शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस 2019

हर वर्ष की तरह इस वर्ष के शिक्षक दिवस को 5 सितंबर 2019 को मनाया जा रहा है, जो की गुरुवार को है।

शिक्षक दिवस 2019 पर विशेष क्या है?

भारत में 5 सितंबर 2019 को, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है, जो की भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और एक प्रतिभाशाली शिक्षक थे।

इसे हर वर्ष पूरे भारत में, बच्चों द्वारा काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बच्चे शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान और प्रेम दिखाने के लिए, कई प्रकार की तयारी करते हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार के उपहार और भाषण सुना के अपना आदर व्यक्त करते हैं करते हैं।

मध्यप्रदेश सरकार ने पहली बार शिक्षक दिवस को 5 सितंबर की जगह 6 सितंबर को मानाने की बात कही है। जिसके तहत पुरस्कार वितरण समारोह को 5 सितंबर कि जगह 6 को मनाया जायेगा। इस कार्यक्रम में विलम्ब की वजह वहां के शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभु राम जी के दक्षिण कोरिया के दौरे को बतया जा रहा है, जहां से वे 6 सितंबर को वापस लौटेंगे।

गुजरात सरकार ने इस शिक्षक दिवस के मौके पर, गुजरात के बच्चों के लिये प्रतिभाशाली विद्यार्थी पुरस्कार योजना शुरू की है। जिसके तहत कक्षा 5वीं से लेकर 7वीं तक के उन सभी विद्यार्थियों को सम्मानित करेगी जिसने वर्ष 2018-19 के सत्र में 75% से उपर अंक प्राप्त किए हैं।

गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिये भी ऐसे पुरस्कारों का आयोजन किया है, जिसे इस वर्ष शिक्षक दिवस के मौके पर दिया जाएगा।

शिक्षक दिवस

भारतीय शिक्षक दिवस

एक व्यक्ति के जीवन को आकार देने में उसके माता-पिता से ज्यादा एक अच्छे शिक्षक का योगदान होता है। हमारे देश की संस्कृति में शिक्षक को भगवान से ऊपर स्थान दिया गया है। किसी एक के जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने में एक अच्छे गुरु का मार्गदर्शन और सहायता बहुत मायने रखता है। अपने स्कूल-कॉलेज के दिनों में अपने गुरु के द्वारा निभाये गये निर्माणकर्ता की भूमिका को हर सफल इंसान हमेशा याद रखता है, शिक्षक के कार्यों को धन्यवाद शब्द में समाहित नहींकिया जा सकता है। विद्यार्थीयों के जीवन को बेहतर बनाने के दौरान गुरु सबसे ईमानदारी से कार्य करता है, पढ़ाई-लिखाई के अलावा दूसरे पाठ्येतर क्रियाओं में भी शिक्षक विद्यार्थीयों का ध्यान रखते है। अपने जीवन के हर पहलू और मार्गदर्शन के लिये विद्यार्थी अपने शिक्षक पर निर्भर रहता है; और एक अच्छा गुरु कभी अपने चेले को निराश नहीं करता है।

लाखों विद्यार्थीयों के भविष्य को गढ़ने तथा सहायता करने में अनगिनत शिक्षकों के द्वारा दिये गये योगदान का धन्यवाद और सम्मान करने के लिये हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है और इसी के परिणामस्वरुप भारत की किस्मत आकार ले रही है।

शिक्षक दिवस समारोह की उत्पत्ति

डॉक्टर सर्वपल्ली राधकृष्णन के सम्मान में 1962 से शिक्षक दिवस के रुप में मनाने के लिये ये दिन चिन्हित किया गया है जो 5 सितंबर 1888 को पैदा हुए थे। डॉक्टर सर्वपल्ली राधकृष्णन एक महान अध्येता, दार्शनिक और आधुनिक भारत के शिक्षक थे साथ ही उन्हें 1954 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया। वो 1962 में भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने। इसलिये ये केवल स्वाभाविक था कि पूरे देश भर में लाखों अनजान शिक्षकों को सम्मान देने के लिये उनका जन्म दिन मनाया जाता है। ये उनकी इच्छा थी कि हर साल 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने के बजाय पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रुप में इस दिन को मनाना ज्यादा बेहतर होगा।

