शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक द्वारा छात्रों के लिए धन्यवाद भाषण

शिक्षक दिवस के लिये बच्चे जितने उत्साहित रहते हैं उतने ही शिक्षक भी। बच्चे कई दिन पहले से इसकी तैयारी में लग जाते हैं। वे इतनी मेहनत करते हैं, तब जाके यह कार्यक्रम संपादित होता है। ऐसे मे उनकी मेहनत की तारीफ करना तो बनता है। इससे उनका मनोबल बढ़ता है और उनमें उत्साह भी बना रहता है। आखिरकार शिक्षक भी इस दिन का भरपूर आनंद लेते हैं और छात्रों से विशेष लागाव महसूस करते हैं और उन्हे उनके शिक्षक होने पर गर्व होता है।

शिक्षक दिवस मनाने की वजह भले ही डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिन है लेकिन, हमने उनके बारे मे केवल पढ़ा है, और एक शिक्षक एवं छात्र के बीच का रिश्ता कितना खास होता है यह एक शिक्षक होने पर ही पता चलता है। बच्चों को शिक्षित करना बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है और शिक्षक इसे बखूबी निभाते हैं और समझते भी हैं और जब बच्चे उन्हे इतना खास महसूस कराते हैं तो वे अभिभूत हो जाते हैं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक द्वारा छात्रों के धन्यवाद के लिए लम्बे तथा छोटे भाषण (Long and Short Thank You Speech by Teachers to Students on Teachers’ Day in Hindi)

अगर आप भी एक शिक्षक है और शिक्षक दिवस के लिए एक अच्छे भाषण की तलाश कर रहे है तो हम आपके सहायता के लिए हाजिर है।

एक शिक्षक के नजरिये को समझते हुए, हम आपके लिये छोटे व बड़े भाषण लेकर आए हैं। जिसमे उन सुनहरे लम्हों का व्याख्यान हमने बड़े ही सुंदर शब्दों में किया है जो एक शिक्षक के मन में चल रही होती हैं, उसे एक ओर अपने बच्चों पर गर्व होता है तो वहीं उनके समझदारी भरी बातें सुन कर खुशी भी।

यहां आपको छोटे तथा बड़े दोनो प्रकार के धन्यवाद भाषण आसानी से मिल जायेंगे, जोकि मुख्य रुप से इसी के लिए तैयार किए गये है। इनकी सहायता से आप अपना स्वयं का भाषण भी तैयार कर सकते है और इस शिक्षक दिवस के अवसर को बेहतरीन बना सकते हें।

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक द्वारा छात्रों के धन्यवाद के लिए भाषण 1

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, साथी शिक्षकों और मेरे प्यारे विद्यार्थियों मैं आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हुँ !

सबसे पहले मैं अपने साथी शिक्षकों और प्रधानाचार्य महोदय का धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हुँ। आज 5 सितम्बर है और इस दिन का मेरे ह्रदय में विशेष स्थान है। आज से 20 वर्ष पहले 1 सितम्बर के दिन मैने इस विद्यालय में पढ़ाना शुरु किया था और उसके 4 दिन बाद शिक्षक दिवस का अवसर था, जिसपे मुझे भाषण देने के लिए बुलाया गया था।

आज 20 वर्ष बाद भी मैं फिर से उसी स्थान पर हुँ और विद्यालय भी वैसा ही है, शिक्षक और कर्मचारी भी लगभग वैसे ही है बस विद्यार्थियों के चेहरे हर साल बदल जाते है। वैसे तो जब विद्यार्थी यहां से उर्तीण होकर निकलते है तो हमें खुशी और गर्व महसूस होता है हालांकि इसके साथ ही उनसे बिछड़ने का गम भी होता है।

