क्रिसमस पर निबंध

क्रिसमस पर लिखे गए इन प्रतिबिंबित निबंधों के साथ क्रिसमस महोत्सव की खुशीपूर्ण भावना का आनंद लें। क्रिसमस ईसाइयों का प्रमुख त्योहार है। यहाँ पर हम छोटे और बड़े दोनों प्रकार के क्रिसमस पर निबंध उपलब्ध करा रहे है जो हमारे लेखक द्वारा आपके लिए लिखे गए है। इन निबंधों को आसान शब्दों में लिखा गया है जो की विद्यार्थियों को उनके स्कूल प्रोजेक्ट तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता आदि के लिये उपयुक्त साबित होगा।

क्रिसमस पर निबंध (Long and Short Essay on Christmas in Hindi)

Find here some essays on Christmas in Hindi language for students under 100, 200, 300, 400, 500 and 600 words limit.

क्रिसमस पर निबंध 1 (100 शब्द)

बच्चे क्रिसमस का बेसब्री से इंतजार करते है। वो मानते है सांता आएगा और उन लोग के लिए ढेर सारा गिफ्ट लाएगा। क्रिसमस एक बड़ा त्योहार है जिसे लोगों द्वारा ठंड के मौसम में मनाया जाता है। इस दिन। पर सभी एक सांस्कृतिक अवकाश का लुत्फ उठाते है तथा इस अवसर सभी सरकारी (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्र आदि) तथा गैर-सरकारी संस्थान बंद रहता है।

इस उत्सव को लोग बहुत उत्साह और ढ़ेर सारी तैयारियों तथा सजावट के साथ मनाते है। यह हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है । इसे ईसा के भोज दिवस के रुप में भी जाना जाता है तथा प्रभु ईसा के जन्मदिवस के सम्मान में मनाया जाता है। ईसाई धर्म के लोगों के लिये ये एक बड़े महत्व का दिन है। क्रिसमस का त्यौहार 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को केक खिलाकर त्यौहार की बधाई देते हैं। सांताक्लाज का रूप धरकर व्यक्ति बच्चों को टॉफियां-उपहार आदि बांटता है।

क्रिसमस

क्रिसमस पर निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना

क्रिसमस शब्द अंग्रेजी के दो शब्दो से मिलकर बना है,  christ और mass जिसमे Christ  का मतलब ‘क्रिस्टियन’ और mass का मतलब ‘लोग’ होता है। साल के बड़े पर्वों में से एक क्रिसमस है और इसे प्रभु ईसा के भोज दिवस के रुप में भी जाना जाता है। इसे सालाना सभी के द्वारा मनाया जाता है, खासकर ईसाइयों द्वारा। इस दिन प्रभु ईसा का जन्म दिन होता है, जिन्हें क्रिसमस धर्म के लोगों द्वारा भगवान की संतान माना जाता है। ये सांस्कृतिक अवकाश का दिन होता है जिसका सभी आनन्द लेते है। हर साल 25 दिसंबर को इसे क्रिसमस डे के रुप में मनाया जाता है और ये ईसाई धर्मावलंबियों के लिये बेहद महत्व का दिन होता है। इस उत्सव के आगमन से पहले ही लोग खूब तैयारियों के साथ अपने घरों और चर्च आदि को सजाते है।

क्रिसमस की तैयारी

ईसाईयों में क्रिसमस के उत्सव की शुरुआत चार हफ्ते पहले से ही होने लगती है और इसके 12वें दिन पर समाप्ति होती है। इसे पूरी दुनिया में एक धार्मिक और पारंपरिक पर्व के रुप में मनाया जाता है। क्रिसमस को मनाने की परंपरा क्षेत्रों के लिहाज से अलग होती है। इस दिन पर उपहार बाँटना, क्रिसमस कार्ड देना, भोज देना, ईसाई भजन और गीत गाने आदि का रिवाज है।

निष्कर्ष

क्रिसमस के दिन गिरजाघरों में लोग प्रार्थनाएं करते है, मोमबत्तियाँ जलाते है। जगह-जगह ईसा मसीह की झाकियां प्रस्तुत किया जाती है। लोग अपने आंगन में क्रिसमस ट्री लगाते है। इस त्योहार में केक को बहुत महत्व दिया जाता है।

