भारत के राष्ट्रीय पर्व पर निबंध

भारत त्यौहारों की भूमि है। यहां कई धार्मिक पर्व और राष्ट्रीय पर्व मनाये जाते है। गांधी जयंती, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस देश में मनाए जाने वाले तीन राष्ट्रीय पर्व हैं। भारत सरकार ने देश के राष्ट्रीय पर्वो पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया है। देश भर में सभी स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और बाजार इन पर्वो पर बंद होते हैं।

भारत के राष्ट्रीय पर्व पर लंबे तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on National Festivals of India in Hindi)

आपकी परीक्षाओं/स्कूल असाइनमेंट के विषय में आपकी सहायता करने के लिए यहां अलग-अलग लम्बाई के साथ भारत के राष्ट्रीय पर्वो पर निबंध दिए गए हैं। आप अपनी जरूरत और आवश्यकता के अनुसार किसी भी लम्बाई के निबंध का चयन कर सकते हैं:

भारत के राष्ट्रीय पर्व पर छोटा निबंध - 1 (200 शब्द)

भारत में मुख्य तीन राष्ट्रीय पर्व मनाएं जाते है - गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती। भारत में राष्ट्रीय त्यौहारों को भी विभिन्न राज्यों के धार्मिक त्यौहारों की तरह ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हमारे देश के नागरिक इन तीन राष्ट्रीय त्यौहारों पर देशभक्ति की भावना में डूबे हुए दिखायी देते हैं। इन पर्वो का जश्न मनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर बड़े तथा छोटे कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

उत्सव को धुमधाम से मनाने के लिए स्कुल, कॉलेज, कार्यालय और बाजारों को फूल, गुब्बारे, झंडे और तिरंगे रंग के पर्दे से सजाया जाता हैं। इनमे नाटको, कविता पठन, बहस, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं। स्कूलों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों में समारोह अधिकांशतः एक दिन पहले आयोजित किये जाते है क्योंकि यह पर्व वाले दिन बंद रहते है। विभिन्न आवासीय सामाजिक लोग भी इन त्यौहारों का जश्न मनाने के लिए एकत्रित होते हैं। वे आमतौर पर सुबह के समय इन राष्ट्रीय त्यौहारो को मनाते हैं। जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है, देशभक्ति गीत गाया जाता है और आमतौर पर लोगों के लिए चाय-नाश्ते या दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की जाती है।

ये पर्व हमारे महान नेताओं का सम्मान करने और उनके कर्यों से प्रेरित होने के लिए मनाया जाता हैं। इन त्यौहारों के जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम हमारे पड़ोसियों, सहयोगियों और अन्य नजदीकी और प्रियजनों के साथ संबंध बनाने के लिए एक अच्छा मंच प्रदान करते हैं।


 

भारत के राष्ट्रीय त्योहारों और उनके महत्व पर निबंध - 2 (300 शब्द)

प्रस्तावना

स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और गणतंत्र दिवस भारत के तीन राष्ट्रीय पर्व हैं। इनमे से प्रत्येक त्यौहारों का अपना-अपना महत्व और प्रासंगिकता है। ये विभिन्न कारणों से मनाए जाते हैं, इन त्यौहारों और उनके महत्व के बारे में यहां संक्षिप्त विवरण दिये गये है:

स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त 1947 के दिन भारत को आजादी मिली थी और तभी से प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह स्वतंत्रता दिवस उन स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के लिए भी मनाया जाता है जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए निःस्वार्थ रूप से अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रत्येक वर्ष उनके इन वीर कार्यो के लिए उन्हें याद किया जाता हैं। स्वतंत्रता आंदोलनों और स्वतंत्रता सेनानियों की बहादुरी का वर्णन करने वाले भाषण महान आत्माओं का सम्मान करने और देश के युवाओं को प्रेरित करने के लिए दिए जाते हैं। इस दिन देश भर के विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

