छात्रों में आत्म-विश्वास बढ़ाने के 12 प्रभावी उपाय

12 Effective Tips to Improve Self-Confidence among Students

आत्मविश्वास एक ऐसा चीज है, जो आपको अपने ज्ञान और क्षमताओं के बारे में आश्वस्त कराता है। यह आपको अंदरुनी तौर पर मजबूत बनाता है और स्वयं पर विश्वास करना सिखाता है। आत्मविश्वास से चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता विकसित होती है और आपका स्वरुप ही बदल जाता है। जो छात्र अपनी प्रतिक्रिया देने में तेज होते हैं और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हैं, उन्हें उन लोगों की तुलना में अधिक आत्मविश्वासी कहा जा सकता है जो ज्यादा बात नहीं करते हैं या अन्तर्मुखी होते हैं। जिस क्षण आपको किसी प्रकार का संदेह या ज्ञान की कमी होती है, वह आपके आत्मविश्वास में भी झलकने लगता है।

आत्मविश्वास को एक भावना के रूप में भी परिभाषित किया गया है। आत्मविश्वास की कमी वास्तव में आपको नीचे की ओर ढ़केल सकती है। एक आत्मविश्वासी व्यक्ति हमेशा खुद पर विश्वास करता है और किसी भी चुनौती को स्वीकार करने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। शिक्षक बड़ी आसानी से कम आत्मविश्वास वाले छात्रों का पता लगा सकते हैं, क्योंकि एक आत्मविश्वास से भरा बच्चा अधिक रुचि के साथ अपने गृहकार्यो को करता है और मौखिक उत्तर भी बड़ी सक्रियता से देता है।

ऐसा संभव है कि एक छात्र गणित (मैथ्स) में कमजोर हो सकता है, लेकिन अंग्रेजी में बहुत अच्छा हो। इस प्रकार की स्थिति में एक छात्र अंग्रेजी में बहुत आश्वस्त हो सकता है लेकिन मैथ्स में अपना आत्मविश्वास खो सकता है। स्थिति के आधार पर, एक ही व्यक्ति दोनों प्रकार के हो सकते हैं।

विद्यार्थियों में आत्मविश्वास को कैसे विकसित करें (How to Develop Self-Confidence in Students)

कहते है न, हाथ की पाँचो उंगलियां बराबर नहीं होती, उसी तरह सारे बच्चे भी एक जैसे नहीं होते। बाल मनोवैज्ञानिक ‘जीन पियाजे’ कहते है, कि सभी बच्चे अपने आप में खास होते हैं। चूंकि सभी छात्र अलग-अलग मानसिक क्षमताओं के साथ पैदा होते हैं इसलिए हम उन्हें बदल नहीं सकते हैं, हाँ हम उनमें सुधार जरुर कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, जैसे उत्प्रेरक किसी रासायनिक क्रिया की गति को कई गुना बढ़ा देते हैं, उसी प्रकार प्रेरणा, आत्मविश्वास को बढ़ाने में उत्प्रेरक जैसा काम करते हैं।

आइए इससे जुड़ी एक कहानी सुनाते हैं, एक राजा था, उसके पास एक पुराना घोड़ा था और घोड़ा बहुत शक्तिशाली था। राजा हर लड़ाई उसी के कारण जीतता था। एक दिन घोड़ा बीमार हो गया और उठने में सक्षम नहीं था, चूंकि यह राजा का भाग्यशाली घोड़ा था और वह लड़ाई में घोड़े को ले जाना चाहते थे। अतः राजा को एक विचार आया और उसने अपने मंत्रियों से युद्ध का बिगुल बजाने के लिए कहा। घोड़े ने आवाज सुनी, खुद को साहस दिया और उठ खड़ा हुआ और लड़ाई के लिए तैयार हो गया। यह उसका आत्मविश्वास ही था, जिसने उसे बीमार होने के बावजूद, खड़ा कर दिया। आत्मविश्वास हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए हमेशा खुद पर विश्वास होना चाहिए और प्रेरित रहना चाहिए।

हमने यहां आपके आत्मविश्वास को विकसित करने के लिए कुछ बिंदुओं पर चर्चा की है:

  1. खुद की सराहना करें

यदि आप पहले से ही अपनी कमजोरी को जानते हैं, तो इसे कहीं पर नोट कर लें और उसके अनुरुप एक योजना बनाएं और उन बिंदुओं पर ध्यान दें, जिन्हें आपको सुधारने की आवश्यकता है। अपनी पूरी कोशिश करें और परिणाम के बारे में न सोचें, क्योंकि आपने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प आदि के लिए स्वयं की सराहना करें। आम तौर पर, लोग आपकी मेहनत को नहीं देखते हैं, वे बस आपके परिणाम से आपको आंकते हैं, इसलिए हमेशा खुद की सराहना करें; क्योंकि यह आपको प्रेरित रखेगा और आपको आशावादी बना देगा। एक बार अगर आप आशावादी प्रवृत्ति के बन गये, तो यह स्वतः ही आपका आत्मविश्वास बढ़ा देगा।

2. अपने आप को स्वीकार करें

कभी-कभी हम अपने लुक के कारण अपना आत्मविश्वास खो देते हैं, या जब हम किसी विशेष विषय में कम अंक प्राप्त करते हैं या और भी कई कारण हो सकते हैं, जिससे हमारा आत्मविश्वास बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। अतः सिर्फ एक ही चीज़ के लिए अपनी उम्मीद न खोएं, क्योंकि सभी विषय में सर्वोच्च अंक हासिल करना आवश्यक नहीं है। यह संभव है कि आपको अन्य विषयों में अच्छे अंक मिल रहे हों।

3. अपनी क्षमताओं को जानें

अपनी क्षमताओं को जानने की कोशिश करें, क्योंकि हर कोई आइंस्टीन नहीं हो सकता है और न ही ऐश्वर्या राय जैसा दिख सकता है। हर किसी की एक अलग पहचान और क्षमता होती है। इसलिए, इस बात को सहर्ष स्वीकार करें कि आप क्या हैं और क्या-क्या कर सकते हैं। हो सकता है, जो आप कर सके, वो कोई और न कर पाये। स्वयं को किसी से कम न समझे।

यदि आप मैथ्स में अच्छे नहीं हैं तो आपको उसे सीखने के लिए प्रयासरत होना चाहिए, फिर यह आपको परेशान नहीं करेगा, और उस विषय के प्रति आपका डर भी छूमंतर हो जायेगा। उन कौशलों को चमकाने की कोशिश करें जो आप में अद्वितीय हैं। आप एक अच्छे गायक या खिलाड़ी हो सकते हैं। सबसे पहली बात यह है कि अपनी शक्ति और कमजोरी को खुशी-खुशी स्वीकार करें।

4. उन चीजों को करें, जो आपको पसंद हो

विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने से, हमें अपनी क्षमताओं को पहचानने में मदद मिलती है क्योंकि कभी-कभी हम एक अच्छे कलाकार या जन्मजात गायक हो सकते हैं, और हमें पता ही नहीं होता; क्योंकि हमने अपने शौक को जानने और करने की कोशिश ही नहीं की होती है। जब हम उन चीजों को करते हैं जिन्हें करके हमें बेहद खुशी मिलती है, तो हम अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं और साथ ही उन्हें करने का आनंद भी लेते हैं। जब आप अपनी ताकत जानते हैं, तो यह हमारे/आपके आत्मविश्वास के स्तर को कई गुना बढ़ा सकता है।

5. खुद पर विश्वास करना सीखें

अपने आप पर विश्वास करना, आत्मविश्वास को विकसित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। स्वयं को बार-बार यह विश्वास दिलाएं कि आप कुछ भी कर सकते हैं। किसी भी लक्ष्य या प्रतियोगिता से कभी मत डरें। सभी के मस्तिष्क का आकार समान है, केवल अंतर यह है कि वे इसका कितना उपयोग करते हैं और कैसे करते हैं। इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है, इसलिए हमेशा खुद पर विश्वास रखें। यदि आप किसी विषय में कमजोर हैं, तो इससे भी न डरें। उसके लिए एक अच्छा शिक्षक रखें और यह निश्चित रूप से आपके लिए लाभकारी सिध्द होगा।

6. सब कुछ ठीक न करें

हर कोई आपको नहीं जान सकता और न ही आपको इसका प्रयास करना चाहिए। हर बार दूसरों की बातों में आकर खुद को सही-गलत न आंके और न ही इसे ठीक करने की चेष्टा करें।

इसके अलावा, हर बार बड़े बच्चों को सही न करें, क्योंकि हर बार उन्हें सही करने से उनका आत्मविश्वास डगमगा सकता है। बच्चे अपनी गलतियों से ही ज्यादा सीखते हैं, इसलिए उन्हें स्वतंत्र छोड़ दें, क्योंकि इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और विफलता से निपटने में मदद मिलेगी।

