क्रिसमस पर भाषण

भाषण बोलना या समूह में चर्चा करना, किसी भी विद्यार्थी के स्कूली जीवन की बहुत महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं, जो छात्रों के बीच में नेतृत्व के गुणों को विकसित करती है। कार्यक्रमों में भाग लेने से उनके अंदर दूसरों के सामने, मंच पर अपनी बात रखने की झिझक खत्म होगी साथ ही उनमें नेतृत्व के गुण का निर्माण होगा। हम यहाँ विद्यार्थियों की, स्कूल में भाषण लेने की प्रतियोगिता में भाग लेने में मदद करने के उद्देश्य से क्रिसमस पर भाषणों की एक श्रृंखला उपलब्ध करा रहे हैं।

क्रिसमस पर भाषण (Long and Short Speech on Christmas in Hindi)

भाषण 1

आदरणीय प्राचार्य महोदय, सर, मैडम, मेरे वरिष्ठ और प्यारे सहपाठियों, आप सभी को सुप्रभात। आज क्रिसमस है, जिसे हम हर साल एक सांस्कृतिक समारोह का आयोजन करके खुशी से मनाते हैं। यह दिन पूरे संसार में, विशेषरुप से ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा वार्षिक क्रिसमस डे के रुप में मनाया जाता है। यह दिन ईसाईयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इसे भगवान जीज़स क्राईस्ट (ईसा मसीह) के जन्मदिवस के रुप में मनाते हैं।

यह माना जाता है कि, 25 दिसम्बर एक धार्मिक और सांस्कृतिक समारोह के रुप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। क्रिसमस डे को, संसारभर के बहुत से देशों की सरकारों द्वारा सार्वजनिक अवकाश (छुट्टी) के रुप में घोषित किया गया है। यह सांस्कृतिक उत्सव के रुप में भारत और अन्य देशों में गैर-ईसाई लोगों के द्वारा भी उचित तरह से सजावट और व्यवस्था करके मनाया जाता है। इस उत्सव का समारोह वार्षिक छुट्टियों के अभिन्न हिस्सों में से एक हैं।

क्रिसमस

इस उत्सव को मनाने की परम्परा में विभिन्न देशों के ईसाई, पूर्व-ईसाई, उत्पत्ति के धर्मनिरपेक्षता के विषय को मिश्रित किया जाता है। इस छुट्टी के समारोह की कुछ महत्वपूर्ण परम्पराएं हैं जैसे; सेंटा क्लाज़ द्वारा उपहार बाँटना, क्रिसमस कार्डों का वितरण, क्रिसमस संगीत, क्रिसमस के गीतों को गाना, मोमबत्ती जलाना, चर्च में सेवा करना, विशेष भोजन का आयोजन, विशेष क्रिसमस लाईट आदि। बहुत से जाने पहचाने लोग जैसे; सेंटा क्लाज़, संत निकोलस, क्रिसमस फॉदर, और क्राइस्ट-काइंड आदि, छोटे बच्चों के लिए क्रिसमस की रात को उपहार लेकर आते हैं। यह त्योहार फुटकर विक्रेता और व्यापारियों के लिए विशेष महत्व रखता है।

इस दिन बच्चे बहुत खुश होते हैं क्योंकि उन्हें रात के 12 बजे, अपने माता-पिता और सेंटा क्लाज़ के द्वारा उपहार मिलते हैं। वे इस दिन के उत्सव को स्कूल में मनाने के लिए सेंटा की टोपी और सेंटा के कपड़े भी पहनते हैं। बच्चे अपने माता-पिता के साथ जाते हैं और बहुत सारी खरीददारी करते हैं। मुझे उम्मीद है कि, आपको क्रिसमस डे जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर, मेरा भाषण पसंद आया होगा। आप सभी को मेरी तरफ से, क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं।

धन्यवाद।


 

भाषण 2

आदरणीय प्रधानाचार्य, अध्यापक एवं अध्यापिकाएं, मेरे सीनियर और साथियों, सभी को मेरा सुप्रभात। हम सभी यहाँ क्रिसमस डे को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, मैं इस अवसर पर आप सभी के सामने कुछ शब्द कहना चाहूँगा/ चाहूँगी। मैं अपने कक्षा अध्यापक/अध्यापिका का/की बहुत आभारी हूँ कि, उन्होंने इस अवसर पर मुझे अपने विचारों की अभिव्यक्ति का मौका दिया।