वैसे तो मैं आज भावुक नही होना चाहता क्योंकि आज खुशी और उत्सव का अवसर है। सबसे पहले तो मैं इस शानदार कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए अपने सभी विद्यार्थियों को धन्यवाद देना चाहूँगा। मुझे विश्वाश है कि शिक्षक दिवस के बारे में और यह 5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है, इसके बारे में आप सब को पता ही होगा। फिर भी आपकी जानकारी के लिए आपको बता दुं की इस दिन सन् 1888 को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन का जन्म हुआ था, जोकि एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जो आगे चलकर एक बहुत ही प्रसिद्ध शिक्षक बने तथा आजादी के बाद वह भारत के उप-राष्ट्रपति और राष्ट्रपति भी बने।

वैसे तो हर वर्ष यह दिन शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है, पर इस वर्ष आज का यह दिन अपने प्रिय विद्यार्थियों को समर्पित करना चाहूँगा। मुझे अपने माता-पिता के तरह इतना प्यार और सम्मान देने के लिए मैं इस मंच से अपने सभी विद्यार्थियों को धन्यवाद देना चाहूँगा। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूँ जो मेरा मेरे छात्रो के साथ इस तरह का संबंध है। हाँ मैं यह बात जरुर स्वीकार करुंगा कि कई बार मैं नाराज हो जाता हुँ और आप सभी के साथ कड़ाई से पेश आता हुँ पर यह इसलिए करता हूँ कि आप अपने मार्ग से ना भटके और अपने पढ़ाई पर ध्यान दें। विद्यालय आपके सफलता के प्रथम सीढ़ी की आधारशिला है, इसलिए मैं चाहता हुँ कि आप सब अपने जीवन में तरक्की प्राप्त करें।

इस वर्ष हमारे विद्यालय के विद्यार्थियों ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया और तीन स्वर्ण पदक तथा दो रजत पदक प्राप्त किये। यह हम सबके लिए एक बहुत ही गौरवनित करने वाला अवसर था मैं अपने उन सभी विद्यार्थियों का शुक्रिया अदा करना चाहूँगा जिन्होंने अपने पढ़ाई के साथ ही समय बचाकर प्रतियोगिता के लिए भी अभ्यास किया।

आज के दिन मैं सभी छात्रों से कहना चाहता हूँ कि आप सभी खेल-कूद जैसी अन्य गतिविधियों में जरुर हिस्सा ले। पढ़ाई आपकी प्राथमिकता होनी चाहिये पर  आपको अपने जीवन का आनंद लेना भी नही भूलना चाहिये। आपको अपने पसंद के एक कार्य में अवश्य हिस्सा लेना चाहिए, चाहे वह खेल हो या पहेली, कला, संगीत, नाटक, चित्रकारी आदि में से ही एक क्यो ना हो आप हमेशा अपने रुचियों में हिस्सा लेने की कोशिश किजिये क्योंकि यह आपको एक बेहतर इंसान बनने में और जीवन में तरक्की प्राप्त करने में आपकी सहायाता करेंगा।

आप सभी को मेरे ओर से शुभकामनाएं और धन्यवाद!

 

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक द्वारा छात्रों के धन्यवाद के लिए भाषण 2

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, साथी शिक्षक, सभी कर्मचारीगण और मेरे प्रिय विद्यार्थियों आप सभी का इस कार्यक्रम में स्वागत है।

सबसे पहले तो मैं आज के हर प्रतिभागी का आज के इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए धन्यवाद देना चाहूँगा। हर वर्ष के तरह इस वर्ष भी हम इस कार्यक्रम को मना रहे हैं। जिसका सभी के लिए विशेष महत्व है खासतौर से विद्यालयों के लिए, आज 5 सितंबर है और इस दिन को हर वर्ष पूरे देश भर में शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। 5 सितंबर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन की जंयती है जोकि एक महान विद्वान और शिक्षक थे, इसके साथ ही वह एक जाने-माने दार्शनिक और राजनेता भी थे जो कि भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और 1962 से लेकर 1967 तक दूसरे राष्ट्रपति भी रहे।

