मातृ दिवस पर स्लोगन (नारा)

माँ वह शब्द है जो सामान्यतः एक बच्चा सबसे पहले सीखता है, एक स्त्री के जीवन में माँ रुप को सबसे सर्वोपरि माना गया है। है। भारतीय संस्कृति में माँ को कितना महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, इसका अंदाजा हम इसी बात से लगा सकते है जिसमें जीवन के कई महत्वपूर्ण चीजो को माँ की उपमा दी गयी है जैसे कि देश, प्रकृति, धरती आदि। जीवन में माँ के इसी महत्वपूर्ण स्थान के कारण पूरे विश्व भर में 12 मई के दिन को माँ के रिश्ते को समर्पित किया गया है और इस दिन को मातृ दिवस के रुप में मनाया जाता है।

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मातृ दिवस पर नारा (Slogans on Mother’s Day in Hindi)

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Unique and Catchy Slogans on Mother’s Day in Hindi Language

 

माँ का कभी न करना अपमान, जिस माँ की हम तुम संतान।

 

अपनी माँ का हमेशा ध्यान देना, उसके चेहरे पर सदा मुस्कान देना।

 

माँ तो आखिर माँ होती है, उस जैसी कोई कहाँ होती है।

 

अपना बच्चों के जीवन में खुशियां भर लाती है, इसीलिए माँ देवी कहलाती है।

 

खुद भूखा रह के बच्चों को खिलाना, माँ का हुनर है बहाने बनाना।

 

स्वयं देवी देवताओं के बोल है, माँ पूरी दुनिया में सबसे अनमोल है।

 

माँ की ममता और उसका प्यार, बच्चे के लिए है सारा संसार।

 

माँ जो हर ग़म में मुस्कुराती है, उसके आँचल में सारी खुशियां समाती है।

 

माँ के चरणों में शीश नवाएँ, आओ मातृ दिवस मनाएं।

 

 

मातृ दिवस है सबसे ख़ास, रखिये माँ को अपने साथ।

 

रो रो के मेरी आँखे सूज जाती हैं, मेरी माँ जब मुझसे दूर जाती है।

 

एक माँ के लिए उसकी संतान है उसका सारा संसार, क्योंकि इस रिश्ते से ऊपर नही है कोई नाता और प्यार।

 

माँ वह है जो रखती हमारी हर खुशी का ध्यान, इसलिए भूलकर भी ना करो उसका अपमान।

 

माँ है वो जिसने हमें दिया यह जीवन, इसलिए तो उससे है इतना अपनापन।

 

माँ है जीवन का झरोखा, उसका प्रेम है सबसे अनोखा।

 

माँ को रात दिन रहती है अपने संतान की चिंता, इसी को तो कहते है माँ की ममता।

 

देवताओं से भी बड़ा है उसका पद, सब रिश्तों में सबसे बड़ा है माँ के रिश्ते का कद।

 

माँ को दुख देना अर्थात ईश्वर की अवहेलना।

 

माँ वह है जो हर कष्ट झेलकर अपने बच्चों का जीवन संवारती है, कभी ममता के छांव में हंसाती तो कभी दुलारती है।

 

 

माँ छांव बनकर हमें दुख रुपी धूप से बचाती है, हमारे उपर आने वाले कष्टों को खुद उठाती है।

 

ना ही उसका आरंभ है ना अंत, माँ की ममता है अनंत।

 

माँ तो माँ होती है, अगर धूप भी हो फिर भी उसके आंचल में छांव होती है।

 

ममता का मर्म कोई क्या पहचानेगा, माँ के अलवा उसका धर्म कोई और क्या जानेगा।

 

अपने बच्चों के जीवन में नही आने देती कोई अभाव, कितने भी हो कठिनाई माँ के जीवन में नही होता उसका कोई प्रभाव।

 

अपने बच्चों के लिए जीती मरती है, अपने औलाद के माँ क्या नही करती है।

 

अगर माँ की ममता का कर्ज तुम भूल गये, तो समझो अपने बेटे होने का फर्ज तुम भूल गये।

 

