नींद न आने से परेशान! जानें, मिनटों में कैसे सोयें

How to Fall Asleep Quickly in Minutes

रात में घंटो तक छत और पंखे की तरफ घूरते रहना, कोई आनंद का विषय नहीं है, बल्कि यह अनिद्रा की निशानी है। अगर आपको बिस्तर पर जाते ही नींद न आए, तो ये अच्छी बात नहीं। मैं आपको डरा नहीं रही, बस सजग कर रही कि यदि आपको भी ऐसी परेशानी है, तो चेत जाइए। अभी देर नहीं हुई। परेशान न हो, आप दुनिया के इकलौते ऐसे प्राणी नहीं, जिसे देर से नींद आने की समस्या है। और यह आसानी से दूर किया जा सकता है, अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाय, और अपनी दिनचर्या में थोड़ा परिवर्तन किया जाए।

नींद जल्दी लाने के 10 जादुई उपाय (10 Magical Tricks to Help you Fall Asleep Faster)

यहां हम आपके साथ दस बेहतरीन घरेलू उपायों के बारे में चर्चा करेंगे, जिनका पालन करके आप एक अच्छी सुकून भरी नींद पा सकेंगे, और यकीन मानिए, यह बिलकुल कठीन नहीं।

  1. योग और प्राणायाम (Yoga and Meditation could be your Best Friend)

योग और प्राणायाम हमारे सेहद के सच्चे साथी हैं। योग, आसन, मेडिटेशन सभी आपकी चिंता और तनाव को दूर करने के विविध तरीके हैं। नींद की शुरुआत में देरी और नींद की कमी को चिंता और तनाव से सीधे जोड़ा जा सकता है। पिछला दिन कैसा बीता, कल कैसे बीतेगा, यही सब सोच-सोच के हम खुद अपनी नींद के दुश्मन बन जाते है। हर पल भूत और भविष्य के बारे में सोच-सोच के अपना आज (वर्तमान) न खराब करें। जो होना है, वो तो होकर ही रहेगा, आपके या किसी के भी कुछ भी सोचने से कुछ नहीं बदलने वाला। हाँ, एक चीज जरुर बदल सकती है, आपकी तबियत खराब हो सकती है। सोते समय तनाव में होने से आपके सोने के समय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करने से आप चिंता से मुक्त रहेंगे और बाकी जरुरी चीजों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

योग आपके मन को शांत करने में मदद कर सकता है। मेरी सलाह होगी कि आप नियमित रुप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने का अभ्यास करें, जो कि मेरी माँ की सभी तकलीफों का एक इलाज है। यह सच में बेहद कारगर है, इसलिए आपको भी इसे आज़माना चाहिए। इस प्राणायाम में, आप अपने दाहिने नाक को अपने दाहिने अंगूठे से ढंकते हुए अपने बाएं नाक से सांस लें, फिर आप अपनी दायीं तर्जनी के साथ अपनी बाईं नाक को ढक लें और कुछ देर सांस को रोक कर रखें, फिर दाएं नाक से श्वास को धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। यही प्रक्रिया को बारी-बारी से दोनों नाकों से दोहरायें। इस चक्र को 2-3 मिनट तक जारी रखें। यह तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को कम करने के लिए सबसे अच्छा प्राणायाम माना जाता है।

2. सैन्य तकनीक (The Military Technique)

लेखक शेरोन एकरमैन ने अमेरिकी नौसेना प्री-फ़्लाइट स्कूल द्वारा विकसित सैन्य पद्धति पर एक लेख लिखा था, जिससे पायलट, प्रतिकूल परिस्थितियों में कैसे सो जाते हैं, ये बताया गया था। पायलटों को इस तकनीक का अभ्यास करने में छह सप्ताह का समय लगा, जिसके बाद उनमें से 96 प्रतिशत दो मिनट या उससे भी कम समय में सो जाने में अभ्यस्त हो गए।

