भोजन एवं योग के द्वारा स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता कैसे बढ़ाएं

स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता कैसे बढ़ाएं: भोजन एवं योग के द्वारा

यदि, आपको अक्सर कुछ भी याद रखने या अपने निर्दिष्ट कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस होती है तो निश्चित तौर पर यह आपके स्मरण शक्ति के कमजोर होने का संकेत है। आप अपनी रूचि के क्षेत्र में कुछ खास कर गुज़रना चाहते हैं लेकिन आप कुछ याद नहीं रख पाते और साथ ही किसी कार्य पर आपका ध्यान केंद्रित नहीं रह पाता तो सिर्फ आपको ही नहीं आपके आस-पास के लोगों को भी घोर निराशा का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उनको भी आपसे कई उम्मीदें होती हैं।

क्या आप जानते हैं जीवन के किसी भी क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अच्छी स्मरण शक्ति या मजबूत याददाश्त का होना नितांत आवश्यक है, ख़ास तौर पर आज की प्रतियोगी दुनिया में यह बेहद ज़रूरी है। अक्सर तनाव, व्यायाम की कमी, अपर्याप्त पौष्टिक भोजन, मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी आदि की वजह से स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। हालांकि, आपको बहुत ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हम यहां आपको बताने जा रहे हैं कि किस प्रकार आप अपने जीवन में विभिन्न चुनौतियों से जूझते हुए भी अपनी स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता में सुधार ला सकते हैं।

स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता में सुधार लाने का सबसे अच्छा तरीका है मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को प्रोत्साहित किया जाए, क्योंकि हमारे सोचने, बोलने एवं तर्क करने की शक्तियों के साथ ही हमारी शारीरिक गतिविधियां भी हमारे मस्तिष्क द्वारा ही नियंत्रित होती हैं, इसलिए मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखना आवश्यक है। अपनी स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता किस प्रकार बेहतर करें यह जानने के लिए आगे पढ़े:

भोजन एवं योग के द्वारा स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता कैसे बढ़ाएं

  1. उचित खुराक – पौष्टिक एवं और उचित आहार का सेवन करना आपके स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता को बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। निम्नलिखित सामग्रियों को आहार में सम्मिलित करने से आपका भोजन सही मायनों में पौष्टिक हो जाता है:
  • अंडे: आहार में नियमित रूप से अंडे का सेवन शामिल करना चाहिए क्योंकि अंडे में कोलीन नामक एक आवश्यक पोषक तत्व होता है जो मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इनके अलावा, अंडे में कोलेस्ट्रॉल होता है जो मस्तिष्क कोशिका झिल्ली का एक महत्वपूर्ण घटक है। साथ ही यह मस्तिष्क को सुरक्षात्मक एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करने का कार्य भी करता है। अतः हमें अंडे को अपने दैनिक आहार का एक अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
  • पालक: पालक एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त करने का एक समृद्ध स्रोत है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अपने आहार में उचित मात्रा में पालक को शामिल करने से दिमाग की सतर्क रहने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही पालक में फोलिक एसिड भी होता है जो आपकी स्मृति शक्ति और एकाग्रता में सुधार लाने में बेहद कारगर है। पालक में बड़ी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर में विषाक्त पदार्थों के उत्पादन को रोकते हैं। पालक खाने से असामयिक हृदय रोग, कैंसर और आघात से रक्षा होती है। साथ ही, यह विटामिन बी का भी एक अच्छा स्रोत है।
  • जैतून का तेल: जैतून का तेल एक बहुत शक्तिशाली और मस्तिष्क को सुरक्षा प्रदान करने वाला एंटीऑक्सीडेंट है। इसलिए आप अपने परिवार के लिए भोजन बनाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें।

 