गणतंत्र दिवस

भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को प्रारुप में आया था। इसे हमारे देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिन के रुप में माना जाता है। संविधान के गठन के साथ, भारत एक प्रभुत्व राज्य बना और तभी से 26 जनवरी को पुरे देश भर में अति उत्साह के साथ मनाया जाने लगा। मुख्यतः गणतंत्र दिवस समारोह नई दिल्ली के राजपथ में आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम के दौरान परेड, नृत्य और कई अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जो भारत के संविधान के प्रति हमारे सम्मान को दर्शाते है। इस दिन देश भर में कई छोटे-बड़े कार्यक्रम आयोजित कर जश्न मनाया जाता हैं।

गांधी जयंती

हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनायी जाती है। यह दिन सबसे ज्यादा प्रिय भारतीय नेताओं में से एक, महात्मा गांधी के जन्म दिवस का होता है। वे सदैव ही सच्चाई और अहिंसा के मार्ग का पालन किया करते थे और दुसरो को भी इसके लिए प्रेरित किया करते थे। अंग्रेजों को देश से खदेड़ने के लिए उन्होंने कई भारतीयों को अपने अहिंसा आंदोलन में शामिल किया। यह दिन हमारे देश की स्वतंत्रता की दिशा में उनकी विचारधाराओं और योगदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।

निष्कर्ष

इस प्रकार, भारत के सभी तीन राष्ट्रीय पर्व अपने नागरिकों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। ये पूरे देश में महान उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।

 

भारत के राष्ट्रीय त्योहारों पर निबंध - 3 (400 शब्द)

प्रस्तावना

हमारे देश के प्रत्येक राष्ट्रीय त्यौहारों में प्रमुख कार्यक्रम और समारोह आयोजित किये जाते हैं। इन त्यौहारों में से प्रत्येक को अनूठे तरीके से मनाया जाता है। भारत के तीन प्रमुख राष्ट्रीय पर्व जैसे- स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती को मनाने के निम्नलिखित महत्व यहां दिए गए है:

स्वतंत्रता दिवस समारोह

दिल्ली के लाल किले में राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्रता दिवस मनाये जाते है। देश के प्रधान मंत्री हर साल 15 अगस्त को इस ऐतिहासिक स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। 15 अगस्त 1947 के दिन भारत देश को ब्रिटिश शासन के गुलामी से आजादी मिली थी तथा भारत के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इसी दिन ध्वजारोहण किया गया और तभी से इस अनुष्ठान की शुरूआत हुई हैं।

स्वतंत्रता दिवस उत्सव पर हर साल 21 बंदूको की सलामी दी जाती हैं। इस दिन देश के प्रधान मंत्री अपने भाषण से देश के नागरिको को संबोधित करते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में झंडा फहराने के कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है। इस अवसर का जश्न मनाने के लिए देश भर के स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और आवासीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

गणतंत्र दिवस उत्सव

भारत के संवैधानिक प्रमुख अर्थात राष्ट्रपति प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को राजपथ, नई दिल्ली में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर और भारतीय सेना द्वारा परेड का आयोजन किया जाता हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भारतीय राज्यों के नागरिक अपनी जीवंत और सुंदर झांकी के द्वारा अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करते हैं। स्कूल के छात्र राजपथ में नृत्य एवं अन्य संस्कृति कार्यक्रम को प्रस्तुत करते हैं।

देश के लिए बहादुरी से लड़ने वाले सैनिकों को इस दिन याद किया जाता है और सम्मानित किया जाता है। राष्ट्रपति अशोक चक्र और कीर्ति चक्र के द्वारा इन बहादुर व्यक्तित्वों को सम्मान अर्पित करते हैं। विभिन्न राज्यों के गवर्नर अपने संबंधित राज्यों में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। स्कूलों, कालेजों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों में इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और कई समारोह भी आयोजित किये जाते है।