क्रिसमस पर निबंध 3 (300 शब्द)

प्रस्तावना

ईसाई समुदायों के लिये क्रिसमस एक महत्वपूर्ण त्योहार है हालाँकि ये पूरी दुनिया में दूसरे धर्मों के लोगों द्वारा भी मनाया जाता है। ये एक प्राचीन उत्सव है जो वर्षों से शीत ऋतु में मनाया जाता है। ये प्रभु ईशु के जन्मदिवस पर मनाया जाता है। पारिवारिक सदस्यों में सभी को सांता क्लाज़ के द्वारा क्रिसमस की मध्यरात्रि में उपहार बाँटने की बड़ी परंपरा है। सांता रात के समय सभी के घरों में जाकर उनको उपहार बाँटता है खासतौर से बच्चों को वो मजाकिया उपहार देता है। बच्चे बड़ी व्याकुलता से सांता और इस दिन का इंतजार करते है। वो अपने माता-पिता से पूछते है कि कब सांता आयेगा और अंततः: बच्चों का इंतज़ार खत्म होता है और ढ़ेर सारे उपहारों के साथ सांता 12 बजे मध्यरात्रि को आता है।

परंपरा और मान्यता

क्रिसमस के त्यौहार में यह एक परंपरा है कि लोग इस दिन अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को सुन्दर ग्रीटिंग कार्ड भेजते और देते हैं। हर कोई परिवार के लोग और दोस्त रात के दावत में शामिल होते है।

इस पर्व में मिठाई,  चॉकलेट,  ग्रीटींग कार्ड,  क्रिसमस पेड़, सजावटी वस्तुएँ आदि भी पारिवारिक सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदार और पड़ोसियों को देने की परंपरा है। लोग पूरे जनून के साथ महीने के शुरुआत में ही इसकी तैयारियों में जुट जाते है। इस दिन को लोग गाने गाकर, नाचकर, पार्टी मनाकर, अपने प्रियजनों से मिलकर मनाते है। प्रभू ईसा, ईसाई धर्म के संस्थापक के जन्मदिवस के अवसर पर ईसाईयों द्वारा इस उत्सव को मनाया जाता है। लोगों का ऐसा मानना है कि मानव जाति की रक्षा के लिये प्रभु ईशा को धरती पर भेजा गया है।

निष्कर्ष

पूरी दुनिया में क्रिसमस, युवा और बूढ़े लोगों द्वारा प्यार किया जाने वाला एक विशेष और जादुई अवकाश है। दुनिया भर में क्रिसमस के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ है। अन्य देशों में भी बच्चे और बूढ़े क्रिसमस का जश्न मनाते हैं। इस तरह क्रिसमस का त्योहार लोगों को सबके साथ मिल-जुलकर रहने का संदेश देता है। ईसा मसीह कहते थे-दीन-दुखियों की सेवा संसार का सबसे बड़ा धर्म है ।


 

क्रिसमस पर निबंध 4 (400 शब्द)

प्रस्तावना

क्रिसमस ईसाइयों का त्यौहार है यह पूरे विश्व में 25 दिसंबर को धूम-धाम से मनाया जाता है। लोगों द्वारा पूरी दुनिया में क्रिसमस को मनाया जाता है, इसे खासतौर से ईसाई धर्म के लोगों द्वारा हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है। इसे प्रभु ईसा के जन्मदिन पर मनाया जाता है, ये ईसाइयों के भगवान है जिन्होंने ईसाई धर्म की शुरुआत की। ये त्योहार हर साल ठंड के मौसम में आता है हालाँकि लोग इसे पूरी मस्ती, क्रिया-कलाप और खुशी के साथ मनाते है। ये ईसाइयों के लिये एक महत्वपूर्ण त्योहार है जिसके लिये वो लोग ढेर सारी तैयारियाँ करते है। इस उत्सव की तैयारी एक महीने पहले ही शुरु हो जाती है और क्रिसमस के 12 दिनों के बाद ये पर्व खत्म होता है।