क्रिसमस को “ईसा मसीह का पर्व” कहा जाता है। इसे ईसाई अवकाश के साथ ही ईसा मसीह के जन्मदिन के रुप में भी मनाया जाता है। ईसा मसीह को ईसाई धर्म के लोगों द्वारा भगवान का पुत्र माना जाता है। यह गैर-ईसाईयों के द्वारा भी, दिसम्बर के महीने में एक सांस्कृतिक अवकाश के रुप में माना और मनाया जाता है। यह सर्दी के मौसम का महान त्योहार होता है। सभी लोग बेसब्री से क्रिसमस के आने का इंतजार करते हैं। यह हर साल 25 दिसम्बर को, भारी तैयारी और सजावट, क्रिसमस ट्री को सजाने, क्रिसमस कार्ड, सेंटा क्लाज़, उपहार, आदि बहुत से पदार्थों के साथ मनाया जाता है।

25 दिसम्बर ईसाईयों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। वे ईसा मसीह की मृत्यु और पुनर्जीवन को याद रखने के लिए ईस्टर भी मनाते हैं। लोग क्रिसमस के लिए तैयारियाँ, क्रिसमस आने के 4 सप्ताह पहले से शुरु कर देते हैं, जिसे महान व्यक्ति का आगमन (अवतार) भी कहा जाता है। क्रिसमस का पूरा सीजन क्रिसमसटाइड के रुप में जाना जाता है, जो 6 जनवरी को खत्म होता है अर्थात् क्रिसमस के 12वें दिन, जिसके दौरान की गयी घोषणाएं लोगों के द्वारा याद की जाती है।

यह त्योहार पूरे संसारभर में धार्मिक अवकाश के रुप में, ईसाईयों और गैर-ईसाईयों के द्वारा मनाया जाता है। इसे मनाने की परम्परा और रिवाज विभिन्न देशों में थोड़ी सी अलग है हालांकि, लगभग कुछ समान चीजें हैं; भोज, उपहार, कार्ड, सेंटा, चर्च, क्रिसमस के गीत, आदि। सेंटा क्लाज़ सबसे प्रसिद्ध प्रथा है, जिसे संसार के बहुत से देशों में प्रदर्शित किया जाता है। आप सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं।

धन्यवाद।

 

भाषण 3

यहाँ उपस्थित आदरणीय महानुभाव, प्राचार्य, शिक्षक एंव शिक्षिकाएं, मेरे वरिष्ठ और प्यारे सहपाठियों, सभी को सुप्रभात। हम सभी यहाँ क्रिसमस के त्योहार को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, इस अवसर पर मैं क्रिसमस दिवस पर कुछ शब्द कहना चाहता/चाहती हूँ। सबसे पहले, मेरी कक्षा अध्यापिका को मुझे इस अवसर पर बोलने का मौका देने के लिए धन्यवाद।

क्रिसमस हर साल 25 दिसम्बर को दुनियाभर के बहुत से देशों में ईसाईयों और गैर-ईसाईयों के द्वारा मनाया जाता है। कुछ देशों में तो यह दिन सार्वजनिक अवकाश के रुप में भी घोषित किया गया है। यह दिन ईसा मसीह के जन्मदिन के रुप में मनाया जाता है, जिनका जन्म 25 दिसम्बर को हुआ था। यह ईसाईयों का धार्मिक और पारम्परिक त्योहार है। भारत में, यह लगभग 250 लाख ईसाईयों के द्वारा बड़े उत्साह, और आनंद के साथ मनाया जाता है।

