तनाव और चिंता दूर करने के उपाय

चिंता एवं तनाव ने हर तरफ अपना साम्राज्य कायम कर लिया है। मैं तो उस वक्त दंग रह गई जब किंडरगार्टेन में पढ़ने वाली एक छोटी सी बच्ची ने बताया कि वह अगले दिन होने वाली अपनी परीक्षा की वजह से तनाव में है। हमारी जिंदगी में भागदौड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि आज हम छोटी से छोटी समस्या की वजह से तनावग्रस्त हो जाते हैं। आजकल हर गतिविधि को जल्दी से जल्दी पूरा करने की जद्दोजहद लगी रहती है जिसकी वजह से हमारा जीवन प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहा है और तनाव एवं चिंता की समस्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि हम छोटी-से-छोटी असफलता की वजह से टूट जाते हैं।

तनाव एवं चिंता दूर करने के उपाय

हम यहां तनाव एवं चिंता के बेहतर प्रबंधन के लिए कुछ प्रभावी सुझाव प्रस्तुत कर रहे हैं:

तनाव एवं चिंता आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है

तनाव एवं चिंता का हमारे शरीर, मन और भावनाओं पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। हालांकि किसी भी गतिविधि में बेहतर प्रदर्शन के लिए कुछ हद तक तनाव का होना आवश्यक है, लेकिन तनाव एवं चिंता जैसे ही इस जरूरी स्तर से उपर बढ़ने लगता है तो इनका प्रतिकूल प्रभाव हमारे उपर दृषिटगोचर होना शुरू हो जाता है। लंबे समय तक चिंतित एवं तनावग्रस्त रहने से हमारा स्वास्थ्य खराब होने लगता है।

यही वजह है कि आजकल होने वाली ज्यादातर बीमारियों को मनोदैहिक बीमारियों की संज्ञा दी जाने लगी है। दूसरे शब्दों में कहें तो आजकल स्वास्थ्यविद, लोगों की शारीरिक बीमारियों को मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक एवं मानसिक स्तर से जोड़ कर भी देख रहे हैं और जो लोग इस तथ्य को जानते हैं वे तनाव एवं चिंता से दूर रहने में ही बुद्धिमानी समझते हैं।

तनाव एवं चिंता दूर करने के उपाय

तनाव सिर्फ एक मानसिक स्थिति है

असल में तनाव और कुछ नहीं सिर्फ एक मानसिक स्थिति है जो हमारे मन द्वारा बुने गए घटनाक्रमों की वजह से पैदा होता है। मन पर पड़ने वाले अनुचित दबाव की वजह से ही तनाव, चिंता एवं घबराहट की स्थितियां बनती है। किसी विशेष स्थिति का सामना करने की अगर हमने पहले से तैयारी ना कर रखी हो तो भी हमें तनाव का सामना करना पड़ता है। किसी समस्या विशेष से जुड़े हमारे पिछले अनुभवों की वजह से भी तनाव पैदा होता है।

अगर हम किसी विशेष समस्या की वजह से पहले कभी तनावग्रस्त हुए थे तो वैसी ही समस्या दोबारा पैदा होने पर हम फिर से तनावग्रस्त हो जाते हैं। धीरे-धीरे तनावग्रस्त एवं चिंतित रहना हमारी आदत बन जाती है। इस प्रकार हमारे जीवन में तनाव ग्रस्त रहने के विभिन कारण हैं और ये कारण व्यक्ति-विशेष के अनुरूप एवं समय के साथ बदलते रहते हैं।

चलिए हम यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि यदि हम तनाव के शिकार हैं तो तनाव को दूर रखने के लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं। जैसा कि हम जानते हैं तनाव एक मानसिक स्थिति है तो मन को तनाव मुक्त कैसे करें इस विषय पर ध्यान केंद्रित किए जाने की आवश्यकता है।

अपने तनाव के कारणों का पता लगाईए

एक बार जब आप यह पता लगाने में कामयाब हो जाते हैं कि आपके तनाव का क्या कारण है तो आप अपने तनाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। तनाव की वजह कोई विशेष घटना या कोई व्यक्ति विशेष भी हो सकता है। अपने तनाव का समाधान ढ़ूढ़ने के लिए आपको अभिनव तरीके अपनाने होंगे, क्योंकि यदि आप यह पता लगाने में कामयाब हो जाएं कि आपके तनाव का क्या कारण है तो आप अपने अभिनव तरीकों से इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। हो सकता है कि सिर्फ कुछ छोटे-छोटे कदम उठाने से ही आप तनावमुक्त हो जाएं।

