क्रिसमस पर कविता (क्रिसमस डे पर कविता)

क्रिसमस या बड़ा दिन ईसाई धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यह वह दिन है जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था। क्रिसमस का यह त्योहार पूरे 12 दिनों का त्योहार होता है जिसकी शुरुआत 25 दिसंबर के दिन से होती है। क्रिसमस के त्योहार को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहता है, इस दिन हर जगह रंगबिरंगी झांकिया, झालरों से सजे क्रिसमस ट्री और सितारे दिखाई देते है। भले ही यह त्योहार ईसाई धर्म का पर्व हो फिर भी भारत में सभी धर्मों के लोग इसे काफी उत्साह के साथ मनाते है और यह दिन पूरे देशभर में एक सार्वजनिक अवकाश के रुप में घोषित है।

क्रिसमस पर कवितायें (Poems on Christmas Day in Hindi)

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"Jingle Bells Jingle Bells" Poem (जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स कविता)

"डैशिंग थ्रू द स्नो
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले

ओ द फ़ील्ड्स वी गो
लाफिंग आल दा वे
बैल्स ओन बॉब टेल्स रिंग
मेकिंग स्पिरिट्स ब्राइट
वट फन इट इस टू लाफ एंड सिंग
अ स्लायिंग सोंग टूनाईट

ओ, जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स
जिंगल आल दा वे
ओ वट फन इट इस टू राइड
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले
ओ, जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स
जिंगल आल दा वे
ओ वट फन इट इस टू राइड
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले

अ डे और टू अगो
आई थॉट आईड टेक अ राइड
एंड सून मिस फैनी ब्राइट
वाज़ सीटेड बाय माय साइड
दा हॉर्स वाज़ लीन एंड लैंक
मिस्फोरच्यून सीम्ड हिज़ लौट
वी गोट इनटू अ ड्रिफटीड बैंक
एंड दैन वी गोट अप्सौट 

ओ, जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स
जिंगल आल दा वे
ओ वट फन इट इस टू राइड
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले
ओ, जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स
जिंगल आल दा वे
ओ वट फन इट इस टू राइड
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले यै

ओ, जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स
जिंगल आल दा वे
ओ वट फन इट इस टू राइड
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले
ओ, जिंगल बैल्स, जिंगल बैल्स
जिंगल आल दा वे
ओ वट फन इट इस टू राइड
इन अ वन हॉर्स ओपन स्ले "

                                                                                 Composed by "James Lord Pierpont"

 

 

‘क्रिसमस आया’

क्रिसमस आया क्रिसमस आया,

खुशियों का यह अवसर लाया।

आओ सब मिलकर झूमे गाये,

संग मिलकर क्रिसमस का त्योहार मनाये।

वर्ष भर में एक बार आता यह त्योहार,

जिसपर मिलती सबकों खुशियां और प्यार।

आओ मिलकर मनाये यह खास त्योहार,

गरीबों जरुरतमदों में मिलकर बाटें उपहार।

ताकि उन्हें भी मिल सके क्रिसमस पर प्यार,

क्रिसमस हमें देता है एकता और प्रेम का संस्कार,

इसलिए तो हमसब मिलकर इसे मनाते हरबार।

 

तो आओ क्रिसमस पर मिलकर ले फैसला,

गरीबों की मदद कर बढ़ायेंगे उनमें हौंसला।

यीशु के संदेश पहुंचायेंगे पूरे जग तक,

ताकि मानवता की अलख पहुंचे सबतक।

जिससे लोग हिंसा द्वेष का यह रास्ते छोड़े,

और यीशु के दिखाये मार्ग के तरफ अपना मुख मोड़े।।

                                                                                    ------------- Yogesh Singh

 

 

‘क्रिसमस का दिन’

देखो दोस्तों आ गया यीशु का जन्मदिन,

जब लोग खुशियों के गीत गाते पूरे दिन।

इसी को कहते हैं क्रिसमस का त्योहार,

जिसपर सभी को मिलता प्यार।

क्रिसमस पर मिलते बच्चों को कई उपहार,

इसीलिए तो बच्चे सालभर करते क्रिसमस का इंतजार।

 

लोग सजाते घरों के सामने क्रिसमस ट्री,

ताकि बच्चों की हो हर खुशियां पूरी।

आओ साथ मिलकर मनाये क्रिसमस का त्योहार,

जो हममें बढ़ाता भाईचारा और प्यार।

जिसमें रहता बच्चों को सांता का इंतजार,

क्योंकि अपने साथ वह लाते ढेरो तोहफे हर बार।

इसीलिए सबको भाता यह क्रिसमस का त्योहार,

जिसे मिलकर मनाता पूरा घर परिवार।।

                                                                                    ------------- Yogesh Singh

 


 

सांता के संग क्रिसमस

ठंडी- ठंडी रातों को

कोई दूर देश से आता है,

और चोरी-चोरी सब को

ढेरों तोहफे दे जाता है।

जिंगल बेल वह बजाता है,

हिरण कि सवारी करता

झोलियां भर के तोहफे लाता है,

और सबको खुश कर जाता है।

बड़ी सी दाढ़ी  है जिसकी

लाल कपड़े वह पहनता है,

लंबी सी टोपी पहने

दादा जी जैसा दिखता है।

यीशु के जन्म दिन को

और खास वह बनाता है,

बच्चों का वह है चहेता

जो प्यार से सांता कहलाता है।

जब-जब क्रिसमस आता

हर साल वह मिलने आता है,

यीशु कि कहानियां सुना के

हम सबको प्रेरित करता है।

हम उसके लिये कुकी बनाते

और ढेरों तैयारी करते हैं,

और सांता संग मिलकर

हर वर्ष क्रिसमस मनाते हैं।

                                                                                            ----- Kanak Mishra