भारत का शिक्षक दिवस दुनिया के शिक्षक दिवस से अलग है जोकि पूरे विश्व में 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

 

शिक्षक दिवस समारोह का तरीका

इस दिन देश के हर स्कूल में, अपने गुरु के प्रति इज्जत और प्यार के प्रतीक के रुप में विद्यार्थी कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा क्रिया-कलापों का प्रबंधन और प्रदर्शन करते है। विद्यार्थीयों से अच्छे परिणाम पाने और स्कूल के विकास में अपने योगदान के लिये अद्भुत् शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाता है।

अपने पसंदीदा शिक्षक के प्रति स्नेह और आभार प्रकट करने के लिये विद्यार्थी खुद से भी गुरु को उपहार देता है। विद्यार्थी और शिक्षक के बीच में एक जीवन-पर्यन्त संबंध विकसित हो जाता है। शिक्षक भी इस दिन पर खुद को खास महसूस करता है क्योंकि उसके कड़ी मेहनत और ईमानदारी को सम्मान दिया जाता है।

राष्ट्र को बनाने में शिक्षकों की भूमिका बहुत महत्व और सार्थक होती है; इसलिये ये जरुरी है कि हम उनका अत्यधिक सम्मान और आभार जताएँ और विद्यार्थी-शिक्षक के खास संबंध के दिन को 5 सितंबर के रुप में मनाये।

शिक्षक दिवस का महत्व

हमारे जीवन में शिक्षक दिवस का महत्व उतना ही अधिक है जितना की शिक्षकों का। यह वह दिन है जब लोग देश के कोने-कोने से इन्हे इनके योगदान से सबको शिक्षित करने, सभ्य बनाने, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाने के लिये सलाम करते हैं। शिक्षक देश के लिये हर दिन काम करते हैं परंतु, शिक्षक दिवस पूरे वर्ष में बस एक ही बार मनाया जाता है, जब हम अपने शिक्षकों को धन्यवाद दे पाते हैं, कि उन्होने हमें इतना काबिल बनाया, हमें इतना ज्ञान दिया कि हम सही-गलत का भेद समझ पाएं और हमें कड़ी मेहनत करने और अनुशासित जीवन जीने का पाठ पढ़ाया।

शिक्षक दिवस मनाने का महत्व

किसी भी उत्सव को मनाने कि चाह और खुशी ही उसे विशेष बनाती है। ठीक इसी प्रकार शिक्षक दिवस मनाने का उत्साह भी हमारे लिये महत्वपूर्ण है, अन्यतः इस दिन का कोइ खास महत्व नहीं रह जाएगा। देश भर में इस दिन आयोजित किये जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम, लोगों को अपने राष्ट्रीय विरासत से परिचित कराते हैं। शिक्षक किसी भी समाज के सबसे महत्वपूर्ण अंग होते हैं, इसलिये उन्हे सबसे अधिक सम्मान और प्राथमिकता दी जानी चाहिये और इसी वजह से शिक्षक दिवस समारोह में भाग लेना चाहिये और कुछ कविताओं और भाषणों के माध्यम से अपने शिक्षक के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त करना चाहिये।

पीएम मोदी का शिक्षक दिवस 2015 पर छात्रों के लिए भाषण

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार: 5 सितम्बर 2015 से एक दिन पहले मतलब 4 सितम्बर को सुबह 10:00-11:45 के बीच में मोदी ने शिक्षक दिवस पर छात्रों को बड़े पैमाने पर संबोधित किया। उन्होंने 5 सितम्बर से एक दिन पहले अपना भाषण दिया है क्योंकि 2015 में 5 सितम्बर को जन्माष्टमी के कारण अवकाश रहेगा।

 