मैं सभी विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम का इतने भव्य तरीके से आयोजन करने के धन्यवाद देता हुँ। यह दिन हमारे विद्यालय के इतिहास में बहुत महत्व रखता है क्योंकि आज से 30 वर्ष पहले इसी दिन हमारे विद्यालय की स्थापना हुई थी। तब से हमने कई सारे विद्यार्थियों को पढ़ाया है तथा वह हमारे विद्यालय से पढ़कर काफी अच्छे अंको से उत्तीर्ण हुए है और आज के समय में बड़े-बड़े कंपनियों में अच्छे पदो पर कार्यरत है। ऐसे भी कई मौके आये है जब कुछ विद्यार्थियों को उनको मन मुताबिक परिणाम नही प्राप्त हुए पर फिर भी एक बात जो हमेशा जारी रही वह है छात्रो का अपने लक्ष्य और पढ़ाई के प्रति समर्पण।

आज के इस मंच से, मैं आप सभी छात्रो का पढ़ाई के अलावा नृत्य, खेल, संगीत, और कला जैसी अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए धन्यवाद देना चाहूँगा। वर्तमान में हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर हमारे विद्यालय का प्रतिनिधित्व करते है जो कि वाकई में एक गर्व की बात है।

जब आज से 10 वर्ष पहले मैं इस विद्यालय का हिस्सा बना था। तब इस बात को लेकर मेरे मन में संशय था कि क्या विद्यार्थी मुझे समझ पायेंगे। पर मुझे यह बात कहते हुए काफी खुशी महसूस हो रही है कि इस विद्यालय के छात्र काफी समझदार, विवेकशील और शिक्षकों का काफी सम्मान करने वाले हैं। कई बार हम शिक्षक काफी कड़ाई बरतते है और आप लोगो को डांटते है, जब आप हमारे उम्मीदो के अनुसार प्रदर्शन नही करते है। आज मैं आपको बताना चाहूँगा कि हमें आप सबसे काफी ज्यादे उम्मीद रहती है। तो इसलिए आप समझ सकते है क्यों हम कभी-कभी आपसे कड़ाई से पेश आते है और क्यों हर समय आपसे अच्छे व्यवहार की उम्मीद रखते है। आपके माता-पिता या अभिभावक को हमारे विद्यालय पर काफी भरोसा रहता है और वह आपसे उनका नाम रोशन करने की उम्मीद रखते है। कई सारे विद्यालयों में से उन्होंने आपके लिए इस विद्यालय का चयन किया है और वह चाहते है आप अपने विषयो में अच्छा प्रदर्शन करे जैसे हम सब के आदर्श डॉ राधाकृष्णनन ने किया था।

इसके साथ ही आप सबका यहां आने के लिए और इस कार्यक्रम को इतना शानदार बनाने के लिए धन्यवाद। हमारे विद्यालय के छात्र हमे बहुत ही प्रिय है और आज हमारा विद्यालय इस स्थान पर उनके ही बदौलत पहूँचा है। इसके साथ ही वर्ष-प्रति वर्ष नयी सफलताओं को प्राप्त कर रहा है।

मेरे लिए यह एक बहुत ही शानदार मंच है जहा मैं आज आप सभी छात्रो को धन्यवाद दे सकता हुँ और आपसे उम्मीद करता हु कि भविष्य में भी इसी तरह से कार्य करेंगे और प्रगति को प्राप्त करेंगे।

मैं यही प्रार्थना करता हूँ कि आप सभी अपने जीवन में ऐसे ही सफलता हासिल करते रहे।

मेरे इस भाषण को इतने धैर्यपूर्वक सुननें के लिए आप सभी का धन्यवाद!

 

शिक्षक दिवस पर शिक्षक द्वारा छात्रों के धन्यवाद के लिए भाषण 3

आदरणीय शिक्षक महोदय, साथी शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों आज के इस कार्यक्रम में आप सभी का हार्दिक स्वागत है!