7. हर सफलता का जश्न मनाएं

छात्रों के लिए प्रशंसा और उत्सव (सेलीब्रेशन) दोनों आवश्यक हैं। इसलिए, हमेशा उनकी सफलता का जश्न मनाएं, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, बस उन्हें खुश होने का मौका दें। इससे उन्हें अधिक प्रयास करने और कुछ बेहतर करने के लिए कड़ी मेहनत करने में मदद और प्रोत्साहन मिलता है। जब माता-पिता उनका समर्थन और तारीफ करते हैं तो बच्चे वास्तव में बेहद खुश होते हैं।

8. अपनी उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करें

कभी-कभी छात्र कुछ व्यक्तिगत हाव-भाव के कारण एक-दूसरे का मजाक उड़ाते हैं, जैसे कि कोई बहुत मोटा या पतला हो, या उनके वर्ण पर। इन बातों से उनका आत्मविश्वास हिल सकता है। इसलिए, हमेशा अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि दुनिया हमेशा सफल लोगों की प्रशंसा करती है। इसलिए, कभी विचलित न हों क्योंकि शारीरिक कमी को पैसे से बदला जा सकता है, लेकिन आप सफलता नहीं खरीद सकते।

9. सामाजिक होने की कोशिश करें

जितना अधिक आप सामाजिक गतिविधियों में शामिल होते हैं, उतना ही कम आपके पास किसी भी तरह के फालतू और नकारात्मक बातों के लिए समय होता है। सामाजिक होना, आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। क्योंकि विभिन्न प्रकार के लोगों से बात करने के लिए साहस की आवश्यकता होती है और यह आपके आत्मविश्वास स्तर को स्वाभाविक रूप से विकसित करता है।

10. सकारात्मक रहें

हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण प्राप्त करने का प्रयास करें, क्योंकि अच्छे और सकारात्मक विचार सकारात्मक चीजों को आकर्षित करते हैं। यह एक तथ्य है, कि यदि हम एक नकारात्मक विचार विकसित करते हैं तो हमारा मस्तिष्क दस और नकारात्मक बातों को बुनने लगता है। इसलिए, हमेशा सकारात्मक रहें और यह जीवन के प्रति आपके दृष्टिकोण को बदल देगा और आपके आत्मविश्वास का स्तर विकसित करेगा।

11. एक क्षमाशील स्वभाव विकसित करें

जब आपके पास क्षमाशील स्वभाव होता है, तो आप आसानी से किसी को भी माफ कर सकते हैं और यह हमेशा आपको विनम्र बनाएगा। जब आप विनम्र होंगे तो आपके पास एक सकारात्मक दृष्टिकोण होगा और इससे आपका आत्मविश्वास का स्तर विकसित होगा। दूसरों को क्षमा करने से हमारा मन मुक्त और ताजा हो जाता है। एक विनम्र व्यक्ति हमेशा दूसरों के विचारों का सम्मान करता है और दूसरों से नई चीजें सीखने की कोशिश करता है। इसलिए, क्षमाशील स्वभाव होने से आपका आत्मविश्वास स्तर भी विकसित हो सकता है।

12. तुलना न करें

हर छात्र की अलग-अलग मानसिक क्षमताएं होती हैं, इसलिए हमें उनकी किसी भी अन्य से तुलना नहीं करनी चाहिए। कुछ नृत्य में अच्छा कर सकते हैं, जबकि कुछ खेल में अच्छे हो सकते हैं, जबकि कुछ पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। जब हम तुलना करना शुरू करते हैं तो बच्चे अपना विश्वास खो देते हैं और निराशा महसूस करते हैं। इसलिए, तुलना करने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, क्योंकि इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और साथ ही, वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

छात्रों में आत्म-विश्वास विकसित करने के लिए कुछ रोचक गतिविधियाँ (Some Interesting Activities to Build-up Self Confidence in Students)

हमने कुछ गतिविधियों पर चर्चा की है जो निश्चित रूप से आपके आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाएगा।

  1. एक कृत्रिम साक्षात्कार (मॉक इंटरव्यू) ले

एक सर्वेक्षण में यह पाया गया है कि साक्षात्कार का सामना करने से आत्म-विश्वास विकसित होता है। जिस समय हम एक साक्षात्कार का सामना करते हैं और अपनी रुचि या शौक से संबंधित विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हैं, हम अच्छा महसूस करते हैं और इस तरह आत्मविश्वास स्तर अपने आप बढ़ जाता है। इसलिए, घर पर एक परिदृश्य (मॉक इंटरव्यू) बनाएं और अपने भाई-बहनों से अलग-अलग प्रश्न पूछें।

