खेल पर स्लोगन (नारा)

खेल कई नियमों द्वारा और तौर-तरीकों द्वारा आयोजित की जाने वाली गतिविधियां होती हैं। खेल में सामान्यतः शारीरिक और मानसिक क्षमता का उपयोग तथा विकास होता है। यदि देखा जाये तो खेलों का इतिहास काफी पुराना है, प्राचीनकाल से ही लोग अपने मनोरंजन के लिए तरह-तरह के खेल खेला करते थे। खेलो का मानव जीवन में काफी महत्व है क्योंकि यह मनुष्य के शारिरीक तथा मानसिक विकास में सहायक होते है।

इसके साथ ही खेल प्रतियोगिताओं द्वारा मनुष्य की अद्भुत शारिरीक क्षमता का उच्च प्रदर्शन देखने को मिलता है, परन्तु वर्तमान समय में खेलो परंपराओं का लोप होता जा रहा है। आज के तकनीकी युग में अधिकतर बच्चे और युवा खेल में कोई रुचि नही रखते है, यही कारण है आज-कल के लोग बहुत ही कम उम्र में कई तरह के स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित हो जाते हैं और उनका पूर्ण रुप से शारिरीक विकास भी नही हो पा रहा है।

ऐसे कई अवसर आते हैं जब आपको खेल से जुड़े भाषणों, निबंधो या स्लोगन की आवश्यकता होती है। यदि आपको भी खेल से जुड़े ऐसे ही सामग्रियों की आवश्यकता है तो परेशान मत होइये हम आपकी मदद करेंगे। हमारे वेबसाइट पर खेल से जुड़ी तमाम तरह की सामग्रियां उपलब्ध हैं, जिनका आप अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं।

खेल पर नारा (Slogans on Sports in Hindi)

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Unique and Catchy Slogans on Sports in Hindi Language

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बिना पौरुष और सामर्थ्य के बिन हो जाता है मनुष्य शक्तिहीन, खेल द्वारा लोगो के धमनियों में होता है रक्त प्रवाह नवीन।

 

खेल और आराम में करो खेल का चुनाव, खेलों द्वारा विकसित होता शरीर तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है इसका अच्छा प्रभाव।

 

खेल-कूद द्वारा होता है स्वास्थ्य का निर्माण, जरुरी हैं खेल क्योंकि स्वास्थ्य है जीवन का प्राण।

 

खेल-कूद है स्वास्थ्य का मूल, इनमें भाग लेकर बनाओ जीवन अनूकुल।

 

खेल-कूद का करो विचार, यह देता है स्वस्थ्य जीवन जीने का अधिकार।

 

आज के समय में दिख रहा है खेल-कूद का आभाव, यही कारण है कि युवाओं में नही दिख रहा सेहतमंदी का प्रभाव।

 

 

जैसे-जैसे हो रहा है खेल-कूद की प्रवृति का लोप, वैसे-वैसे दिख रहा है रोगो का स्वास्थ्य पर कोप।

 

नित्य युवाओं में तरह तरह के पैदा हो रहे रोग, क्योंकि अब खेल-कूद पर ध्यान नही दे रहे युवा लोग।

 

खेलने कूदने का लो संकल्प, स्वस्थ्य रहने का है यही विकल्प।

 

आज के दौर में सब है भाग-दौड़ में व्यस्त, ना खेलने-कूदने के कारण जन्म ले रही बीमारियां समस्त।

 

आओ मिलकर करे खेलों का गुणगान, इनके प्रसिद्धि के लिए सब मिलकर चलायें अभियान।

 

खेलो द्वारा पैदा हुई है कई महान विभूतियां, अपना जौहर दिखलाकर पाई है सुखद अनुभूतियां।

 

खेल आयोजन की परंपरा को आज गये हैं लोग भूल, क्योंकि यह नही है मानव स्वास्थ्य के अनुकूल।

 

तरह-तरह के खेलो का लोगो के बीच करो प्रचार, क्योंकि यह शरीर के भीतर करते हैं शक्ति का संचार।

 

खेल समझाते हैं मानव शक्ति और बुद्धि का अर्थ, तभी तो प्रतिभागी बड़े से बड़े लक्ष्यों को पाने में होते है समर्थ।

 

 

खेल पैदा करते है शरीर में स्फूर्ति और शक्ति, प्रदान करते हमें मानव क्षमता की अभिव्यक्ति।

 

खेल बिना हो जाता है सेहत नष्ट, इसमें प्रतिभाग लेकर जीवन को करो सुंदर और स्पष्ट।

 

खेल बिना शरीर में हो जाता है शक्ति का आभाव, जिसका पड़ता है स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव।

 

खेल-कूद बनाते है मनुष्य को अरोग्य, शक्ति संचार करके शरीर को बनाते हैं सुयोग्य।

 

ईश्वर ने दिया मानव को शक्ति का वरदान, खेलो द्वारा इस आलौकिक शरीर में डालो नया प्राण।

 

खेल प्रदर्शित करते हैं मानवता की चरमशक्ति, इनके द्वारा दिखलाता है मनुष्य अपने शारिरीक शक्तियों की अभिव्यक्ति।

 

खेल हमारे शारिरीक क्षमता को तराशने का कार्य करते हैं।

 

खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना मजबूरी नही जरुरी है।

 

खेल तराशते हैं मानव क्षमता की शक्ति, इसके द्वारा विशेष बने जाते है साधरण व्यक्ति।

 

 

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