजों आबे जापान
2013 राजा, जिग्मे केसर नामग्याल वाँगचुक भूटान
2012 प्रधानमंत्री, यिंगलुक शिनवात्रा थाईलैंड
2011 राष्ट्रपति, सुसीलो बमबंग युद्धोयुनो इंडोनेशिया
2010 राष्ट्रपति, ली म्यूंग बक कोरिया गणराज्य
2009 राष्ट्रपति, नूरसुलतान नजरबयेव कज़ाकिस्तान
2008 राष्ट्रपति, निकोलस सरकोजी फ्रांस
2007 राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिन रुस
2006 राजा, अब्दुल्ला बिन अब्दुल्लाजिज़ अल-सऊद सऊदी अरेबिया
2005 राजा, जिग्मे सिंघे वाँगचुक भूटान
2004 राष्ट्पति, लूइज़ इनैसियो लूला दा सिल्वा ब्राजील
2003 राष्ट्पति, मोहम्मदम खतामी इरान
2002 राष्ट्पति, कसाम उतीम मॉरीशस
2001 राष्ट्पति, अब्देलाज़िज बुटेफ्लिका अलजीरीया
2000 राष्ट्पति, ओलूसेगुन ओबाझाँजो नाइजीरिया
1999 राजा बिरेन्द्र बीर बिक्रम शाह देव नेपाल
1998 राष्ट्रपति, जैक्स चिराक फ्रांस
1997 प्रधानमंत्री, बासदियो पांडेय त्रिनीनाद और टोबैगो
1996 राष्ट्रपति, डॉ फरनॉनडो हेनरिक कारडोसो ब्राजील
1995 राष्ट्रपति, नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रिका
1994 प्रधानमंत्री, गोह चोक टोंग सिंगापुर
1993 प्रधानमंत्री, जॉन मेजर यूके
1992 राष्ट्रपति, मारियो सोर्स पुर्तगाल
1991 राष्ट्रपति, मौमून अब्दुल गयूम मालदीव
1990 प्रधानमंत्री, अनिरुद्ध जुगनौत मॉरीशस
1989 गुयेन वैन लिंह वियतनाम
1988 राष्ट्रपति, जुनियस जयवर्द्धने श्रीलंका
1987 राष्ट्रपति, ऐलेन गार्सिया पेरु
1986 प्रधानमंत्री, एँड्रियास पपनड्रीयु ग्रीस
1985 राष्ट्रपति, रॉल अलफोन्सिन अर्जेन्टीना
1984 राजा जिग्मे सिंघे वाँगचुक भूटान
1983 राष्ट्रपति, सेहु शगारी नाइजीरिया
1982 राजा, जॉन कार्लोस प्रथम स्पेन
1981 राष्ट्रपति, जोस लोपेज़ पोरेटील्लो मेक्सिको
1980 राष्ट्रपति, वलेरी गिस्कार्ड द इस्टेइंग फ्रांस
1979 प्रधानमंत्री, मलकोल्म फ्रेज़र ऑस्ट्रेलिया
1978 राष्ट्रपति, पैट्रीक हिलेरी ऑयरलौंड
1977 प्रथम सचिव, एडवर्ड गिरेक पौलैण्ड
1976 प्रधानमंत्री, जैक्स चिराक फ्रांस
1975 राष्ट्रपति, केनेथ कौंडा जांबिया
1974 राष्ट्रपति, जोसिप ब्रौज टीटो यूगोस्लाविया
प्रधानमंत्री, सिरीमावो रतवत्ते दियास बंदरनायके श्रीलंका
1973 राष्ट्रपति, मोबुतु सेस सीको जैरे
1972 प्रधानमंत्री, सीवुसागर रामगुलाम मॉरीशस
1971 राष्ट्रपति, जुलियस नीयरेरे तंजानिया
1970 -
1969 प्रधानमंत्री, टोडर ज़िकोव बुल्गारिया
1968 प्रधानमंत्री, एलेक्सी कोज़ीगिन सोवियत यूनियन
राष्ट्रपति, जोसिप ब्रोज टीटो यूगोस्लाविया
1967 -
1966 -
1965 खाद्य एवं कृषि मंत्री, राना अब्दुल हामिद पाकिस्तान
1964 -
1963 राजा, नोरोदम शिनौक कंबोडिया
1962 -
1961 रानी, एलिज़ाबेथ द्वितीय यूके
1960 राष्ट्रपति, क्लिमेंट वोरोशिलोव सोवियत संघ
1959 -
1958 मार्शल यि जियानयिंग चीन
1957 -
1956 -
1955 गर्वनर जनरल, मलिक गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान
1954 राजा, जिग्मे दोरजी वाँगचुक भूटान
1953 -
1952 -
1951 -
1950 राष्ट्रपति, सुकर्नों इंडोनेशिया