गांधी जयंती उत्सव

राष्ट्र के पिता महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था, एक लोकप्रिय नेता होने को नाते गांधी जी को उनके जयंती पर विशेष रुप से याद किया जाता है। इस दिन महात्मा गांधी जी की मूर्तियों को फूलों से सजाया जाता है और शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। महात्मा गांधी जी की उपलब्धियों और योगदान के बारे में भाषण भी दिए जाते हैं। अनेक प्रार्थना सभाएं भी आयोजित की जाती हैं और विभिन्न मंत्रियों द्वारा गांधी जी के स्मारको का दौरा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया जाता हैं। उनकी प्रशंसा में देशभक्ति गीत गाए जाते हैं। गांधी जयंती उत्सव के एक हिस्से के रूप में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है।

निष्कर्ष

भारत के सभी नागरिक इन तीन राष्ट्रीय त्यौहारों के उत्सव में दिल से भाग लेते हैं और देशभक्ति की भावना से सराबोर हो जाते है।

 

स्कूलों में राष्ट्रीय त्योहारों के महत्व पर निबंध - 4 (500 शब्द)

प्रस्तावना

भारतीय राष्ट्रीय पर्व जैसे स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और गणतंत्र दिवस जो पूरे देश भर में बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। चूंकि, ये सभी राष्ट्रीय अवकाश हैं, इसीलिए ज्यादातर स्कूलों में इन पर्वो से एक दिन पहले ही इनका आयोजन किया जाता हैं। दो दिनों तक कोई कक्षा न होने के कारण ये छात्रों के लिए दोहरा उत्सव का समय बन जाता है। यहाँ स्कूलों में राष्ट्रीय पर्वो मनाने के निम्नलिखित महत्वो के बारे में बताया गया है:

स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस हमारे देश का सबसे पसंदीदा राष्ट्रीय पर्व है। स्कूलों में इस पर्व को मनाने के महत्व यहां नीचे दिये गये है:

  • स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिएः स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कारण यह सुनिश्चित करना है कि युवा पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदानों की जानकारी प्राप्त हो, जिससे वह उनका मान-सम्मान करे। यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने के साथ-साथ उनके सम्मान का भी प्रतीक है।
  • युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संर्घष का महत्व समझाने के लिए: स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह युवा पीढ़ी को अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान नागरिको के संघर्ष और कठिनाइयों से परिचय कराने का एक अच्छा समय होता है। इस दिन स्वतंत्रता सेनानियों के संर्घष और ब्रिटिश साम्राज्य को कमजोर करने के लिए विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों के आयोजन और आम जनता के प्रयास और समर्थन के ऊपर भाषण दिए जाते हैं और स्कीट का वर्णन किया जाता है।
  • स्वतंत्रता के अनुभूति का उत्सव मनाने के लिए: आजादी की भावना का जश्न मनाने के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह तथा विभिन्न स्कूलों में पतंग उड़ान प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है।
  • युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए: उत्सव भी युवा पीढ़ी के अंदर देशभक्ति की भावना को पैदा करने का एक साधन होता है, जिसका की आज कल के युवा पीढ़ी के युवाओ के भीतर आभाव देखने को मिल रहा है।

गणतंत्र दिवस

देश भर के स्कूलों में गणतंत्र दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया जाता है। हमारे देश में गणतंत्र दिवस मनाने के निम्नलिखित महत्व यहां दिए गए है:

  • भारतीय संविधान के महत्व बताने के लिए: भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को बनाया गया था। ये दिन स्कूलों में छात्रों को भारतीय संविधान के महत्व को समझाने के लिए मनाया जाता है।
  • युवा पीढ़ी को देश के करीब लाने के लिए: भारतीय संविधान के गठन और इसमें शामिल नेताओं के द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों का वर्णन करने तथा उनसे प्रेरणा लेने के लिए भाषण का आयोजन किया जाता हैं। स्कूलों में गणतंत्र दिवस का जश्न युवा पीढ़ी को अपने देश के करीब लाने का एक अच्छा अवसर प्रदान करता है।

गांधी जयंती

स्कूलों में गांधी जयंती मनाने के निम्नलिखित महत्व यहां दिए गए है:

  • युवा दिमाग को महात्मा गाँधी के विचारधाराओं से प्रेरित करने के लिए: गांधी जी को देश के पिता के रुप में जाना जाता है। गांधी जी के सम्मान में स्कूलों तथा कॉलेजों में गांधी जयंती मनाई जाती है और युवा पीढ़ी को उनकी विचारधाराओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस दिन दिये गये भाषणो के माध्यम से युवा पीढ़ी को बापू की प्रेरणादायक जीवन कहानी सुनने तथा सच्चाई और अहिंसा के मार्ग का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
  • देशभक्ति की भावना को स्थापित करने के लिए: बापू एक सच्चे देशभक्त थे। उनके जन्मदिन को देश भर के स्कूलों में उत्सव के रुप में मनाया जाता है। ये छात्रों को अपने अंदर देश के प्रति देशभक्ति की भावना का समायोजन करने के लिए प्रेरित करता है।

निष्कर्ष

छात्र उत्साह के साथ इन उत्सवों में भाग लेते हैं। इस दिन पूरा वातावरण देशभक्ति की भावना से भर जाता है।


 

भारत के राष्ट्रीय त्योहारों पर लम्बे निबंध - 5 (600 शब्द)

प्रस्तावना

भारत त्योहारों की भूमि के रूप में जाना जाता है। प्रत्येक भारतीय राज्य के अपने विशेष पर्व होते हैं जिन्हें प्रत्येक वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और इन त्यौहारों के दौरान अपने नजदीकी और प्रियजनों से भेट करने के लिए जाते हैं। कई धार्मिक त्यौहारों के अलावा, देश में तीन राष्ट्रीय पर्व भी मनाएं जाते है जो स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती हैं। इन सभी त्यौहारों को पूरे देश में अत्यधिक हर्षो-उल्लाष के साथ मनाया जाता हैं। इन त्यौहारों और उनके उत्सव के महत्व के पीछे की कुछ इतिहासिक घटनाएं निम्न रुप से यहां दी गयी है:

1: स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता संर्घष

दशकों तक अंग्रेजों ने भारत को अपने उपनिवेश के रुप में स्थापित किया था। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान उन्होंने भारत के नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया था। नागरिकों को कड़ी मेहनत करने के लिए बाध्य किया जाता था और उसके लिए उन्हें कम मेहनताना दिया जाता था और इसी तरह अंग्रेजों का अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ता चला जा रहा था। महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आज़ाद, शहीद भगत सिंह, बाल गंगाधर तिलक और सरोजिनी नायडू जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने न केवल देश के लिए लड़ा बल्कि स्वतंत्र जनता को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया।

स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के लिए एक विशेष दिन

भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों और उनके संघर्ष के प्रयासों के कारण अंततः वर्ष 1947 में भारत को आजादी मिली। 15 अगस्त 1947 को भारत देश ने स्वतंत्रता प्राप्त की और प्रत्येक वर्ष इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन स्वतंत्रता प्राप्त करने में हमारी मदद करने वाले महान नेताओं का सम्मान करने और श्रद्धांजलि देने के लिए प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस को उनकी याद में मनाया जाता है।

स्वतंत्रता मनाने के लिए एक विशेष दिन

स्वतंत्रता दिवस आजादी का जश्न मनाने के लिए एक विशेष दिन है। इस दिन पूरे देश में इस उत्सव को मनाने के लिए कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

2: गणतंत्र दिवस

भारतीय संविधान के गठन के उत्सव में मनाया जाना वाला दिन

भारत सरकार अधिनियम (1935) को 26 जनवरी 1950 में भारत के संविधान द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। यह देश का कानूनी दस्तावेज बन गया था, भारतीय संविधान को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

विशेष उत्सव का समय

प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस पर एक भव्य समारोह होता है। ये दिन विशेष तरिको से मनाया जाता है। देश की राजधानी, नई दिल्ली में एक प्रमुख गणतंत्र दिवस समारोह होता है। भारत के राष्ट्रपति राजपथ में देश के राष्ट्रीय झंडे को फहराते हैं और राष्ट्रीय गान प्रारम्भ होता है। इसके बाद परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं। इस दिन वीरता पुरस्कार भी वितरित किए जाते हैं।

