क्या आप जानते है प्यार में व्यवहारिक कैसे बने - Do You Know How to be Practical in Love!

जीवन हम मे से बहुत से लोगो के लिए हमेशा आसान नही होती है, बहुत से लोग ऐसे होते है जो कभी नाटक नही करते है और उनकी टेंशन साफ दिख जाया करती है। वास्तव मे साधारण तौर पर यहां दो प्रकार के लोग होते है, उनमे से एक भावात्मक और दुसरे को व्यवहारिक व्यक्ति के रुप मे जाना जाता है। व्यवहारिक व्यक्ति के लिए कुछ भी कभी आसान नही होता है, और खासतौर पर प्यार उनके लिए आसान नही होता है। आपके लिए मैने यहां कुछ तरीकों को आपके सामने प्रदर्शित किया है, और मुझे विश्वास है कि यह आपकी अवश्य मदद करेगी।

प्यार, सुरक्षा, देखभाल और स्नेह एक भावना होती है जो कि हमे अपने से जुड़े किसी रिश्ते से मिलता है, चाहे वो आपका साथी हो या अपके परिवार का कोई सदस्य, वह कोई भी हो सकता है। आमतौर पर जब आप प्यार मे होते है तो आपको ऐसा महसूस होता है कि पंछी आपके लिए गा रहे है, मौसम बहुत ही सुहावना हो गया है और आपको कई अन्य प्रकार की सुखद अनुभूति होती है। क्या आप जानते है कि आपके साथ ऐसा क्यो होता है? वो इसलिए की आप बहुत खुश होते है। इससे यह साबित होता है कि प्यार मे बहुत सारी शक्तियां होती है जो किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह से बदल देता है। लेकिन जब कभी हम प्यार मे असफल हो जाते है तो हम अपनी सारी उम्मीदें खो देते है। यदि आप इस तरह के व्यक्ति मे से है तो यह लेख खासतौर से आपके लिए ही है।

How to be practical in love
How to be practical in love

क्या आप कभी किसी संत से मिले है? आपने देखा होगा कि वो हर परिस्थिति मे एक जैसे ही रहते है, क्योकि वो व्यवहारिक रुप से सोचते है और हर स्थिति मे एक जैसे बने रहते है। मैने प्यार मे व्यवहारिक बनने के कुछ अद्भुत उपायों के बारे मे यहां आपको बताया है जो आपके प्रेम जीवन मे बहुत से बदलाव ला सकते है।

प्यार मे व्यवहारिक होने के 6 आसान और प्रभावी तरीके - 6 Easy and Effective Tips/Ways to be Practical in Love

  1. धैर्य रखें और ध्यान से सुनें

व्यवहारिक प्यार का सबसे पहला नियम है, एक दुसरे की बातों को अच्छे से सुनना और अनकही बातों को समझने की कोशिश करना। जैसा की लोगों द्वारा कहां जाता है कि प्यार की कोई भाषा नही होती है और इसे जाहिर करने के लिए शब्दों की जरुरत नही होती है, आप व्यवहारिक बने और यदि कोई कुछ कहना चाहता है तो आप ध्यान से चुपचाप उसकी बातों को सुनें।

यह बहुत अच्छी गुणवत्ता है और यह आप मे देखभाल और सम्मान की भावना को बढ़ाती है। यह काफी तार्किक है और स्वचलित रुप मे कार्य करता है, यदि आप किसी की बातों (शब्दों) और उसकी भावनाओं पर ध्यान देते है तो निश्चित रुप से यह आप दोनो के बीच के संबन्धों को और मजबूत बनाने मे मदद करता है।

2. ध्यान रखें और अपने प्यार को इजहार करें

जैसा कि प्यार एक भावना होती है, तो आपको अपनी भावना को व्यक्त करने की जरुरत है, और यदि आप किसी को पाना चाहते है तो आपको प्रैक्टिकल होने की जरुरत है। आप अपनी साधारणता और प्रस्तुति पर ध्यान न दें। यदि आपको कोई सच्चा प्यार करता है तो वह इन सब बातों पर ध्यान नही देता कि आपके पास क्या है, और वह केवल आपके दिल को देखता है। क्योंकि प्यार वास्तव मे बहुत शुध्द होता है और इसे साबित करने के लिए किसी लम्बोर्गिनी की आवश्यकता नही है।

इसलिए, कभी भी आप अपने बैंक बैलेंस का दिखावा न करें, चुनाव हमेशा दिल से करें दिमाग से नही। क्योकि दिमाग एक खाई बना सकती है पर दिल नहीं। सच्चाई और उनके तथ्यों से कभी मुह न मोड़े, उन्हे अपने दिमाग मे रखकर आगे बढ़े और अपने दिल की बात को व्यक्त करे। यदि वो इससे सहमत है तो उनके लिए अच्छा है और नही तो उनके लिए नुकसान है।

3. निष्पक्ष लड़ना

किसी भी रिश्ते मे एक साधारण बात पर लड़ाई हो जाना एक सामान्य सी बात है, और यदि कभी ऐसा होता है तो सही है क्योकि आप एक रिश्ते मे जूड़े होते है। यह शोध की उन बातों को सही साबित करता है कि रिश्ते मे छोटे-छोटे झगड़े ही प्यार को बढ़ाते है और आपके प्यार को सच्चा और मजबूत बनाते है।