 

क्रिसमस पर केक का महत्व

इस दिन केक का बहुत महत्व होता है। लोग एक दूसरे को उपहार स्वरूप केक भी देते है और अपने यहां भोज पर आमंत्रित करते है। ईसाई लोग अपने घर में तरह -तरह के केक बनाते है। इस दिन लोग क्रिसमस के पेड़ को सजाते है, अपने दोस्त, रिश्तेदार और पड़ोसियों के साथ खुशियाँ मनाते है और उपहार बाँटते है। इस दिन की मध्यरात्रि को 12 बजे सेंता क्लाज हर एक के घर आते है और चुपचाप बच्चों के लिये उनके घरों में प्यारे-प्यारे उपहार रखते है। अगली सुबह ही अपनी पसंद के उपहार पाकर बच्चे भी बहुत खुश होते है। इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कार्यालय और दूसरे सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान आदि बंद रहते है। पूरे दिन ढेर सारे क्रिया-कलापों द्वारा क्रिसमस अवकाश के रुप में लोग इसका आनन्द उठाते है।

लोग बड़े डिनर पार्टी का लुत्फ  उठाते है जिसे भोज कहते है। इस खास मौके पर ढ़ेर सारे लजीज़ व्यंजन, मिठाई, बादाम आदि बनाकर डाईनिंग टेबुल पर लगाते है। सभी लोग रंग-बिरंगे कपड़े पहनते है, नृत्य करते है, गाते है, और मज़ेदार क्रिया-कलापों के द्वारा कर खुशी मनाते है। इस दिन ईसाई समुदाय अपने ईश्वर से दुआ करते है, अपने सभी गलतियों के लिये माफी माँगते है, पवित्र गीत गाते है और अपने प्रियजनों से खुशी से मिलते है।

क्रिसमस के विषय में कुछ तथ्य

  • क्रिसमस का त्यौहार व्यापारियों के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा वाला समय होता है।
  • एक पुस्तक के अनुसार क्रिसमस के पेड़ की शुरुआत सन 1570 में किया गया था।
  • क्रिसमस के पर्व के लिए प्रति वर्ष यूरोप (Europe) में 60 लाख पेड़ उगाये जाते हैं।

निष्कर्ष

क्रिसमस आनंद एवं खुशियों का त्यौहार है। इस अवसर पर ईसाई अपने मित्रों और निकट सम्बन्धियों को भोजन एवं पार्टी के लिए आमंत्रित करते है। यह लोगों को आपस में जोड़ता है। इसके साथ ही क्रिसमस के आनंद गान बहुत महत्वपूर्ण है। आनंद गीत ईसा मसीह के जन्म की कहानी से सम्बंधित होती है।


 

क्रिसमस पर निबंध 5 (500 शब्द)

प्रस्तावना

क्रिसमस, यीशु के जन्म का सम्मान करने वाली एक ईसाई अवकाश,  दुनिया भर में धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष उत्सव में विकसित हुई है, जिसमें उत्सवों में कई पूर्व-ईसाई और मूर्तिपूजा परंपराएं शामिल हैं। हर्ष और खुशी का एक बड़ा उत्सव है क्रिसमस। ये प्रभु ईशा (ईसाई धर्म के संस्थापक) के जन्म दिवस के अवसर पर हर साल 25 दिसंबर को शीत ऋतु में मनाया जाता है। इस दिन को क्रिसमस डे के रुप में प्रभु ईशा को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिये मनाया जाता है।

क्रिसमस के छुट्टी में पूरे दिन लोग नाचना, गाना, पार्टी मनाना और घर के बाहर डिनर करके खुशी मनाते है। इसे सभी धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है, खासतौर से ईसाई समुदाय द्वारा। इस दिन सभी रंग-बिरंगे कपड़े पहनते है और खूब मस्ती करते है। सभी एक-दूसरे को “मैरी क्रिसमस” कहकर बधाइयाँ देते है तथा एक-दूसरे के घर जाकर उपहार देते है। ईसाई लोग अपने प्रभु ईशु के लिये प्रार्थना करते है, वो सभी भगवान के सामने अपनी गलतीयों और पाप को मिटाने के लिये उसे स्वीकार करते है।