  • इस अभ्यास में एक जगह पर बैठ जाना होता है; यदि आपके पास एक आरामदायक बिस्तर है, तो यह बहुत अच्छा है! यदि नहीं, तो जैसे प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को सीधे बैठने का प्रशिक्षण दिया गया था। आप भी वही करें।
  • आप अपने चेहरे को आराम देने के साथ शुरू करें, जिसमें आपके मुंह के अंदर की मांसपेशियां भी शामिल हैं। धीमे-धीमे गहरी सांसें लें।
  • तनाव छोड़ने के लिए अपने कंधों से शुरु करते हुए हाथों तक जाएं।
  • साँस छोड़ते हुए, अपनी छाती को आराम दें।
  • अपने पैरों, जांघों और पिंडली को आराम दें।
  • एक-एक श्वास के साथ महसूस करें, कि आपको बहुत आराम मिल रहा है।
  • किसी भी अन्य चीज़ के बारे में न सोचें। 10 सेकंड के लिए अपना दिमाग खाली करें। यदि आपको ऐसा करने में परेशानी हो रही है, तो कुछ आरामदायक चित्र देखें; जैसे आपका आरामदायक बिस्तर या झील में तैरती छोटी सी नाव, 10 सेकंड के लिए बस अपने दिमाग में उस तस्वीर पर ध्यान केंद्रित करें।
  • यदि आप अभी भी अपने मन को भटकते हुए पाते हैं, तो अगले 10 सेकंड के लिए अपने दिमाग में दोहरायें- ‘ज्यादा मत सोचो’। इसी बात को बार-बार बोलें। कुछ ही देर में आपको नींद आने लगेगी।
  • अब अच्छी और धीमी गति से सांस लेते रहें और खुद को सोने के लिए छोड़ दें।

3. 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक आजमाएं (Try the 4-7-8 Breathing Technique)

डॉ. एंड्रयू वेइल ने प्राचीन यौगिक तकनीक प्राणायाम पर आधारित "4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक" नामक एक श्वास तकनीक विकसित की है। ब्रीदिंग एक्सरसाइज आपके दिमाग के लिए प्राकृतिक ट्रैंक्विलाइज़र हैं, जो समय के साथ नींद की शुरुआत की विलंबता को कम करने में मदद करते हैं, ये अभ्यास तनावपूर्ण स्थितियों में भी काम आते हैं। बस एक शांतिपूर्ण जगह ढूंढें और अपनी सांस लेने की प्रक्रिया को शुरू करें।

यहाँ आप इस तकनीक का अभ्यास कर सकते हैं-

चरण 1- अपनी जीभ के सिरे को अपने ऊपरी सामने के दांतों के पीछे रखें, इस पूरे अभ्यास के दौरान, आप अपने मुंह से एक तेज़ ध्वनि निकालते हुए सांस छोड़ेंगे।

चरण 2- अपने मुंह को बंद करें, अपने मन में चार तक गिनती गिनने तक श्वास को लेते रहें।

चरण 3- अपनी सांस को रोके रहें और सात तक गिनें।

चरण 4- अपने मन में आठ की गिनती तक धीरे-धीरे सांस छोड़ें।

अब इस चक्र में कुल चार श्वासों तक दोहराते रहें। शुरु में इस अभ्यास के दो-दो सेट करें। यदि आपको लंबे समय तक सांस लेने में परेशानी हो रही है तो आप चरणों को तेज कर सकते हैं, लेकिन 4:7:8 का अनुपात समान रखें।

इस अभ्यास को 4 से अधिक सेट्स करने की कोशिश न करें, दिन में दो बार काफी है लेकिन अगर आपको यह आपकी स्थिति के लिए बहुत उपयोगी लगता है तो आप दिन में 4 बार कर सकते हैं। मेरी सलाह यह होगी कि आप इसे दिन में दो बार आज़माएं और यदि साँस लेने के व्यायाम आपके लिए काम कर रहे हैं, तो प्राणायाम के बारे में और जानें।

"4-7-8" विधि एक सरल लेकिन शक्तिशाली श्वास विधि है जो शांति और विश्राम को बढ़ावा देती है। इसमें एक श्वास पैटर्न होता है जो तंत्रिका तंत्र को आराम देता है। इसका अभ्यास कभी भी किया जा सकता है, जब आप चिंतित या तनावग्रस्त महसूस करते हैं।