जीवन देने वाली जननी का सम्मान करो, कड़वी बाते बोलकर उसका अपमान ना करो।

 

कोई भी हो समस्या कोई भी मुश्किल, माँ अपने बच्चों के हर दुख में होती है शामिल।

 

देखो 12 मई का दिन आया है, मातृ दिवस का दिन लाया है।

 

माँ की ममता का विशाल भंडार देखो, कैसे करती बच्चों को प्यार देखो।

 

कुछ भी हो माँ का हमेशा सम्मान करना, जीवन दिया है जिसने तुम्हे उसका अपमान ना करना।

 

जीवन का जिससे है रिश्ता अनोखा, इसका लाभ लेकर ना देना कभी मातृ प्रेम को धोखा।

 

माँ की ममता है तरक्की का आधार, अपने मेहनत और कौशल से अपने बच्चों के सपनों को करती है साकार।

 

माँ के प्रेम का उपहास ना करो, माँ की ममता पर अविश्वास ना करो।

 

कुछ भी बोलो लेकिन माँ की ममता का नही है कोई मोल, माँ है वह जो दुनिया में है सबसे अनमोल।

 

मां के गोद में बच्चा खुशी से झूलता है, इसी जगह छोटे-छोटे बच्चों का बचपन फलता-फूलता है।

 

मेरे जीवन का वह है आधार, मेरी माँ है मेरा संसार।

 

हर दुख को खुशी से झेलती है, एक माँ अपनी संतान के लिए हर विष पी लेती है।

 

माँ ही तन-मन माँ ही जीवन, प्रकृति या देश सब तो है माँ को ही अर्पण।

 

शोक-संताप, हर दुख सब वह झेल जाती है, अपने बच्चों के खुशी में माँ सबकुछ भूल जाती है।

 

इस 12 मई को और बेहतर बनाओ, मातृ दिवस का यह दिन अपने माँ के साथ मनाओ।

 

माँ को समर्पित यह विशेष दिन, आ गया मातृ दिवस का यह दिन।

 

माँ का तुम कभी अपमान ना करना, क्योंकि माँ वह है जिसने सिखाया तुम्हे जीवन जीना।

 

माँ जो करती अपने बच्चों को हरदम प्यार, उसके बच्चे ही बस उसके जीवन का आधार।

 

माँ जीवन का वह रुप है, जिससे ईश्वर भी अभिभूत है।

 

ईश्वर ने बनाया संसार, पर माँ ने अपनी ममता से भरा इसमें प्यार।

 

माँ वह है जो विकट परिस्थितियों में भी अपने संतान के लिए त्याग करने से पीछे नही हटती।

 

भले ही आप मातृ दिवस ना मनायें, पर यह कोशिश करें की अपने माँ को जीवन में कभी कष्ट ना पहुंचायें।

 

जिसके प्रेम की नही है कोई सीमा, उसे कहते हैं माँ।

 

जीवन के हर दुखों को है सहती, माँ वो जो अपने बच्चों के लिए है जीती।

 

माँ का सदैव करो सम्मान, क्योंकि उसके बिना पृथ्वी हो जायेगी निष्प्राण।

 

माँ का सदैव करो आदर, क्योंकि माँ है देवताओं से भी बढ़कर।

 

माँ है प्रेम और ममता का वह रुप, जो अपने बच्चों के जीवन में नही आने देती दुख रुपी धूप।

 

माँ हमें पढ़ाती है संस्कार और अच्छाई का पाठ, जीवन में बने सफल इसलिए गलतियों पर लगाती है डांट।

 

माँ की ममता का भला कोई क्या करे गुणगान, उसके आगे तो देवताओं की भी फीकी है शान।

 

माँ वह जो विपत्तियां सहकर भी मुस्कुराती है, अपने बच्चों के खुशी के लिए हर संकट पार कर जाती है।

 

माँ की ममता के आगे हर किसी का शीश जाता है झुक, आओ मातृ दिवस पर शपथ ले उसकी जिंदगी में कभी नही आने देंगे दुख।

 

माँ की ममता है अपार, उसके इस प्रेम में ही बसा है एक पूरा संसार।

 

 

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