क्रिसमस की तैयारी

लगभग एक महीने पहले से ही क्रिश्चन इस त्योहार की तैयारियाँ करने लगते है। इस दिन पर घर, कार्यालय, चर्च आदि की सफाई करते है: पोताई करना और कागज तथा प्राकृतिक फूलों से अच्छे से सजाना, चित्र, दीवार पर ध्वज पट लगाना। आकर्षक दिखने के लिये बाजारों को भी सजाया जाता है और हम देख सकते है कि बाजार क्रिसमस कार्ड, सुंदर ग्लासेज़, उपहार, सीनरी, खिलौने आदि से भर जाता है। लोग अपने घरों के बीच में क्रिसमस के पेड़ को सजाते है और उसको ढ़ेर सारे उपहार जैसे कि चौकोलेट, कैंडिज़, गुब्बारे, गुड़ीया, चिड़ीया, फूल, लाइटें आदि से इसे चमकदार और सुंदर बनाते है।

भजन गाते है तथा अपने मित्र, सगे-संबंधियों, और पड़ोसियों में उपहारों का आदान-प्रदान करते है। इस दिन ये लोग एक बड़े भोज का आयोजन करते है जिसमें लजीज़ पकवानों से सभी का स्वागत किया जाता है। दावत के बाद सभी लोग गीत-संगीत पर झूमते है और रात में गाना गाते है। ये बहुत ही जोश और खुशी का उत्सव है जिसे पूरी दुनिया में मस्ती के साथ मनाया जाता है।

क्रिसमस का इतिहास

क्रिसमस एक पवित्र धार्मिक अवकाश और एक विश्वव्यापी सांस्कृतिक और वाणिज्य घटना दोनों है। दो सहस्राब्दी के लिए, दुनिया भर के लोग इसे परंपराओं और प्रथाओं के साथ देख रहे हैं जो प्रकृति में धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष दोनों हैं। ईसाई नासरी के यीशु के जन्म की सालगिरह के रूप में क्रिसमस दिवस मनाते हैं, एक आध्यात्मिक नेता जिनकी शिक्षाएं उनके धर्म का आधार बनाती हैं। लोकप्रिय रीति-रिवाजों में उपहारों का आदान-प्रदान, क्रिसमस के पेड़ों को सजाने, चर्च में भाग लेने, परिवार और दोस्तों के साथ भोजन साझा करने और, निश्चित रूप से, सांता क्लॉज आने का इंतजार करना शामिल है। 25 दिसंबर-क्रिसमस दिवस 1870 से संयुक्त राज्य अमेरिका में संघीय अवकाश रहा है।

निष्कर्ष

यह त्योहार सभी के मन और हृदयों को पवित्रता के भाव से ओतप्रोत करता है और नयी ऊर्जा के माध्यम से हमें प्रेरित करता है कि अनेक कठिनाइयों का सामना करने पर भी हमें सन्मार्ग का त्याग नहीं करना चाहिए तथा दूसरों को भी पवित्रता का मार्ग प्रशस्त करने के लिए यथासंभव सहयोग करना चाहिए ।


 

क्रिसमस पर निबंध 6 (600 शब्द)

प्रस्तावना

ईसाइयों के लिये क्रिसमस एक बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है हालाँकि इसे दूसरे धर्मों के लोग भी मनाते है। इसे हर साल पूरे विश्व में दूसरे उत्सवों की ही तरह खुशी, हर्ष और जोश के साथ मनाया जाता है। ये हर साल 25 दिसंबर शीत ऋतु के मौसम में आता है। प्रभु ईशु के जन्मदिवस के अवसर पर क्रिसमस डे को मनाया जाता है। 25 दिसंबर को बेथलेहेम में ज़ोसेफ (पिता) और मैरी (माँ) के यहाँ प्रभु ईशा का जन्म हुआ था।

क्रिसमस कब और क्यों मनाया जाता है?