आज हम सब उस पवित्र दिन को मनाने के लिए इकठ्ठा हुए है, जो हमारे ह्रदय और चेतना में एक विशेष स्थान रखता है जी हाँ वो है शिक्षक दिवस। हर वर्ष पांच सितंबर को हम इस मैदान में महान शिक्षक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन को श्रद्धांजलि देने के लिए इकठ्ठा होते है, जोकि आज के दिन पैदा हुए थे।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन स्वतंत्र भारत के सबसे महान शिक्षकों में से एक थे, इसके साथ ही वह हमारे देश के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। हर वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर हमारे देश के विद्यालयों में शिक्षकों के मेहनत और छात्रों का भविष्य सवारने के लिए किए गये कार्यो के लिए उनका सम्मान किया जाता है।

आज इस मंच के माध्यम से मैं अपने छात्रो को मुझे इतना प्रेम और सम्मान प्रदान करने के लिए धन्यवाद देना चाहूँगा। इसके अलावा मैं इस अवसर पर पूरे विद्यालय प्रशासन तथा शिक्षक समूह के ओर से इतने भव्य रुप से इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए आप सभी छात्रों को भी धन्यवाद देना चाहूँगा। मैं देख रहा था कि विद्यालय के समय के बाद छात्र अतिरिक्त समय निकालकर इस कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे आप सबके इन कार्यों और कठिन परिश्रम के लिए आप सभी धन्यवाद के हकदार हैं।

सदियों से भारत में शिक्षकों को काफी सम्मान दिया जाता है और शिक्षक दिवस वह अवसर है जब शिक्षक और छात्र एकदूसरे को धन्यवाद देते है। मैं नही कह रहा हूँ कि हम पृथ्वी के सबसे उत्तम प्राणी है, हममें भी कुछ कमियां या कमजोरिया नही हैं। इसलिए यह काफी जरुरी है कि शिक्षक कभी सीखना ना छोड़े और सदैव बेहतर बनने का प्रयास करें।

अलग-अलग विद्यालयों में शिक्षक दिवस का आयोजन अलग-अलग तरीको से होता है। कुछ विद्यालयों में छात्र अपने पसंदीदा शिक्षकों के जैसे कपड़े पहनकर कक्षाओं को सँभालते है और वही शिक्षक और दूसरे छात्र शांतिपूर्वक उनकी बाते सुनते है। इस तरह के अनुभवो से हमे हमारे स्कूल के दिन याद आ जाते है और इसके साथ ही छात्रों को भी एक शिक्षक की चुनौतियां समझ में आती है। यह दिन शिक्षकों और छात्रो के लिए बातचीत का एक अच्छा अवसर होता है। मैं अपने कक्षा के हर छात्र से बात करने की कोशिश करता हुँ और चाहता हूँ कि वह मुझसे अपने विचार साझा करे, जिससे मैं उनके समस्याओं को और भी बेहतर ढंग से समझ सकूँ।

हमने शिक्षक दिवस के कार्यक्रम को हमेशा मजेदार ढंग से आयोजित किया है और इसका श्रेय हमारे विद्यालय के छात्रों को जाता है। भले ही कार्यक्रमों का निश्चय विद्यालय प्राधिकरण द्वारा लिया गया हो पर इसकी पूरी तैयारी छात्रो ने ही की है और यह हमारे विद्यालय के छात्रों के प्रतिभा को दर्शाता है। इसके साथ ही हमारे छात्र बहुत ही खुशमिजाज और अच्छे है जो बहुत ही आसानी से अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के बीच तालमेल बैठा लेते है।

इस मंच के माध्यम से मैं आपसे कहना चाहता हूँ कि मुझे उम्मीद है कि आप अपने परीक्षाओं में अपना उत्तम प्रदर्शन करेंगे और माता-पिता तथा विद्यालय का नाम रोशन करेंगे। यह काफी आवश्यक है कि आप अपने दूसरे कार्यों जैसे कि खेल, नृत्य, संगीत कला आदि में भी हिस्सा ले जिससे आपका समग्र विकास हो सके।

आप सभी को मेरी तरफ से आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

मुझे अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप सभी का धन्यवाद!


 

शिक्षक दिवस पर शिक्षक द्वारा छात्रों के धन्यवाद के लिए भाषण 4

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, साथियों, प्रिय शिक्षकगण और प्रिय छात्रों आप सभी का हार्दिक अभिनंदन!