4. अपनी मांसपेशियों को आराम दें, प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन तकनीक के द्वारा (Relax your Muscles)

आपका मानसिक तनाव, चिंता और परेशानी सिर्फ आपकी नींद को ही प्रभावित नहीं कर रहे हैं; अपितु आपको शरीरिक स्थिति को भी समान रूप से प्रभावित करते हैं। अपनी मांसपेशियों को आराम देने से अपने दिमाग को भी आराम मिलता हैं; प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन (पीएमआर) एक विश्राम तकनीक है। पीएमआर में अनिद्रा से पीड़ित लोगों की मदद की जाती है। अमेरिकी चिकित्सक एडमंड जैकबसन पीएमआर के निर्माता थे; 1930 के दशक में उन्होंने इस आधार पर पीएमआर विकसित किया कि मानसिक शांति शारीरिक विश्राम का एक स्वाभाविक परिणाम है। इसका पालन करने के लिए एक बहुत ही सरल तकनीक है, इसे अभ्यास करने के लिए प्रति दिन 10-20 मिनट की आवश्यकता होती है।

चरण 1- जब आप सांस लेते हैं, तो 5 से 10 सेकंड के लिए एक मांसपेशी समूह (जैसे आपकी कलाई) पर ध्यान केंद्रित करें, फिर धीरे-धीरे साँस छोड़ें और उस मांसपेशी समूह से तनाव मुक्त करें, ऐसा महसूस करें कि वहां से सारी चिंताएं और परेशानी बाहर निकल रही है।

चरण 2- अगले 10-20 सेकंड के लिए आराम करें और फिर किसी अन्य मांसपेशी समूह (जैसे आपकी अपर थाई) पर फोकस करें, अपने पेट, चेहरे, माथे, आंखों, नितंबों और टखनों के लिए भी यही प्रक्रिया दोहराएं।

हर बार जब आप साँस छोड़ते हैं तो हर सांस के साथ अपनी मांसपेशियों से तनाव मुक्त करने की कल्पना करें। महसूस करें कि आपके अंग-अंग से टेंशन निकल रहा है। इससे आपको अपने शरीर को प्रत्येक साँस छोड़ने के साथ सभी तनाव से दूर होने में मदद मिलेगी। आप मांसपेशियों के एक समूह (जैसे आपकी ऊपरी जांघों) से शुरू कर सकते हैं या आप शरीर के अलग-अलग हिस्सों (जैसे दाहिनी जांघ फिर बाईं जांघ) से शुरुआत कर सकते हैं; यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कितना समय मिला है। मैंने अभ्यास को मांसपेशियों के एक समूह के साथ समझाया है, इसके लिए आपको ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है; आप किसी भी क्रम में पीएमआर के बारे में जा सकते हैं, उदाहरण के लिए- आप पहले चेहरे की शिथिलता के लिए जा सकते हैं और आखिरी में पैरों की शिथिलता या इसके विपरीत।

5. एक्यूप्रेशर चमत्कार कर सकते हैं (Acupressure can do Wonders)

एक्यूप्रेशर लगभग हर बिमारी में बहुत सहायक सिध्द होता है, अनिद्रा के मामले में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा चुका है। इसने कई लोगों को रात की अच्छी नींद हासिल करने में मदद की है। इसलिए, मैं कुछ एक्यूप्रेशर बिंदुओं का उल्लेख करने जा रही हूं, जो आरामदायक नींद को प्राप्त करने में सहायक होंगे, आपको अपने लिए प्रयास करना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि यह आपके लिए काम कर रहे हैं या नहीं।