क्रिसमस यीशु मसीह के जन्म का जश्न है। कुछ लोग क्रिसमस को अलग-अलग मनाते हैं, लेकिन यह सब मसीह के जन्म पर आधारित है। क्रिसमस 25 दिसंबर को है। यह वह दिन है जब यीशु का जन्म हुआ था। कोई भी वास्तव में यीशु की जन्म तिथि की सटीक तारीख को नहीं जानता है। फिर भी, 137 ईस्वी में, रोम के बिशप ने क्राइस्ट बच्चे के जन्मदिन को एक गंभीर दावत के रूप में मनाया जाने का आदेश दिया। 350 ईस्वी में, जूलियस प्रथम नाम का एक और रोमन बिशप 25 दिसंबर को क्रिसमस (मसीह की मास) के पालन दिवस के रूप में 25 दिसंबर का चयन करता है।

क्रिसमस की गीत और सजावट

आनंद गीत बहुत ही प्रसिद्ध है, ये क्रिसमस के दिन गया एवं बजाय जाता है। इस दिन पर सभी घर और चर्च की सफाई होती है, सफेद पुताई और ढेर सारे रंग-बिरंगे रोशनीयों, सीनरी, मोमबत्तियाँ, फूल और दूसरी सजावटी चीजों से इनको सजाया जाता है। सभी एक साथ इस उत्सव में शामिल होते है चाहे वो गरीब हो या अमीर और खूब धमाचौकड़ी के साथ इसको मनाते है। अपने घरों के बीच में सभी क्रिसमस के पेड़ को सजाते है। वो इसे इलेक्ट्रिक लाईट, उपहारों, गुबारों, फूलों, खिलौनों, हरी पत्तियों तथा दूसरे वस्तुओं से सजाते है। क्रिसमस का पेड़ बेहद सुंदर और आकर्षक दिखाई देता है। इस अवसर सभी लोग पर अपने दोस्त, परिवार, रिशतेदारों और पड़ोसियों के साथ क्रिसमस के पेड़ के सामने खुशी मनाते है। सभी नृत्य, संगीत, उपहारों को बाँटकर और लजीज़ पकवानों के साथ इस उत्सव में शरीक होते है।

क्रिसमस का उपहार

इस दिन ईसाई लोग भगवान से प्रार्थना करते है। प्रभु ईशा के सामने वो अपनी गलतीयों के लिये माफी माँगते है। अपने भगवान ईसा मसीह के गुणगान में लोग पवित्र भजन गाते है, बाद में वो अपने बच्चों और मेहमानों के लिये क्रिसमस के उपहार बाँटते है। इस दिन पर अपने मित्रों और रिश्तेदारों को क्रिसमस के कार्ड देने की परंपरा है। सभी क्रिसमस भोज के बड़े उत्सव में शामिल होते है और अपने पारिवारिक सदस्यों और मित्रों के साथ खुशबूदार पकवानों का लुफ्त उठाते है। बच्चे इस दिन का बहुत उत्सुकता से इंतजार करते है क्योंकि उनको ढेर सारे उपहार और चौकेलेट मिलते है। क्रिसमस का उत्सव स्कूल और कॉलेजों में एक दिन पहले 24 दिसंबर को मनाया जाता है, उस दिन बच्चे सांता क्लाज की ड्रेस या टोपी पहनकर स्कूल जाते है।

निष्कर्ष

इस दिन को लोग देर रात तक नृत्य-संगीत में झूम कर या मॉल और रेस्टोरेंट में जाकर मनाते है। ईसाई धर्म के लोग प्रभु ईशू की पूजा करते है। ऐसा माना जाता है कि प्रभु (भगवान के संतान) को लोगों के पास उनके जीवन को बचाने और उनको पाप और दुखों से रक्षा करने के लिये पृथ्वी पर भेजा गया था। ईसा मसीह के अच्छे कार्यों को याद करने के लिये क्रिसमस का ये उत्सव ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा मनाया जाता है और हम ढ़ेर सारा प्यार और सम्मान देते है। ये सार्वजनिक और धार्मिक अवकाश होता है जब लगभग सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान बंद रहता है।