नजरअंदाज करना सीखें

कुछ चीजों से हमारा भावनात्मक जुड़ाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि हम उनको लेकर तनावग्रस्त हो जाते है। आपको यह याद रखना चाहिए कि आप हमेशा सही हों ऐसा जरूरी नहीं है। हर व्यक्ति को अपना अलग नजरिया रखने का हक है और इस वजह से किसी भी व्यक्ति से उसके नजरिए को लेकर बहस करने की कोई जरूरत नहीं है।

सिर्फ इतना ही समझिए कि वह व्यक्ति अपने पक्षपातपूर्ण विचारों की वजह से किसी खास परिस्थिति को अपने अलग नजरिए से देख रहा है और आपका नजरिया कुछ अलग है। सिर्फ इतना सोचते ही आप तनाव की स्थिति से बहुत आसानी से बाहर निकल सकते हैं। किसी खास उद्देश्य को प्राप्त करने के कई अलग-अलग रास्ते हो सकते हैं और इसलिए अपने सोचे हुए रास्ते के अलावा अन्य सभी रास्तों पर भी विचार करें और सबसे उचित समाधान ढ़ूंढ़ने का प्रयास करें।

 

जो भी है बस अभी है

कोई भी स्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती। जो आज यहां हैं वो कल कहीं और हो सकता है और इसलिए अपने आपको तनावग्रस्त करने से बचें। तनावग्रस्त होने के बजाए समस्याओं में भी अवसरों की तलाश करें। आपके अंदर कठिन से कठिन परिस्थितियों को अनुकूल बनाने की कला विकसित हो जाने का लाभ आपको भविष्य में मिलेगा।

याद रखिए आपके तनाव का असर तो आपके उपर बिल्कुल होगा लेकिन जिन स्थितियों की वजह से आप तनावग्रस्त हुए हैं वो स्थिति समय के साथ खुद ही बदल जाएगी। एक अल्पकालिक स्थिति भी आपको अनावश्यक रूप से तनाव दे सकती है जिसका आपके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।

आशावादी बनिए

अक्सर हम इस वजह से तनावग्रस्त रहते हैं क्योंकि हमारे मन में सबसे बुरा होने का अंदेशा होता है, हालांकि कोई बुरी परिस्थिति और बुरी हो जाए ऐसा वाकई में होता नहीं है। ये भी तो हो सकता है कि भविष्य में कुछ भी बुरा ना हो। जीवन के बारे में यह कहा जाता है कि हर जीवन की एक आत्म भविष्यवाणी होती है और इसलिए अच्छा सोचिए। अच्छा सोचेंगे तो आपके साथ अच्छा ही होगा।

खुद के बाहर देखने के साथ ही अपने चारो तरफ की दुनिया को भी देखिए

जब आप हर वक्त अपने जीवन और उससे जुड़े मुद्दों एवं परेशानियों पर अपना ध्यान केंद्रित किए रहेंगे तो आप निश्चित रूप से तनावग्रस्त ही रहेंगे। इसलिए अपनी समस्याओं के जंजाल से बाहर निकलकर अपने चारो तरफ की दुनिया को भी देखिए। दूसरे मनुष्यों एवं जीवन के विभिन्न रूपों का भी अवलोकन करें। अगर आप अपनी स्थिति को लेकर विलाप करते रहेंगे तो आपकी समस्याएं और विकराल रूप धारण कर लेंगी।

इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी समस्याओं से अपना ध्यान हटाकर दूसरों की परेशानियों को देखें और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करें। दूसरों के जीवन की समस्याओं का समाधान करने के प्रयास आपको समय के साथ अधिक उदार बनाएंगे और आप अपने जीवन को दूसरों को खुशी देने में सपर्पित कर पाएंगे। आखिरकर आप जैसा कार्य करते हैं एवं जैसे विचारों का संचार करते हैं वैसे ही उनके परिणाम आपको वापिस मिलते हैं।