  • स्पिरिट गेट (Spirit Gate)- छोटी उंगली के नीचे आपकी बाहरी कलाई के क्रीज पर स्थित एक खोखला स्थान होता है जिसे एक्यूप्रेशर में स्पिरिट गेट के रूप में जाना जाता है। धीरे से दोनों कलाई पर 2-3 मिनट के लिए इसे सर्कुलर मोशन में धीरे-धीरे अपने अंगूठे से दबाएं, जो आपको जल्दी नींद लाने में मदद करेगा।
  • थ्री यिन इंटेरसेक्शन (Three Yin Intersection)- यह बिंदु आपके आंतरिक पैर पर आपके टखने के उच्चतम बिंदु से चार उंगली की दूरी पर स्थित है (एंकल से ठीक ऊपर)। इस बिंदु पर अपने अंतर्जंघिका (tibia) के पीछे गहरी दबाव के साथ 4-5 सेकंड के लिए ऊपर-नीचे गति में मालिश करें; यह आपको सुखद नींद लाने में मदद करेगा।
  • बबलिंग स्प्रिंग (Bubbling Spring)- यह हमारे पैरो के ठीक बीच में होता है, जब हम अपने पैरो को कर्ल करते हैं। यहां तेज दबाव करें और ऊपर-नीचे सर्कुलर मोशन में मालिश करें, यह माना जाता है कि यह आपकी ऊर्जा को बनाए रखता है और आपको सोने में मदद करता है।
  • इनर फ्रंटियर गेट (Inner Frontier Gate)- जिसे नी गुआन के नाम से भी जाना जाता है, यह एक्यूप्रेशर बिंदु आपके आंतरिक अग्र-भुजाओं के दो टेंडनों के बीच कलाई की क्रीज से तीन उंगली की चौड़ाई पर स्थित हो सकता है। यहां स्थित पॉइंट पर दबाएं और इस बिंदु को 4-5 सेकंड के लिए एक गोलाकार या ऊपर-नीचे गति में मालिश करें; सोने में मदद करने के साथ-साथ यह बिंदु मिचली, पेट दर्द और सिरदर्द का इलाज करने का अच्छा साधन है।
  • विंड पूल (Wind Pool)- यह एक्यूप्रेशर पॉइंट आपकी गर्दन के पीछे स्थित होता है, जहाँ आपकी गर्दन की मांसपेशी खोपड़ी से जुड़ी होती है। अपने हाथों को आपस में मिलाएं और फिर अपनी हथेलियों को खोलते हुए अपनी उंगलियों को आपस में जोड़कर एक कप जैसी आकृति बनाएं। 4-5 सेकंड के लिए सर्कुलर मोशन में मालिश करते समय अपनी खोपड़ी की ओर गहरे और मजबूत दबाव को लागू करने के लिए अपने अंगूठे का उपयोग करें। यह आपके दिमाग को शांत करने और आपको अच्छी नींद दिलाने में मदद करता है।

6. संगीत आपको सुखद नींद लाने में मदद कर सकता है (Music can Help you Drift off in Sound Sleep)

कुछ लोग शोर में भी सो लेते हैं, लेकिन कुछ लोग शांत वातावरण में भी नहीं सो पाते। जैसे सभी जीव अलग होते है, उसी तरह उनकी आदतें और क्रिया-कलाप भी अलग होता है। हर इंसान अपने आप में खास होता है। इसी तरह नींद की आदत भी व्यक्ति-व्यक्ति में भिन्न होती है। जहां एक ओर बहुत ज्यादा शोर से बेचैनी, झुंझलाहट होती है, वहीं बहुत ज्यादा शांति कुंठा और निराशा पैदी करती है। यह दोनों स्थितियां हमारी नींद के लिए अच्छी नहीं है।

संगीत या आरामदायक प्राकृतिक आवाज़ों से हमें सोने में मदद मिलती हैं और कुछ मामलों में इससे जल्दी नींद भी आ जाती है, पर ऐसा सबके साथ नहीं होता है। संगीत स्ट्रेस-बर्नर होता है। मुझे जब नींद नहीं आती है, तो मैं एकदम धीमें आवाज में गाने सुनने लगती हूँ, इससे मुझे कुछ ही देर में नींद आ जाती है। यह सच में कमाल का तरीका है, आप सभी को इसे एक बार जरुर ट्राई करना चाहिए।