यहां आने के लिए आप सभी का धन्यवाद, आज हम सभी के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आज हम सब यहा अपने विद्यालय में वार्षिक शिक्षक उत्सव मनाने के लिए इकठ्ठा हुए है।

सबसे पहले मैं अपने आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय को धन्यवाद देना चाहूँगा, जिन्होंने छात्रों और शिक्षकों को इतने उत्साह के साथ शिक्षक दिवस मनाने की आज्ञा दी।

आज यहा आपके सामने खड़े होकर मुझे काफी खुशी महसूस हो रही है और इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए आप सभी छात्रों का धन्यवाद। प्राचीन काल से ही हमारे देश में विद्यार्थियों के दिलो-दिमाग में शिक्षकों के लिए विशेष स्थान रहा है, पहले के समय में हमारे देश में शिक्षकों को गुरु कहकर पुकारा जाता था और भगवान के बराबर का दर्जा दिया जाता था। हालांकि समय बदल गया है फिर भी मुझे इस बात की काफी खुशी है कि हमारे देश में शिक्षकों को अभी भी पहले के तरह ही सम्मान दिया जाता है।

भारत का हर एक विद्यालय शिक्षक दिवस का यह उत्सव मनाता है और छात्र इस विशेष दिन को अपने शिक्षकों का धन्यवाद करने के लिए मनाते है। यह कार्यक्रम 1962 से लेकर हर वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। हम सब के लिए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के विषय में जानना बहुत आवश्यक है, वह एक महान शिक्षक होने के साथ ही दार्शनिक, विद्वान और एक जाने-माने राजनेता भी थे। इसके अलावा वह स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति भी बने। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था और उन्ही के महान व्यक्तित्व के सम्मान में उनके जन्म दिवस के अवसर पर पूरे देश भर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

मुझे इस बात की काफी खुशी है कि पूरे देश भर के छात्रों द्वारा भारत के शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को समझा जाता है, जिसके लिये वह इस अवसर को काफी उत्साह के साथ मनाते है। मैं इस बात में पूर्ण रुप से विश्वास करता हूँ कि हमारे देश के छात्र ही हमारे देश की आधारशिला है और इसके साथ ही उन्हे आवश्यक रुप से डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के विचारों को अपनाना चाहिए।

मुझे यह देखकर काफी प्रसन्नता होती है कि हमारे विद्यालय के छात्र शिक्षकों का काफी सम्मान करते है और हमारी हर बात मानते हैं। हम चाहते है कि हमारे छात्र कठिन परिश्रम करके सबसे श्रेष्ठ बने जिससे वह विद्यालय और अपने परिवारजनों का नाम रोशन करें। इसी लिए हम अपने छात्रों पर कोई दबाव नही डालते हैं और चाहते कि वह अपने पढ़ाई और खूल-कुद में तालमेल बनाये रखे। यह तभी संभव है जब वह अन्य गतिविधियों जैसे कि खेल, कला, संगीत, नाटक आदि में भाग ले।

हमारे विद्यालय की स्थापना को अभी ज्यादे समय नही हुआ है फिर भी हम अपना पूरा प्रयास कर रहे है कि अपने विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर तक पहूँचाये जिससे यहां छात्रों को पढ़ने में और भी ज्यादे आनंद मिले।

इसके साथ ही मुझे इस बात को बताते हुए भी काफी प्रसन्नता महसूस हो रही है कि हम विद्यालय परिसर में इच्छुक छात्रों के लिए नृत्य अकादमी की शुरुआत करने जा रहे है। यह अकादमी एक जाने-माने नृत्य विद्यालय से संबंधित है, जहा हर प्रकार की समकालीन और परंपरागत नृत्य कलाएं सिखायी जाएंगी। इस विषय से इच्छुक छात्र इसकी सारी जानकारी प्रबंधन से प्राप्त कर सकते है और अपनी इन रुचियों को पूरा कर सकते है।

अब मैं आप सबसे अपने भाषण को समाप्त करने की अनुमति चाहूँगा और आशा करता हूँ कि आपका दिन मंगलमय हो।

अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप सभी का धन्यवाद !

 

 

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