उन्होंने 4 सितंबर को देश भर के छात्रों के साथ सार्वजनिक बोलने पर कुछ सुझाव साझा करने के क्रम बातचीत की है। उन्होंने एक छात्र के सवाल ("आपने वक्तृत्व में ऐसी महारत कैसे हासिल है?") का जवाब दिया, जो यह जानने के लिए बहुत उत्सुक था कि कैसे पी0 एम0 एक स्क्रिप्ट के बिना भाषण देते है? पी0 एम0 ने जबाब दिया, "एक अच्छा वक्ता होने के लिये आपको एक अच्छा श्रोता होने की आवश्यकता है। आपको अपनी ऑखों और कानों दोनों के साथ सुनने की आवश्यकता है।" उन्होनें छात्रों को यह कहकर प्रोत्साहित किया कि, "लोग क्या कहेगें इसकी चिन्ता मत करो। घबराओं नहीं। आपको आत्मविश्र्वासी होना चाहिये, "।

उन्होंने कहा कि,जो भी आप कहना चाहते हो उसे लिख लो “जो आपके भाषण को प्रवाहपूर्ण बनाने में मदद करेगा,”। उन्होंने छात्रों को यह भी सुझाव दिया कि उन्हें गूगल और यू ट्यूब की भी मदद लेनी चाहिये और कहा कि, “आखकिरकार तुम सब गूगल गुरु विद्यार्थी (छात्रों) हो। यदि आप ऑनलाइन अन्य भाषणों को देखते हो, तो आप विश्वास हासिल करोगे।”

उनसे एक अन्य छात्र ने नेतृत्व के बारे सवाल किया जिसका जबाब उन्होंने दिया कि,“ एक नेता होने के लिये आपको लोगों से जुडना होगा। उनके दर्द आपको निंद्राहीन रातें देंगे,”। उन्होंने छात्रों से सोचने के लिए आग्रह किया कि,“ वे नेता बनना क्यों चाहेंगें।”, “ खुशी के लिये, चुने जाने के लिये, या समस्याओं को सुलझाने के लिये।”

5 सितंबर 2014 को पीएम मोदी के शिक्षक दिवस के भाषण पर विवाद

हालाँकि भारत के बच्चे इस दिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाते है जब वो अपना प्यार और सम्मान अपने गुरु के लिये दिखाते है और बदले में गुरु भी अपना स्नेह अपने शिष्यों पर लुटाते है, लेकिन ये साल 5 सितंबर 2014 का शिक्षक दिवस सामान्य विद्यार्थी-शिक्षक के उत्सव के अलावा दूसरे कारणों के लिये भी चर्चा में रहा।

मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशानुसार पूरे देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को सरकार द्वारा कहा गया कि दिल्ली के मानेकशॉ ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक दिवस पर पीएम नरेन्द्र मोदी के सजीव भाषण के लिये आश्वस्त और प्रबंध करें।
कहे गये निर्देश में ये भी कहा गया कि स्कूलों को टेलिविजन, केबल कनेक्शन तथा प्रोजेक्टर आदि का इंतजाम करना होगा। जिससे विद्यार्थी भी प्रश्न-उत्तर सत्र को देख सके जिसका सजीव प्रसारण दूरदर्शन पर शाम के 3 से 4-45 के बीच होगा।

विवादास्पद निर्देश

लेकिन इस निर्देश का कुछ स्कूलों और विपक्षी पार्टीयों द्वारा इस आधार पर निंदा किया गया कि पीएम के भाषण को देखने के लिये 5 बजे शाम तक स्कूली बच्चों को जबरजस्ती रोक के नहीं रखा जा सकता। विपक्षी पार्टी ने सलाह दिया कि भाषण का समय स्कूली बच्चों के अनुरुप होना चाहिये जिससे छोटे स्कूली बच्चों को शाम तक स्कूल में रुकना नहीं पड़ेगा।

इसके अलावा, दूसरी समस्या जिसका स्कूल प्रशासन को सामना करना पड़ा कि इतने कम समय के नोटिस में उन्हें भाषण के सजीव प्रसारण के लिये जरुरी तकनीकी यंत्रों का प्रबंधन मुश्किल हो रहा था क्योंकि देश के सभी स्कूल आधुनिक टेलीकॉम्यूनिकेशन यंत्र और संरचना से सुसज्जित नहीं है।