कभी-कभी वो अपने विषयों से भटक कर अन्य तरीके से लड़ना शुरु कर देते है और कभी-कभी वो एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते है। कभी-कभी यह लड़ाई केवल उन चीजों के लिए होता है जो आप दुसरे से वो चीज चाहते है और जब आपका साथी उसके लिए मान जाता है तो लड़ाई खत्म हो जाती है और वे एक दूसरे के और करीब आ जाते है। निष्पक्ष लड़ाई के लिए कुछ सरल बिन्दुओं का पालन करें।

  • मुद्दा न भुलें और एक नयी शुरुआत करें – यह अक्सर होता है कि लोग मुख्य मुद्दे को भुलाकर किसी अन्य समस्या पर लड़ना शुरु कर देते है। इसलिए आप केवल एक मुद्दे पर बने रहे, खुद को किसी अन्य बातों पर भ्रमित न करे और एक निष्पक्ष लड़ाई लड़े।
  • दुर्व्यवहार न करें या नाम न पुकारें – लड़ाई के दौरान यह संभव होता है कि आप आपा खो देते है और एक दूसरे के साथ दुर्व्यवहार या गाली देना शुरु कर देते है। ऐसा कभी न करें क्योकि ऐसे शब्दों के द्वारा आप एक दूसरे को बहुत ज्यादा चोट पहुचाते है। यह बात आपके साथी के दिल मे घर बना सकता है और कभी-कभी यहां तक संभव है कि वह आपकी ऐसी बातों को कभी भुला न सके।
  • आप जो चाहते है उसे स्पष्ट करें – यदि आपको अपने साथी के किसी आदत को लेकर समस्या होती है तो आप उस बारे मे उससे स्पष्ट रुप से बात करें और अपने साथी को भ्रमित न करें क्योकि तब वह उस बात को आसानी से समझ कर उस मामले को दूर करने की कोशिश कर सकेगा।
  • मॉफी मांगे – यदि किसी बात मे आपकी गलती हो तो आप उसे स्वीकार करे और उस बात के लिए मांफी मांगने मे संकोच न करें। किसी भी रिश्ते मे यह बहुत आवश्यक होता है कि आप अपनी गलतीयों को स्वीकार करे, आप वर्तमान मे रहकर और इसे व्यवहारिक रुप से सोचना आपके लिए बहुत आवश्यक है। क्योकि यह आपके रिश्ते मे सद्भाव लाता है और आपके रिश्ते को और मजबूत बनाता है।

4. हमेशा संदेह न करें

कभी-कभी यह संभव होता है कि हम अपने साथी पर संदेह करते है, इसलिए आप परेशान या हैरान होने के बजाय पुंछे, यदि आपके पास कोई पुख्ता सबूत हो तो और यदि वो इस बात को खुद स्वीकार कर लेता है तो आप उसकी गलती के लिए उसे मांफ कर दें और जब वह अपनी गलती को खुद मानता है तो यह बात बहुत मायने रखती है। अपनी आंखे बंद न करें लेकिन हर बार अपने कानों पर भी भरोसा न करें।

5. स्नेह दिखाएं

मनोवैज्ञानिक रुप से यह स्पष्ट है कि हर व्यक्ति को प्यार और स्नेह की आवश्यकता होती है, इसलिए आप अपने प्यार और स्नेह को दिखाने से कभी डरे नही। सामान्य रुप से पुरुष अपने स्नेह को दिखाने मे सक्षम नही होता है और यह बात आपका साथी भी अच्छी तरह से जानता है, यदि आप कोशिश कर आगे बढ़ते है तो निश्चित रुप से यह आपके साथी को पसंद आता है और वास्तव मे यह आपके रिश्ते को और अधिक मजबूत बना सकता है।

6. स्थान दें

जीवन मे हर किसी का एक निजी स्थान होता है और वह उसके साथ अपना कुछ समय बिताना चाहता है। इसलिए आप उन्हे इसके लिए दोष न दे और इसके लिए आप उन्हे कुछ समय दें। आप एक अज्ञानी जैसा वर्ताव न करें क्योकि किसी भी रिश्ते मे आमतौर पर लोग सभी चीजों का मजाक उड़ाते है और निजी स्थान जैसी बात को नही समझते है। दरअसल वो इस चीज को समझना नही चाहते है, इसलिए भावात्मक व्यक्ति की तरह नही एक व्यवहारिक व्यक्ति के रुप मे इसके बारे मे सोचें।

उन्हे समय दें और अपने रिश्तों को और मजबूत बनाएं। एक दुजे के साथ मिलकर प्यार का आनंद ले और यदि यह आपके लिए बहुत मुश्किल नही है तो ऐसे मे आप अपने प्रियजनों के लिए बहुत छोटी छोटी चीजों का त्याग कर सकते।

निष्कर्ष

एक दुसरे के साथ मिलकर आनंद लेना ही प्यार होता है और यह आपका अपना कोई भी हो सकता है। आप उपर दिये चरणों को अपनाकर आप प्यार मे व्यवहारिक बन सकते है। यदि आप किसी से भावनात्मक रुप से जुड़ते है तो निश्चित रुप से यह आपको नुकसान पहुचा सकता है इसलिए अपने जीवन को संतुलित बनाए रखने के लिए एक प्रैक्टिकल व्यक्ति बने। किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा उत्पन्न की गयी गलतफहमी से बचें क्योकि यह आपके जीवन मे प्यार को मिटा सकता है। इसके कारण कई अन्य समस्याए भी पैदा हो सकती है। इसलिए हमेशा अपने दिल के साथ-साथ अपने दिमाग का भी इस्तेमाल करे, तभी आप किसी भी प्रकार की भावात्मक यातना से सुरक्षित रह सकते है।