मुम्बई में सबसे बड़ा ईसाई सम्प्रदाय है, जिनमें मुख्यतः रोमन कैथोलिक ईसाई पाए जाते हैं। देश के अन्य राज्यों में, ईसाईयों की उच्च जनसंख्या पायी जाती है, जो सर्दी के मौसम में इस त्योहार को भारत का गौरव बनाते हैं। इस त्योहार पर, आधी रात को भीड़ रुप में इकट्ठा होते हैं, विशेषतः कैथोलिक ईसाईयों में, वे पूरे परिवार के लोगों के साथ जाकर भीड़ का हिस्सा बनते हैं और सामूहिक दावत का आनंद लेते हैं, जिसमें विभिन्न स्वादिष्ट पकवान शामिल होते हैं। वे इस दिन एक-दूसरे को उपहार देते हैं। इस दिन से कुछ समय पहले से ही, वे चर्चों को छोटे-छोटे पीले फूलों (पोनेस्थियॉ) और मोमबत्तियों से सजाना शुरु कर देते हैं, विशेषरुप से क्रिसमस से एक रात पहले के मध्यरात्री सामूहिक पर्व के लिए।

लोग उत्सव के कुछ दिनों पहले से ही एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई देना शुरु कर देते हैं। वे क्रिसमस की बधाई; क्रिसमस की शुभकामनाएं (हैप्पी क्रिसमस), मैरी क्रिसमस, शुभ क्रिसमस, क्रिसमस मुबारक आदि को क्रिसमस कार्ड या उपहारों के वितरण के माध्यम से देते हैं। घर या घर के बगीचे में क्रिसमस पेड़ को सजाना, क्रिसमस मनाने की एक विशेष परम्परा है। लोग अपने घरों और चर्चों को मोमबत्ती और विद्युत बल्बों के द्वारा भी सजाते हैं।

दक्षिण भारत के ईसाई लोग कुछ मिट्टी के दीयों में तेल डालकर छतों पर रखकर जलाते हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि, ईसा मसीह पूरे विश्व को प्रकाशित कर देंगे। वे एक विशेष गीत गाते हैं, जिसे सामूहिक गीत के रुप में भी जाना जाता है और चर्च में अन्य प्रथाओं को पूरा करते हैं। कुछ स्थानों पर, वास्तव में, ईसा मसीह का जन्मदिन का उत्सव मनाने के लिए, फलों वाले क्रिसमस केक को काटने की प्रथा है। सेंटा मध्यरात्री को बहुत से आकर्षक उपहारों को लेकर आता है और बच्चों में बाँटता है।

कैथोलिक ईसाईयों द्वारा, इस दिन पर उपवास रखने की भी प्रथा है, वे 1 से 24 दिसम्बर तक कुछ नहीं खाते और 24 दिसम्बर की मध्यरात्री की सेवा के बाद ही खाते हैं। सेंटा क्लाज़ (क्रिसमस के पिता) को, क्रिसमस बाबा (हिन्दी में), बाबा क्रिसमस (उर्दू), क्रिसमस त्थात्था (तमिल में), क्रिसमस थाथा (तेलगू में), नाटल बुआ (मराठी में), क्रिसमस पापा (केरल में) के नाम से भी जाना जाता है।

धन्यवाद।

 

 

भाषण 4

देवियों और सज्जनों आप सब को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं, प्रधानाचार्य महोदय, शिक्षकों और मेरे प्यारे मित्रों मैं आप सभी का काफी शुक्रगुजार हूँ कि आपने मुझे क्रिसमस पर अपनी बात कहने का यह विशेष अवसर प्रदान किया। इस त्योहार को लेकर हमारे दिलों में जोश और उत्साह भरा हुआ है और इन्हीं खुशियों को मनाने के लिए हम यहां इकठ्ठा हुए है। जी हाँ यह वह महीना है जब लोग सामान्य शिष्टाचार में हाय, हैलो के जगह मुस्कुराते हुए हैप्पी क्रिसमस कहकर इस विशेष पर्व की शुभकामनाए देते है और इसीलिए मैं भी एक बार फिर से क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इस भाषण सभा में आप सबका स्वागत करती हूँ।