क्रोध ना करें

क्रोध आपका सबसे बड़ा दुश्मन है। क्रोध या गुस्सा कभी भी आसानी से फट पड़ता है और यदि क्रोध उग्र रूप धारण कर ले तो इसकी आग शांत करना मुश्किल हो जाता है। हमें यह याद रखना चाहिए कि क्रोध चले जाने के बाद अपनी बेवकूफी पर पछताने से कोई फायदा नहीं होता। कहते हैं यदि दूध फैल जाए तो उसके लिए रोने से क्या फायदा। गिरा दूध क्या वापिस पहले जैसा हो सकता है? कई अचानक होने वाली स्वास्थ्य समस्या का कारण भी क्रोध ही है और क्रोध की वजह से कई दीर्घकालिक बीमारियां भी हमें हो सकती है।

अपने आप से या दूसरे पर किया जा रहा क्रोध नकारात्मक परिणाम ही देता है, क्योंकि क्रोध से रिश्तों में तनाव बढ़ जाता है और कई बार तो रिश्ते टूट भी जाते हैं। क्रोध से दूर रहने के लिए दिमाग को शांत रखिए और समस्या के समाधान तलाशिए। कोई भी परिस्थिति ऐसी नहीं होती जिसे सुधारा नहीं जा सकता। जीवन में मतभेदों एवं स्थितियों का विश्लेषण करें एवं आपका जीवन जैसी परिस्थितियां या विशेषताएं प्रदान करता है उनको स्वीकार करें।

 

दूसरों की गलतियों को भूलें एवं क्षमा करें

तनाव को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका दूसरों की गलतियों को भूलना एवं उन्हें क्षमा करना है। यह कार्य आसान तो नहीं है लेकिन आप कोशिश तो कर ही सकते हैं। ऐसा करने से आपके गुस्से में निश्चित रूप से कमी आएगी अन्यथा क्रोध बढ़ाने वाली भावनाओं से तो केवल आपका तनाव ही बढ़ेगा, इसलिए इनसे बचें।

मैत्रीपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण बनें

क्रोधी या असंतोषी बनने के बजाय, मैत्रीपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण बनिये। हालांकि ये कहना तो आसान है लेकिन करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन कम से कम आप प्रयास तो कर ही सकते हैं। यह आपके तनाव एवं चिंता दोनो को ही अद्भुत रूप से कम करेंगे। जब आपके परिवार में, कार्यालय में या आपके पड़ोस में कोई हठी व्यक्ति हो तो उससे निपटने में आपको अनावश्यक रूप से तनावग्रस्त होना पड़ सकता है।

ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए? इस तरह के तनाव को दूर करने का सिर्फ एक ही तरीका है कि हम अपनी भावनाओं एवं मानसिक स्थितियों को नियंत्रण में रखें न की उन व्यक्तियों की शिकायत करते रहें या दुनिया को कोसें। जरा मुस्कुराईए। मुस्कुराने के लिए पैसे खर्चने की जरूरत नहीं होती। यह अनुभव सिद्ध है कि सिर्फ एक मुस्कान द्वारा आप आसानी से अपने प्रतिद्वंदी को धराशायी या अपने विरोधी को काबू में कर सकते हैं।

अपनी चिंताओं और परेशानियों को हंसी में उड़ा दें

भारी-से-भारी विपरीत परिस्थिति में भी मुस्कुराना अत्यंत प्रभावी है। मुस्कुराने से आपकी परेशानियां एवं मुसीबतें आसानी से दूर हो जाती हैं। इन्हें हंसी में उड़ा दें और उसके बाद आप जिस किसी परिस्थिति से गुजर रहे हैं वह कम पीड़ादायक महसूस होगा।

धीरज के साथ शांत रहना सीखें

शांत रहने के कई तरीके हैं। निर्णय लें की आप शांत रहेंगे। इस विषय में सिर्फ आप ही निर्णय ले सकते हैं। किसी भी समस्या का समाधान तब तक नहीं किया जा सकता जबतक आप उसका उपाय शांत मन से नहीं निकालते। बिना शांत मन के आप समस्या को दूर नहीं कर सकते और इसलिए आपको शांत रहना चाहिए और शांत रहने के लिए आपको विभिन्न तरीके ढ़ूढ़ने होंगे।