एक और प्रश्न जो महत्वपूर्ण है कि क्या पीएम के भाषण को देखने और सुनने के लिये स्कूली बच्चों को बाध्यकारी किया जा सकता है। हालाँकि देश के पीएम को अधिकार है कि वो राष्ट्र के बच्चों को संबोधित कर सके लेकिन उनको सुनना अनिवार्य है, ये नाजायज लगता है।
आशा है कि शिक्षक दिवस का विवाद इस दिन के अच्छाई को प्रभावित नहीं करेगा जो कि महान शिक्षाविद् और अध्येता राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में हर साल को 5 सितंबर को मनाया जाता है और शिक्षक दिवस की पवित्रता तथा उपयोगिता को अर्थहीन राजनीतिक विवादों से ठेस नहीं पहुँचेगी।

ये अच्छा होता अगर शिक्षक दिवस हमेशा गुरु-शिष्य बंधन के प्यार और सम्मान के रुप में हमेशा बना रहता जैसे ये हमेशा रहता है।

शिक्षक दिवस पर उद्धरण (कोट्स)

विद्यार्थी के जीवन में एक शिक्षक का बहुत अहम रोल होता है। ये बच्चों के भविष्य के वास्तविक आकृतिकारक होते है जिन्हें कभी भी दरकिनार नहीं किया जा सकता। शिक्षा को असरदार और मजेदार बनाने के लिये शिक्षक अपना पाठ खुद से तैयार करते है साथ ही विद्यार्थीयों की पढ़ाई को आसान बनाते है। यहाँ हम कुछ पूरी दुनिया के प्रसिद्ध व्यक्तियों द्वारा शिक्षकों के बारे में कहा गया कुछ प्रभावकारी, प्रेरणादायी और रोचक उद्धरणों की सूची दे रहे है। आप इनका प्रयोग अपने गुरु के जन्मदिन, शिक्षक दिवस या दूसरे अवसरों पर कर सकते है।

“मैं धन्य महसूस करता हूँ मैं विद्यार्थीयों को संबोधित कर सकता हूँ जो भारत के भविष्य है”।– नरेन्द्र मोदी

“समाज के लिये अध्यापकों के महत्व को अवश्य ध्यान में रखना चाहिये”।- नरेन्द्र मोदी

“जब तक शिक्षक अपना बकाया पायेंगे बदलाव लाना मुश्किल है”।- नरेन्द्र मोदी

“हमें जरुर ये प्रश्न पूछना चाहिये कि क्यों अच्छा विद्यार्थी शिक्षक नहीं बनता”।- नरेन्द्र मोदी

“जब मैं जापान में एक स्कूल में गया मैंने देखा कि स्कूल को साफ करने के लिये गुरु और शिष्य दोनों कार्य करते है मैं आश्चर्यचकित था कि क्यों हम ऐसा भारत में नहीं कर सकते”।- नरेन्द्र मोदी

“एक विद्यार्थी के नाते मैं आश्वस्त हूँ कि आपके कई सपने होंगे। अगर आप दृढ़प्रतिज्ञ हो जाएँ आगे बढ़ने के लिये तो कोई आपको रोक नहीं सकता। हमारे युवा प्रतिभावान है”।–नरेन्द्र मोदी

“भारत एक युवा राष्ट्र है। क्या हम अच्छे शिक्षकों के निर्यात के बारे में नहीं सोच सकते ?” - नरेन्द्र मोदी

“गूगल गुरु पर जानकारी प्राप्त करना आसान है लेकिन वो ज्ञान के बराबर नहीं होगा”।- नरेन्द्र मोदी

“राष्ट्र के प्रगति के लिये विद्यार्थी और शिक्षक दोनों को आगे बढ़ना चाहिये”।- नरेन्द्र मोदी

“अगर आप दृढ़ संकल्पी है तो कोई भी आपको आपके सपनों को निर्धारित करने से नही रोकेगा”।–नरेन्द्र मोदी

“अगर आपकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, अनुभव आपको सिखाएगा”।- नरेन्द्र मोदी