2. आइने (मिरर) को अपना मित्र बनाएं

यह आपके डर को दूर करने और आत्म-सम्मान को विकसित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। दर्पण के सामने बात करना या उत्तर देना आपके चेहरे के भावों को दर्शाता है और कोई भी चेहरे की खराब अभिव्यक्ति नहीं चाहता है। यदि हम अपने चेहरे पर एक मुस्कान जोड़ते हैं तो यह हमारे अंदर आत्मविश्वास की भावना को स्वतः ही विकसित कर देता है। लगभग एक महीने तक लगातार इसका प्रयास करें।

3. जोर से बोलना

जोर से बोलना कभी-कभी हमारे लिए फायदेमंद भी हो सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि मैं ये क्या बोल रही हूँ। पर सच मानिए ऐसा कई शोधों में सिध्द हुआ है कि जब हम आवेश में अपने गुस्से और तनाव को बाहर निकालते हैं तो हमें काफी हल्का महसूस होता है। आप खुद सोच के देखिए, ऐसा हर किसी के जीवन में कभी न कभी जरुर हुआ रहता है। इसके लिए अपने घर पर इसका अभ्यास करें या किसी पार्क में या किसी ऐसी जगह पर जाएँ, जहाँ आप चिल्ला सकें और हर दिन एक सत्र (सेशन) अवश्य करें और आप कुछ ही हफ्तों में परिणाम देख सकते हैं। यह न केवल आपको तनाव-मुक्त करेगा बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।

4. प्राथमिकताएं तय करें

एक पेपर लें और उन चीजों को लिखें जो आप करना चाहते हैं और उन चीजों को भी जो आप पसंद नहीं करते हैं। दिन में दो गतिविधियाँ चुनें, एक को पसंद करना और एक को नापसंद करना। नापसंद के लिए उचित कारण का पता लगाएं। जब हम अपनी नापसंदगी के पीछे का उचित कारण जानते हैं तो हम आसानी से उससे दूर हो सकते हैं क्योंकि कभी-कभी, हमारी नापसंदगी हमारे अंदर एक तरह का डर पैदा कर देती है।

उदाहरण के लिए, रिया को डांस करना बहुत पसंद है, लेकिन उसे एक स्टेज फोबिया (डर) था, नतीजतन, उसने अपना आत्मविश्वास खो दिया। उसके कम आत्मसम्मान के पीछे का कारण उसका फोबिया था। उसका इलाज किया गया और अब वह एक प्रसिद्ध नर्तकी है। इसी तरह, आपको उन चीजों का कारण पता होना चाहिए जो आपको परेशान करती हैं।

5. आत्म-विश्वास का महत्व

छात्रों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमेशा प्रेरणा की आवश्यकता होती है और प्रेरणा से आत्मविश्वास बढ़ता है। आत्मविश्वास सीधे हमारी सफलता से जुड़ा होता है। जितना अधिक छात्र प्रेरित होता है, उतना ही अधिक अंक वह हासिल कर सकता है।। जबकि एक पीड़ित बच्चा आसानी से हार मान सकता है और अपनी महत्वाकांक्षाओं और आशा को खो सकता है। हम विश्वास को सफलता के लिए महत्वपूर्ण और आवश्यक कारकों में से एक कह सकते हैं। कभी-कभी कम आत्मविश्वास भी छात्रों को अवसाद और आत्मघाती प्रयासों की ओर ले जाता है। इसलिए, आत्मविश्वास को विकसित करना बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह पावर बूस्टर के रूप में काम करता है। यह विश्वास ही है जो एक लूज़र को विनर में बदल सकता है।

निष्कर्ष

छात्रों के आत्मविश्वास में कमी या वृध्दि; जगह और परिस्थिति पर निर्भऱ करता है। वही व्यक्ति बास्केटबॉल कोर्ट में नायक की तरह प्रदर्शन कर सकता है, लेकिन कक्षा में एकदम चुप और गुमसुम दिखाई पड़ सकता है। सब जगह और स्थिति का खेल है। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि सभी में कुछ विशिष्ट गुण होते हैं और उन्हें कक्षा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। हमें हमेशा छात्रों के बीच में कुछ प्रेरक कक्षाएं (क्लासेस) कराने की कोशिश करनी चाहिए। जिस तरह हमारे शरीर को कुछ मल्टीविटामिन्स की जरूरत होती है, उसी तरह जीवन को बनाए रखने के लिए हमारे विचारों को भी प्रेरणा की जरूरत होती है। ये प्रेरणा हमारे विचारों के लिए मल्टी-विटामिन की तरह ही कारगर होते हैं।