  1. थोड़ी देर के लिए ही सही अपना मोबाइल / स्मार्ट फोन बंद कर दें। हर वक्त अपने फोन के स्क्रीन पर देखते रहने के जूनून से बचिए।
  2. अपने लिए कोई-ना-कोई शौक पालिए। यह डाक टिकट इकट्ठा करना, फोटोग्राफी, चित्रकला, संगीत, ट्रैकिंग, खाना बनाना या और भी कुछ हो सकता है।
  3. किसी खेल में संलग्न होईए या टहलने के लिए जाया करें। खेलने एवं टहलने से शारीरिक व्यायाम होता है और इन गतिविधियों से आपका स्वास्थ्य भी सुधरता है और साथ ही आपके शरीर में स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले कई हार्मोन भी विकसित होते हैं। इसलिए आप निश्चित रूप से इनमें से किसी एक गतिविधि का चुनाव जरूर करें।
  4. तनाव को खत्म करना सीखिए। अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाने के लिए जाएं। ऐसा करने पर आपको अपने परिवार के सदस्यों की उन छोटी-छोटी गतिविधियां जिनकी वजह से आपका जीवन आसानी से चल रहा है उन्हें समझने में सहायता मिलेगी। बिना गौर किए इनके योगदानों को समझना आपके लिए मुश्किल है। अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त बिताने के लिए भी छुट्टी मनाना एक बेहतरीन तरीका है। साथ ही छुट्टियों के दौरान आप अपने परिवार के साथ आनंद मनाना सीखते हैं।

एक मानसिक छुट्टी लेना भी आवश्यक है

आपके मस्तिष्क में उमड़ रहे विचारों की लगातार भीड़ आपके मन को अशांत कर देते हैं। अपका दिमाग बेशक सोचने के लिए ही बना है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप उसमें विचारों को बेतरतीब रूप से लगातार ठूंसते रहें। जबतक आप जगे रहते हैं सोच-समझ कर ही अपने मन में विचारों को आने दें। कुछ वक्त शांत रहने कि लिए एवं मस्तिष्क को बेहतर विश्राम देने के लिए भी निकालें। इस कार्य के लिए किसी विशेषज्ञ से सीखकर ध्यान लगाने एवं विश्रांति के तकनीकों का प्रयोग किया जा सकता है।

चिंता एवं तनाव का असर अंततः आपके मन पर ही होता है। आपको किसी परिस्थिति से उपजे कठिनाइयों को महसूस करने एवं उनकी चिंता करने के बजाए यह सोचना चाहिए की आप इन समस्याओं से सफलतापूर्वक निपटने वाले हैं। सिर्फ चिंता करते रहने से हमारा मस्तिष्क बेकार हो जाता है।

इसी तरह अपने ऊपर दया करते रहने की प्रवृत्ति भी नकारात्मकता पैदा करती है। इसलिए ऐसा करने से बचें। आपकी स्थिति इतनी बुरी भी नहीं बल्कि कई खुशियां तो आपके अंदर ही हैं। आप उन खुशियों का पता लगाएं एवं उन्हें बढ़ानें का प्रयास करें। आप अपने लिए एक बेहतर सकारात्मक दुनिया का निर्माण कर सकते है।

इसी तरह, आत्म दया में लिप्त होने से नकारात्मकता उत्पन्न होती है। इससे दूर रहने की कोशिश करें। आपकी स्थिति इतनी बुरी नहीं है। आपके पास खुश रहने के लिए बहुत कारण है। इस बात का ध्यान रखे और इस पर टिके रहे। आप खुद के लिए एक अच्छी सकारात्मक दुनिया बना सकते हैं।

कई छोटी-छोटी चीजें हमें तनाव से दूर रखने या तनाव को संभालने में हमारी मदद कर सकती हैं। हो सकता है उन्हें एकदम से अमल में लाना आपको मुश्किल लगे लेकिन थोड़ी कोशिश करने से आप ऐसा करने में कामयाब हो सकते हैं और ये आपके लिए काफी फयदेमंद साबित होगें। तो, इसलिए अपने मन को हल्का करने एवं उसमें प्रसन्नता का संचार करने का प्रयास अवश्य करें!