क्रिसमस पर बड़ा निबंध – 7 (800 शब्द)

प्रस्तावना

क्रिसमस खुशी का पर्व है, जो प्रभु ईसा मसीह के जन्म के उत्सव के रुप में मनाया जाता है। 25 दिसंब को वह दिन माना जाता है जब प्रभु यीशु ने मैरी और जोसेफ नाम के दंपत्ति के यहां बेथलहम में जन्म लिया था। ऐसा माना जाता है कि यीशु का जन्म मानवता और लोगों के भलाई के लिए हुआ था, इसीलिए लोग इस दिन को इतने उत्साह के साथ मनाते हैं। क्रिसमस ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। भले ही यह एक ईसाई धर्म का पर्व हो लेकिन गैर ईसाई धर्मों के लोग भी इसे काफी जोश और उत्साह के साथ मनाते है।

क्रिसमस और इसकी महत्ता

ईश्वर के बेटे माने जाने वाले ईसा मसीह के जन्म का दिन ईसाई धर्म के लोगों के बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यीशु वह व्यक्ति थे, जिन्होंने लोगो को जीने का नया रास्ता सिखाया और उन्हें तमाम तरह के दुखोः और तकलीफों से बचाया।

ऐसा माना जाता है कि ईसा मसीह ने ऐसे समय जन्म लिया जब समाज में लालच, नफरत, अंधविश्वास, हिंसा आदि जैसी कुरीतियां भरी हुई थी। उन्हें ईश्वर द्वारा पृथ्वी पर लोगों को प्रकाश और सच्चाई का मार्ग दिखाने के लिए भेजा गया था, जिससे की वह लोगों के अंदर के अंधकार, घंमड, दुख, तकलीफ जैसी समस्याओं को दूर कर सकें और क्रिसमस वह दिन है जब यीशु जैसे मानवता के रक्षक का जन्म हुआ था।

क्रिसमस के बारह दिनों का जश्न

क्रिसमस के त्योहार को बारह दिनों तक मनाया जाता है, जिसे ट्वेल्वटाइड के नाम से जाना जाता है। ट्वेल्वटाइड का पहला दिन क्रिसमस होता है, जिस दिन ईसा मसीह का जन्म हुआ था। इसका दूसरा दिन बाक्सिंग डे या फिर संत स्टीफेन डे होता है, जो उनके शहादत के रुप में मनाया जाता है। तीसरा दिन सेंट जान अपोस्टेल के द्वारा ‘बुक आफ रेवलेशन’ में किये गये योगदान के दावत के रुप में मनाया जाता है। चौथा दिन पवित्र निर्दोषों के दावत के रुप में मनाया जाता है। पांचवां दिन संत थामस बेकेट के लिए दावत के रुप में मनाया जाता है।

छठवां दिन संत इगवीन आफ वार्केस्टर के याद में मानाया जाता है, इन्हें अनाथों और विधवाओं का रक्षक माना जाता था। सातवां दिन नई साल की शाम के जश्न के रुप में मनाया जाता है। आठवां दिन मदर मैरी के श्रद्धांजलि के लिए समर्पित होता है। नौंवा दिन संत बासिल के सम्मान में मानाया जाता है। दसवां दिन पवित्र मंदिर में यीशु के हुए नामकरण के लिए मनाया जाता है और ग्यारहवां दिन संत साइमन के याद में दावत के रुप में मनाया जाता है। इसी तरह इस पर्व का बारहवां दिन इपीफेनी के शाम के रुप में मनाया जाता है, जोकि क्रिसमस के इस बारह दिन के त्योहार का आखिरी दिन होता है।

भारत में क्रिसमस का उत्सव

भारत में क्रिसमस के त्योहार को काफी उत्साह और धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। जिसमें पूरे भारत भर में लोग अपने परिवारों और प्रियजनों से मिलते है और उनके साथ समय बिताते है। इस दिन काफी बड़े पारिवारिक भोजों का आयोजन किया जाता है, जिसमें कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाते है और इस दिन क्रिसमस ट्री की छंटा तो देखते ही बनती है, इसे कई तरह के रंगबिरंगे झालरों से साजाया जाता है। क्रिसमस पर बाजार रंगबिरंगे झालरों और घंटियो सितारों जैसे सजावटी सामानों से भरे पड़े होते है।