क्रिसमस ईसाई धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे ईसा मसीह के जन्म के खुशी में मनाया जाता है। यह एक सार्वजनिक अवकाश है, इस दिन लगभग सारे व्यवसाय और प्रतिष्ठान बंद रहते है। क्रिसमस के इस विशेष त्योहार की शुरुआत कुछ दिन पहले से ही शुरु हो जाती है। इस दौरान लोग अपने घरों की साफ-सफाई करके प्रकाश, क्रिसमस ट्री और फूलों द्वारा अपने घरों को सजाते है। इस दिन कई सारे क्षेत्रों में आपको घरो के द्वारों पर रंगबिरंगे झालरों से सजे क्रिसमस ट्री दिखेंगे।

इस दिन लोग एक-दूसरे को उपहार प्रदान करते है, अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते है, कई तरह के दावतों का आयोजन करते है आदि। क्रिसमस का यह दिन मौज-मस्ती से भरा हुआ होता है।

हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है और क्रिसमस हमारे एकजुटता का प्रतीक है, यहीं कारण है कि हम सब धर्म और जाति जैसे बाधाओं को पार कर एक साथ मिलकर इस त्योहार को मनाते है। भारत में कोई भी त्योहार अपने व्यंजनों के बिना पूरा नही हो सकता है और यह बात क्रिसमस के त्योहार में भी लागू होती है। मुझे खुद भी ताजे फ्रूट केक की महक बहुत ही ज्यादे पसंद है और मैं खुद को इसे खाने से रोक पाती, मुझे उम्मीद है कि शायद आपके साथ भी ऐसा ही होता होगा।

इस त्योहार के दौरान आप खूबसूरत क्रिसमस संगीत सुनकर, आप इसे अपने लिए और भी खुशनुमा बना सकते हैं। चर्च से आती घंटियों की मधुर आवाज हमारे आस-पास के महौल को काफी खुशनुमा बना देती है।

क्रिसमस के त्योहार के दौरान बच्चे काफी प्रसन्न रहते है, इस त्योहार पर उन्हें अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से कई सारे तोहफे मिलते है। यह वह समय होता है जब उन्हें खूब आनंद मिलता है क्योंकि इस दौरान उन्हें ऐसा लगता है कि सेंटा क्लाज रात को आयेंगे और उनके लिए तोहफे लायेंगे, पर वास्तव में यह तोहफे उनके माता-पिता द्वारा लाये जाते है।

क्रिसमस का यह पूरा त्योहार बच्चों को लिए किसी उत्सव से कम नही होता है, इस दिन वह अपने माता-पिता के साथ क्रिसमस ट्री, मिठाई और तोहफे खरीदने जाते है। यह वह समय होता है जब उनके परिवार वाले उन्हें घूमाने तथा फिल्म दिखाने ले जाते हैं। इसके साथ ही इस दिन उन्हें अपने पसंद के कई सारे तोहफे भी मिलते है।

क्रिसमस पर इतनी सारी बाते करने के बाद अब इस विशेष मौके का लाभ लेते हुए मैं एक बात अवश्य कहना चाहुंगी कि इस दिन आप दान और सेवा कार्य अवश्य करें, जी हाँ आपने मुझे सही सुना ऐसे कई सारे परिवार और व्यक्ति है जो गरीबी या अभाव के कारण आपके तरह इस त्योहार पर मनोरंजन और खुशी का आनंद नही ले पाते है। अपने इस विशेष कार्य द्वारा आप उनके चेहरों पर एक अनमोल मुस्कान ला सकते है और यकीन मानिये दूसरों के मदद करने से मिलने वाली इस खुशी को आप कभी नही भूल पायेंगे।

यह छुट्टियों का समय ऐसा समय है जब आप अपनी पुरानी और काम ना आने वाली वस्तुओं का दान करके लोगों की मदद कर सकते है क्योंकि क्रिसमस खुशियां मनाने और बांटने का त्योहार है। इस त्योहार के दौरान आपके द्वारा किये गये छोटे-छोटे सहायता के कार्य आपके साथ दूसरों के चहरों पर भी मुस्कान ला सकता है।

अब इसी के साथ मैं अपने इस भाषण को समाप्त करने की अनुमति चाहुंगी और मुझे अपनी बात रखने के लिए यह विशेष अवसर देने के लिए आप सबका धन्यवाद। मेरे तरफ से आप सभी को क्रिसमस के इस विशेष पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।