“हर एक को खेलना और पसीना बहाना चाहिये। जीवन किताबों के दलदल में नहीं फँसी होनी चाहिये”।- नरेन्द्र मोदी

“तकनीक का महत्व हर दिन बढ़ रहा है। तकनीक को अपने बच्चों से हमें नहीं छीनना चाहिये अगर हम ऐसा करते है तो ये सामाजिक अपराध होगा”।-नरेन्द्र मोदी

“डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने देश की अच्छे से सेवा की, उन्होंने अपना जन्मदिन नहीं मनाया, उन्होंने इस दिन को शिक्षकों के लिये मनाया”।- नरेन्द्र मोदी

“हम चाहते है कि राष्ट्र निर्माण लोगों का आंदोलन हो”।–नरेन्द्र मोदी

“एक अच्छा शिक्षक उम्मीद को प्रेरणा दे सकता है, कल्पनाओं को सुलगा सकता है और सीखने के प्यार को मन में बैठा सकता है”।–ब्रैड हेनरी

“उत्कृष्ठ शिक्षक से सराहना के साथ कोई पीछे देखता है लेकिन उनको आभार के साथ जिन्होंने मानव एहसास को छुआ है। पाठ्यक्रम बहुत जरुरी कच्छी सामाग्री होती है लेकिन पौधों और बच्चों की आत्मा के बढ़ने के लिये ताप बड़ा तत्व होता है”।– कार्ल जंग

“एक अच्छा शिक्षक एक अच्छे मनोरंजक की तरह पहले अपने श्रोताओं का ध्यानाकर्षण करता है तब वो पाठ पढ़ा सकता है”।–जॉन हेनरिक क्लार्क

“जीवन में सफल होने की कुंजी शिक्षा है और अपने विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक चिरस्थायी प्रभाव डालता है”।– सोलोमन ओरटीज़

“सृजनात्मक अभिव्यक्ति और ज्ञान में हर्ष को जागृत करने के लिये शिक्षक की कला श्रेष्ठ होती है”।–अल्बर्ट आइंस्टीन

“मैं यहाँ इस विश्वास से आया हूँ कि एक महान शिक्षक महान कलाकार होता है और उनके जैसे कलाकार कम ही होते है शिक्षण शायद सभी कलाओं में सबसे महान हो सकता है क्योंकि उत्साह और मानव दिमाग का माध्यम है”।–जॉन स्टेनबेक

“आप शिक्षक से मदद ले सकते है लेकिन एक कमरे में अकेले बैठकर आपको खुद से बहुत कुछ सीखने के लिये अवश्य जाना चाहिये”।–डॉक्टर सियस

“हर बच्चे के जीवन में एक ध्यान देने वाला वयस्क होना चाहिये और वो हमेशा जैविक माता-पिता या पारिवारिक सदस्य ही नहीं। वो दोस्त या पड़ोसी भी हो सकता है प्राय: वो एक गुरु होता है”।– जो मशीन

“अच्छे शिक्षक जानते है कि विद्यार्थी के जीवन को सबसे बेहतर देना है”।– चार्ल्स कुराल्ट

“मैंने बहुत बोलने वाले से चुप रहना सीखा है, सहनशीलता असहिष्णु से, और अत्याचारी से दया। फिर भी अजीब है मैं उन शिक्षकों का अधन्यवादी हूँ”।– खलिल गिब्रान

“एक शिक्षक अनन्तकाल तक प्रभावशाली हो सकता है; वो नहीं कह सकता कि कहाँ पर उसका प्रभाव समाप्त होगा”।– हेनरी एड्म्स

“चॉक और चुनौती के सही मिश्रण से शिक्षक जीवन बदल सकता है”।– जोयेस मेयर

“अगर मैं दो व्यक्तियों के साथ चल रहा हूँ, दोनों मेरे शिक्षक का कार्य करेंगे, मैं किसी एक का अच्छा विचार लूँगा और अनुसरण करुँगा और दूसरे का बुरा विचार लेकर खुद में उसका सुधार करुँगा”।– कनफ्यूसियस