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) परेड 2019 फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अपने सुरक्षा दस्ते के साथ अमर जवान ज्योति पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। जहां पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा उनका स्वागत किया गया और इसके पश्चात तीनों सेना प्रमुखों ने उनका स्वागत किया।

introduction of chief guest to force's heads

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तथा मुख्य अतिथि सिरिल रामफोसा के साथ विशिष्टजनों से मुलाकात की और कार्यक्रम के तैयारियों का जायजा लिया।

T-90 Bhisma

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान टी-90 भीष्म टैंक का प्रदर्शन भी देखने को मिला। यह टैंक तीसरे पीढ़ी का रुस द्वारा निर्मित बैटल टैंक है। जिसे भारत में सन् 2001 से इस्तेमाल किया जा रहा है। यह टैंक विश्व के सबसे बेहतरीन टैंकों में से एक है इसमें V 84  इजंन लगा हुआ है और यह 840 बीएचपी का पावर जनरेट करता है। अपनी युद्ध क्षमताओं के कारण यह वर्तमान में भारत के सबसे उन्नत टैंकों में से एक है।

K9 Vajra T

यह तस्वीर के-9 वज्र की है, जिसे पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित किया गया। यह एक सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टलीरी गन है, इस प्रकार की तोपों को लोकोमोटिव तोप के नाम से भी जाना जाता है। यह साउथ कोरिया निर्मित गन है, जिसे सैमसंग टेकविन कंपनी द्वारा बनाया गया है। भारत में इसे संयुक्त समझौते के तहत भारतीय कंपनी लार्सेन एंड टर्बो द्वारा बनाया जाता है।

M777 Howitzer

यह तस्वीर M-777 होवित्जर की है इसे भी गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल किया गया था। यह ब्रिटेन निर्मित तोप भारत के अलावा अमेरिका, सउदी अरब तथा कनाडा द्वारा भी उपयोग किया जाता है। इस तोप का निर्माण यूनाइटेड किंगडम की बाई सिस्टम्स की ग्लोबल काम्बैट सिस्टम श्रेणी द्वारा निर्मित किया गया है। इस तोप की भारत में असेम्बलिंग महिंद्रा डिफेंस द्वारा की गयी है।

ASC Lead by Bhawana Kasturi

गणतंत्र दिवस परेड के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला जब किसी पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला सैन्य अधिकारी द्वारा किया गया हो, इस परेड में लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी द्वारा 144 जवानों के दल का नेतृत्व किया गया क्योंकि यह कार्य भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए काफी खास है।

Women Assam Rifles

असम राइफल्स की महिला सैन्य दल द्वारा भी भारतीय गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर एक नया इतिहास रचा गया। जिसमें भारत की इस सबसे पुरानी पैरामिलट्री फोर्स असम राइफल्स की महिला दल द्वारा पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में मार्च किया गया।

Water Ministry Tableau

पेयजल एंव स्वच्छता मंत्रालय की इस वर्ष की झांकी काफी मनमोहक थी। इसमें बापू के स्वच्छता के संदेश को प्रदर्शित किया गया।

stunt

भारतीय सेना के वीर जबांजों द्वारा गणतंत्र दिवस परेड में विभिन्न तरह के करतब दिखलाये गये। जिसमें उनके द्वारा मोटरसाइकल पर कई तरह के हैरतअंगेज कारनामे प्रदर्शित किये गये। इस स्टंट टीम का नेतृत्व कैप्टन शिखा सुरभी द्वारा किया गया है।

 

 

 

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गणतंत्र दिवस पर निबंध

गणतंत्र दिवस पर भाषण

गणतंत्र दिवस पर कविता

गणतंत्र दिवस परेड

भारतीय राष्ट्र ध्वज

गणतंत्र दिवस पर स्लोगन (नारा)