भारत में गोआ प्रदेश में क्रिसमस के त्योहार को सबसे भव्य तरीके से मनाया जाता है। इस त्योहार के कारण पूरा माहौल खुशनुमां हो जाता है और इस दिन के खुशी में लोग नाचते, गाते हुए अपने परिवार और दोस्तों के संग आनंद मनाते हैं। इसके साथ ही चर्च की बजती हुई घंटियां, क्रिसमस के गीत रोशनी से जगमगाते रास्ते और घर इस पर्व के आनंद को और भी ज्यादे बढ़ा देते हैं। इसके साथ ही क्रिसमस के त्योहार पर कई तरह के फ्रूट केक, पेस्ट्री और जूस जैसे परोसे जाने वाले तमाम तरह के व्यंजन सभी के मुंह में पानी ला देते है।

क्रिसमस ट्री

क्रिसमस का त्योहार बिना क्रिसमस ट्री के चर्चा के कभी पूरा नही हो सकता है। क्रिसमस ट्री सजाने की यह प्रथा काफी लंबे समय से चली आ रही है, इसे यीशु का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। क्रिसमस ट्री के रुप में प्राकृतिक रुप से देवदार या स्प्रीस के पेड़ों का उपयोग किया जाता है। इस दिन लोग क्रिसमस ट्री को तमाम तरह के सितारों, गुब्बारों, झालरों और तोहफों आदि से सजाते है। ऐसा माना जाता है कि क्रिसमस ट्री हमारे अंदर सकरात्मक ऊर्जा का संचार करता है और नकरात्मता तथा बुराई को दूर करता है।

सांता क्लॉज

सांता क्लॉज या संत निकोलस क्रिसमस का एक अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसा माना जाता है कि सांता क्लॉज सात हिरणों द्वारा खिचे जाने वाले बेपहिया गाड़ी पर सवार होकर आते है और क्रिसमस पर बच्चों को तोहफे बांटते है। इस त्योहार को लेकर बच्चे काफी उत्साहित रहते है क्योंकि उन्हें सांता क्लॉज द्वारा मिलने वाले तोहफे का बेसब्री से इंताजर रहता है। इस दिन कई सारे लोग सांता क्लॉज का वेष धारण करके बच्चों में चौकलेट और तोहफे भी बांटते है।

क्रिसमस के व्यंजन और भोज

क्रिसमस भोज का त्योहार है, इस दिन लोग अपने दैनिक गतिविधियों से छुट्टी पाकर तमाम तरह के भोजनों का आनंद लेते है। हर देश का अपना एक विशेष व्यंजन होता है और क्रिसमस पर लोग इस व्यंजन को बड़े ही उत्साह के साथ बनाते है। क्रिसमस पर तैयार किये गये केक और कुकीज को खाने का अलग ही मजा मिलता है। यह वह पर्व होता है जब अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के संग मिलकर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते है और कई तरह के तोहफों का आदान-प्रदान करते है।

निष्कर्ष

क्रिसमस वह त्योहार है जो लोगों में प्यार-मोहब्बत और भाई-चारा बढ़ाता है। यहीं कारण है कि लोग क्रिसमस के त्योहार से एक दिन पहले 24 दिसंबर के शाम से ही एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं देना शुरु कर देते है। यह वह समय होता है जब लोग अपने दोस्तों और परिवारों से मिलते है तथा अपने आपसी प्यार-मोहब्बत और एकता को बढ़ाते है। क्रिसमस का यह त्योहार हमें ईसा मसीह द्वारा सिखाये गये क्षमा, भाईचारा और त्याग जैसे बातों का बोध कराता है, जिन्हें हम अपने जीवन में अपनाकर मनावता को तरक्की के पथ पर अग्रसित कर सकते है।

 

 

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