3: गांधी जयंती

सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी को याद रखने के लिए एक विशेष दिन

महात्मा गांधी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों का नेतृत्व किया और हर कदम पर अंग्रेजों को चुनौती भी दी। हर साल 2 अक्टूबर को पूरे भारत वर्ष में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।

सत्य और अहिंसा के मार्ग का पालन करने की प्रेरणा

महात्मा गांधी जी की विचारधारा उनके समय के अन्य नेताओं से बिलकुल अलग थीं। अधिकांश स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने के लिए आक्रामक साधनों का सहारा लिया, तो वहीं महात्मा गांधी जी ने सच्चाई और अहिंसा के मार्ग का पालन किया। उनकी विचारधारा न केवल अपने समय के लोगों के लिए बल्कि युवा पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणाश्रोत थी। गांधी जयंती बापू की महान विचारधाराओं को याद दिलाने और उन्हें अपने जीवन में अंतर्निविष्ट करने के लिए प्रेरित करती है।

निष्कर्ष

स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती वास्तव में भारतीयों के लिए विशेष दिन होते हैं। इन्हें राष्ट्रीय अवकाश के रूप में घोषित किया गया है। देश भर में इन त्यौहारों को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। इन त्यौहारों के दौरान स्कूलों, कार्यालयों, बाजारों और आवास समितियों को तिरंगे रंग के रिबन, गुब्बारे और झंडे के साथ सजाया जाता है। इन त्यौहारों पर देशभक्ति का वातावरण बनाने के लिए देशभक्ति गीत भी गाए जाते है।


 

भारत के राष्ट्रीय पर्व पर बड़ा निबंध - 6 (800 शब्द)

प्रस्तावना

भारत विभिन्न विविधताओं वाला देश है और यहां कई प्रकार के जाति और धर्म के लोग अपने–अपने पर्व मनाते हैं। परंतु ऐसे पर्व जिसे पूरा देश एक जुट होके पूरे हर्षों-उल्लास के साथ मनाता हो उसे हम राष्ट्रीय पर्व कहते हैं।

भारत के तीन राष्ट्रीय पर्व हैं, पहला गणतंत्र दिवस जो की 26 जनवरी को मनाया जाता है; दूसरा है स्वतंत्रता दिवस जिसे 15 अगस्त को; और तीसरा 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। प्रत्येक पर्व अपने आप मे कुछ ऐतिहासिक घटनओं को दर्शाते हैं, आइये इसे विस्तार से जानें।

1: स्वतंत्रता दिवस - गौरवपूर्ण इतिहास

  • अंग्रेज़ों ने भारत छोड़ा: भारत को 15 अगस्त 1947 में अंग्रेजों के 200 वर्षों की गुलामी से आज़ादी मिली थी। जिसका ज़्यादातर श्रेय गांधी जी को जाता है, जिनके सफल नेतृत्व में कई अहिंसक आंदोलन जैसे सविनय अवज्ञा, विदेशी बहिष्कार इत्यादि हुए और अंग्रेज़ भारत छोड़ने पर मज़बूर हो गये।
  • सांप्रदायिक दंगे: आज़ादी के तुरंत बाद बटवारे की वजह से कई सांप्रदायिक दंगे हुए जिसमें लाखों जानें चली गई। आंदोलन से लेकर बटवारे तक इन सभी कुर्बान लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए इस दिन को मनाया जाता है। इस दिन देश के अमर वीरों जैसे भगत सिंह, सुख देव की कुर्बानी को याद की जाती है और आज-कल के युवा पीढ़ी को बताया जाता है की आज़ वे जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं वो किसके बलिदान का फल है।

आधुनिक दौर में स्वतंत्रता का पर्व

इस दिन हमारे प्रधान मंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज़ फहराया जाता है और इसी क्रम में राष्ट्रगान के बाद, माननीय प्रधानमंत्री जी के भाषण के साथ कुछ कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं।