7. किताबें आपकी सच्ची दोस्त होती हैं (Books are your True Friend)

इस बात पर समय बर्बाद करने के बजाय कि आप सो क्यों नहीं पा रहे, आपको अपने अध्ययन कक्ष या अपने घर के किसी भी कोने में चले जाना चाहिए और कुछ समय पढ़ने में बिताना चाहिए। कुछ ऐसा पढ़ें जो आपके लिए दिलचस्प न हो, कुछ उबाऊ सा। अब इससे आप भी सहमत होंगे कि कुछ उबाऊ पढ़ने से हमें तुरंत नींद आने शुरु हो जाती है।

8. अपने विद्रोही दिमाग को अपना काम करने दें (Let your Rebellious Mind do its Job)

हम सभी अपने बचपन में विद्रोही प्रवृत्ति के होते है। जिस काम के लिए बड़े मना करते है, उसे बच्चे जरुर करते हैं। हमारा दिमाग भी कुछ इसी तरह का होता है, इसे जिस बात के लिए मना करो, वो जरुर करना चाहता है। यह आखिर इस बात की खोज में लग जाता है कि क्यों उसे, उस काम को करने के लिए मना किया जा रहा है। और जब तक वह बात की जड़ तक न पहुंच जाए, उसे चैन नहीं मिलता है।

इसीलिए जब आपको नींद न आ रही हो, और सोना चाहते हो तो, इसकी उल्टा करने की कोशिश करें। कहने का मतलब है कि खुद को जगाए रखने की कोशिश करें। अपनी आंखों को बड़ा करें। और अपने दिमाग को संकेत दे कि आप नहीं सो रहे। यकीन मानिए, कुछ ही पलो में आपका सिर भारी होने लगेगा, आपको उबासी और नींद आना शुरु हो जायेगा।

9. कुछ अलग करके देखें (Torture yourself)

हाँ मुझे पता है! यह पहले से ही काफी परेशान है कि आप सही समय पर सो नहीं सकते हैं और स्वयं को पूरे दिन थका हुआ और बेचैन पाते हैं और मैं आगे कुछ नया करने का सुझाव दे रही हूं। लेकिन मुझ पर भरोसा करें, अगर आपकी चिंता और तनाव आपको पूरी रात जगाए रखती है तो आपके चेहरे को बर्फ के ठंडे पानी में डुबोना आपको और आपके दिमाग को शांत कर सकता है। बर्फ के टुकड़ो से भी आप अपने चेहरे को भीगा सकते है। यह बेहद कारगर तरीका है, जब कोई अन्य तरीका काम न करें तो यह प्रक्रिया अवश्य अपनाएं।

10. अरोमाथेरेपी (Aromatherapy)

अरोमा थेरेपी में विविध प्रकार के सुगंधित तेलों का प्रयोग होता है। यह थेरेपी थकान को दूर करने में सहायक होती है, जिससे अच्छी नींद आती है। कई प्रयोगो में देखा गया है कि लेवेंडर आदि तेलों की मसाज से बहुत अच्छी नींद आती है। इनकी मंद-मंद खुशबू से मन को बहुत सुकून मिलता है। शरीर के साथ-साथ दिमाग भी रिलैक्स हो जाता है।

निष्कर्ष

ये सभी तकनीकें वो हैं, जो आपको अच्छी और स्वस्थ नींद प्राप्त करने के लिए चाहिए। लेकिन अगर आप तीन महीने से अधिक समय तक प्रति सप्ताह कम से कम तीन रातें सोने में परेशानी का सामना कर रहे हैं तो आप पूरी तरह से अनिद्रा से पीड़ित हो सकते हैं। अपने डॉक्टर या नींद विशेषज्ञ के साथ संपर्क करें। इसके अलावा कभी भी स्वयं दवा लेने की कोशिश न करें, केवल निर्धारित दवाइयां ले, अगर जरुरत हो तब, अन्यथा न लें। हमारे बताए हुए ये तरीके वास्तव में काम करते हैं, बस धैर्य रखें और उन्हें आजमाते रहें।