  • बीन्स खाएं: बीन्स या सेम में कई पोषक तत्व जैसे कि प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर इत्यादि प्रचूर मात्रा में होते हैं। इन सभी तत्वों का एक साथ सेवन करने से आपका मस्तिष्क पूरी क्षमता के साथ कार्य करता है। बीन्स में कई जरूरी विटामिन जैसे कि विटामिन बी 12 और साथ ही फोलिक एसिड भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते है। यही नहीं बीन्स में एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं जो आपके मस्तिष्क को निश्चित रूप से सेहतमंद बना देंगे। इस प्रकार बीन्स आपकी स्मरण शक्ति बढ़ाने एवं एकाग्रता में सुधार लाने में भी आपकी मदद करते हैं और इसलिए आपको आपने आहार में बीन्स को निश्चित रूप से सम्मिलित करना चाहिए।
  • साबुत अनाज: साबुत अनाज में बड़ी मात्रा में ऊर्जा होती है जो आपको अपना ध्यान केंद्रित रखने में मदद करता है। साथ ही, ये रेशेदार भी होते हैं अर्थात इनमें बड़ी मात्रा में फाइबर होता है और इसलिए ये सुपाच्य होते हैं। अतः आपके भोजन में साबुत अनाज जरूर होना चाहिए।
  • बादाम: स्मरण शक्ति सुधारने में बादाम काफी फायदेमंद है यह साबित हो चुका है। बादाम में मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक ओमेगा-3 फैटी एसिड बड़ी मात्रा में उपलब्ध होता है और साथ ही इनमे मस्तिष्क की रक्षा के लिए आवश्यक विटामिन सी भी प्रचूर मात्रा में मौजूद होता है। इसलिए आपको अपने दैनिक आहार में बादाम को जरूर सम्मिलित करना चाहिए।
  • नारियल का तेल: जितना संभव हो सके नारियल के तेल का उपयोग करना चाहिए क्योंकि यह ऊर्जा का उपयोग करने के लिए मस्तिष्क के न्यूरॉन्स की क्षमता बढ़ाता है। साथ ही यह मस्तिष्क को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने वाले तत्वों के उत्पादन को भी कम कर देता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मस्तिष्क में संतृप्त वसा की आपूर्ति करता है। संतृप्त वसा मस्तिष्क की कोशिका झिल्ली के लिए एक पोषक तत्व है जो उसके कार्य में उसे सहायता प्रदान करता है।
  1. योग: आपकी स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता को बढ़ाने एवं आपके पूरे व्यक्तित्व को निखारने के लिए योग करना और ध्यान लगाना सबसे अच्छा उपाय है। योग मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के लिए अपने आप में एक संपूर्ण उपाय है लेकिन यह सलाह दी जाती है कि आप विशेष रूप से निम्नलिखित कदम उठाएं:
  • ओम का जाप: 'ओम' का जाप करते हुए ध्यान लगाने से शरीर पर एक चमत्कारी प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह आपके शरीर को विश्राम करने में मदद करता है जिससे आप और भी अधिक सक्रिय हो जाते हैं। अगर नियमित रूप से योग का अभ्यास किया जाए तो इससे मस्तिष्क की एकाग्रता शक्ति एवं चुस्ती में निश्चित रूप से वृद्धि होती है। 'ओम' का जाप नियमित रूप से करने से स्मरण शक्ति एवं मस्तिष्क की ताकत तो बढ़ती है, इससे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता का भी विकास होता है।

 

  • प्राणायाम: प्राणायाम एक व्यायाम है और साथ ही यह सांस लेने की एक विशेष तकनीक है जिसका प्रयोग योग करने के दौरान किया जाता है। इसमें मस्तिष्क का ध्यान सांस के अंदर लेने एवं बाहर छोड़ने की गतिविधि पर केंद्रित किया जाता है। यह आपके मस्तिष्क एवं शरीर में ऑक्सीजन और ऊर्जा की आपूर्ति के स्तर को बढ़ा देता है जो आपके सोचने की क्षमता को बेहतर बनाने एवं स्मरण शक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है।
  • पद्मासन: पद्मासन योग की एक ऐसी मुद्रा है जिसमें आप एक पैर को दूसरे पैर पर चढ़ा कर बैठते हैं। यह आसन शरीर में ऊर्जा एवं ध्यान लगाने की शक्ति को बढ़ाने में बेहद कारगर है। साथ ही यह आसन आपके याददाश्त में सुधार लाता है और आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। इस आसन के नियमित अभ्यास द्वारा आपका दिमाग शांत होता है और यह आपको गहरी नींद का आनन्द उठाने में भी सहायता प्रदान करता है। पद्मासन मानसिक शक्ति के विकास और शरीर की विकृति के इलाज के लिए बहुत अच्छा है। अगर नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो पद्मासन द्वारा आपका मन शांत होता है और आपकी जागरूकता, ऊर्जा और सतर्क रहने की क्षमता का विकास होता है।
  • पश्चिमोत्तानासन: यह योगासन (इसमें आगे की ओर मुड़कर बैठने की मुद्रा होती है) मनुष्य की स्मरण शक्ति को सुधारने के लिए परिक्षित एवं सिद्ध है। इस आसन द्वारा मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे इसके कार्य करने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है। इस आसन को 'सुपर मस्तिष्क' योग के रूप में भी जाना जाता है। यह मन को शांत करता है और एकाग्रता का स्तर बढ़ाता है।

उपरोक्त सभी तरीके पूर्ण रूप से प्रमाणित हैं और इनके प्रयोग द्वारा आपको अपने मस्तिष्क को स्वस्थ एवं कारगर बनाए रखने में मदद मिलेगी। आप इन उपायों को आजमाएं एवं इन्हें अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और फिर देखिए कैसा जादूई असर होगा: आप अपने स्मरण शक्ति एवं एकाग्रता में आश्चर्यजनक वृद्धि होता हुआ महसूस करेंगे।

उपरोक्त सभी कदम एक स्वस्थ जीवन जीने एवं आपकी खुशियों को बढ़ाने में बहुत सहायक हैं। हालांकि, इन उपायों को करते हुए आपको धैर्य रखना होगा क्योंकि इनका परिणाम आपको रातों-रात नहीं मिलेगा। इन उपायों को लगातार जारी रखना जरूरी है और इसके लिए मानसिक अनुशासन का पालन करना पड़ता है। अगर आप लगातार इन अच्छी आदतों को अपनाएंगे तो इनसे मिलने वाले लाभ आपको जीवन पर्यंत मिलते रहेंगे। तो, आप इन उपायों के द्वारा अपना एक संपूर्ण विकासित अस्तित्व बनाने की दिशा में प्रयास करने की शुरूआत करते क्यों नहीं हैं?