पूरा देश इस पर्व को अपने-अपने तरीके से मनाता है, कार्योलयों, स्कूलों में तिरंगा फहराया जाता है, तो वहीं दिल्ली में पतंग उड़ा के, कुछ लोग देश भक्ति गीत सुनके इस पूरे दिन को बड़े हर्षो-उल्लास के साथ मनाते हैं। इस दिन पूरा देश तिरंगे के रंग में रंग जाता है और इस पर्व का आनंद उठाता है।

2: गणतंत्र दिवस - ऐतिहासिक साक्ष्य

  • संविधान सभा का निर्माण: गणतंत्र का अर्थ ऐसे शासनप्रणाली से है, जिसमें शासक का एक मात्र उद्देश्य जनता का कल्याण होता है और शासक का चुनाव भी जनमत से होता है। इसके लिए कुछ नियमों की आवश्यकता थी और इसके लिए 1947 में भारत के आज़ादी के बाद, संविधान सभा की घोषणा की गयी। संविधान सभा के अंतर्गत डॉ. भीम राव अंबेडकर जी के नेतृत्व में एक समिति बनाई गयी, जिसे प्रारूप समिति के नाम से जाना गया। इस समिति में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरु, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, सरदार वल्लभ भाई व कई लोग शामिल थे। इस समिति को एक पूर्ण रुप से नए संविधान का निर्माण करना था।
  • संविधान बनने में लगा कुल समय: नए संविधान का निर्माण करने में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन का समय लगा और इसे 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा पेश किया गया। इस वजह से 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप मे मनाया जाता है।
  • 26 जनवरी को इस पर्व के लिए चुनने की वजह: राजेन्द्र प्रसाद द्वारा पेश किए गए कॉपियों में थोड़े बहुत बदलावों के साथ, 24 जनवरी 1950 को 308 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए और जैसा कि दो दिन बाद 26 जनवरी था, जिस दिन वर्ष 1930 में कांग्रेस ने भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की थी। इस वजह से इस तारिख को सर्वोत्तम माना गया। इसके बाद से 26 जनवरी 1950 से लेकर आज तक हम इस तारिख को गणतंत्र दिवस के रूप में मानते आए हैं।

गणतंत्र दिवस का भव्य समारोह

हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली में तिरंगा फहराया जाता है। राजपथ पर कई रंगा-रंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं, जिसमें प्रमुख होती हैं विभिन्न प्रांतों की झांकियां, साथ ही लोक नृत्य एवं भारत के विभिन्न सेनाओं द्वारा परेड़ एवं हवाई करतब भी दिखाए जाते हैं।सरकार द्वारा विभिन्न पुरस्कार भी दिए जाते हैं। इस पर्व को देखने के लिए देश के कोने–कोने से लोग आते हैं और इस शानदार कार्यक्रम के साक्ष्य बनते हैं, और जो यहां नहीं आ पाते वे इसका आनंद घर बैठे अपने टी.वी चैनल पर आराम से लेते हैं।

3: गांधी जयंती - एक राष्ट्रीय पर्व

मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें हम महात्मा गांधी के नाम से जानते हैं। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था और इन्हे हम अपनी स्वतंत्रता का एक प्रमुख स्तंभ मानते हैं। इनके अतुल्य योगदान, विचारधाराओं और लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए सुभाष चंद्र बोस ने इन्हे राष्ट्रपिता की उपाधी दी और लोग इन्हे प्यार से बापू कहने लगे।

ऐसे महान पुरुष के जन्म दिवस को एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। जिसे भारत में गांधी जयंती एवं पूरे विश्व में अन्तराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे अहिंसा के पुजारी थे और हमारे युवा पीढ़ी को भी इनके विचारों को अपनाना चाहिए।

निष्कर्ष

इस प्रकार भारत के तीन राष्ट्रीय पर्व हैं, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती। इन पर्वों पर राष्ट्रीय अवकाश होते हैं, और जब पूरा देश इन पर्वों को एक साथ मनाता है तो उनके देश के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना देखने लायक होती है।

 

 

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