“आविष्कार को सहायता करना शिक्षण की कला है”।– मार्क वेन डोरेन

“शिक्षण एकमात्र मुख्य पेशा है जिसके लिये अभी तक हमने कोई तरीका नहीं अपनाया है जो एक औसत सामर्थ्य और ठीक ढंग से काम करने वाला व्यक्ति तैयार कर सके शिक्षण में हम स्वाभाविक चीजों पर निर्भर करते है; जो जानता है कि कैसे पढ़ाना है”।– पीटर ड्रकर

“एक आधुनिक शिक्षक का कार्य जंगल को काटना नहीं बल्कि मरुभूमि की सिंचाई करना है।”-सीएस लेविस

“सपनों की शुरुआत शिक्षक के साथ होती है जो आपमें भरोसा करता है, जो आपको धक्का देकर और खींचकर अगले पठार तक ले जाता है। कई बार आप पर नुकीले डंडे से प्रहार करता है जिसे ‘सच्चाई’ कहते है”।–डैन रैदर

“एक अच्छा शिक्षक पूरे जीवन काल में हो सकता है एक दुष्ट को अच्छा नागरिक में परिवर्तन कर दे”।– फिलीप विलिये।

“एक औसत शिक्षक जटिलता को समझाएगा, गुणी शिक्षक सहजता को बतायेगा”।–रॉबर्ट ब्रॉल्ट

“मेरा मानना है कि शिक्षक इस समाज के सबसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार सदस्य होते है क्योंकि धरती के भविष्य को उसका पेशेवर प्रयास प्रभावित करेगा”।– हेलन कॉल्डिकॉट

“आदर्श शिक्षक वो है जो खुद को पुल की तरह इस्तेमाल करे जिसपर अपने विद्यार्थीयों को चलने के लिये आमंत्रित करता है, उनके यात्रा को सुगम बनाए, खुशी से विनाश को खत्म करे, तथा खुद से पुल बनाने के लिये प्रोत्साहित करे”।– निकोस कज़ानत्ज़ाकिस

“एक शिक्षक जो एक केवल अच्छे कार्य के लिये एक एहसास जागृत कर सकता है, केवल एक कविता के लिये, वो उससे ज्यादा प्राप्त करेगा जो रुप और नाम के साथ वर्गीकृत प्राकृतिक वस्तुओं के कतारों से हमारी यादों को भर देगा ”।–जोहान वोल्फगैंग वॉन रोएथे

“एक शिक्षक जो पढ़ाने का प्रयास करता है बिना अपने शिष्यों को प्रेरणा दिये सिखाने की इच्छा रखता है एक ठंडे लोहे पर हथौड़ा मारने जैसा है”।–होरेस मन

“हमने खोजा कि शिक्षा वो नहीं है जो शिक्षक पढ़ाता है लोकिन ये प्राकृतिक प्रक्रिया है जो मानव में अनायास ही विकसित होता है”।–मारिया मॉनटेसरी

“जीवन के लिये मैं अपने पिता का आभारी हूँ लेकिन अच्छे से जीने के लिये अपने शिक्षक का आभारी हूँ”।–अलेक्जेंडर द ग्रेट

“आप सीखना कभी बंद नहीं करते, अगर आपके पास गुरु है, आप विद्यार्थी बनना कभी नहीं छोड़ेंगे”।–एलिजाबेथ रोम

“एक अच्छा शिक्षक एक दृढ़निश्चयी व्यक्ति होता है”।–गिल्बर्ट हाईएट

“मैं एक ऐसे शिक्षक को पसंद करुँगा जो होमवर्क के अलावा भी आपको कुछ घर ले जाने को दे”।–लिलि टॉमलिन

“अगर आप को किसी को कुर्सी पर बैठाना है, गुरु को बैठाइये वो समाज के हीरो है”।–गाय कावासाकी

“मैं भाग्यशाली था कि सही समय पर सही सलाहकार और सही शिक्षक से मिला”।–जेम्स लेविन

“सबसे बेहतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिनको मैं जानता हूँ शिक्षक होते है करोड़ों को दिया गया उनका ज्ञान कार्यनीति होती है”।–माइकल पोर्टर

 

 

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