बाल दिवस पर स्वागत भाषण

बाल दिवस का यह पर्व हमारे लिए काफी मायने रखता है, क्योंकि हम सभी को बच्चों से प्रेम होता है। इसके अलावा वह हमारे देश के भविष्य भी है, इसलिए उन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि बाल दिवस का यह अवसर काफी पास आ गया है, इसलिए आपकी आवश्यकताओं को देखते हुए हमने इस विषय पर यह स्वागत भाषण तैयार किये है, जो कि काफी व्यापक होने के साथ ही समझने में भी काफी आसान है।

बाल दिवस पर बड़े तथा छोटे स्वागत भाषण (Long and Short Welcome Speech for Children’s Day Celebration in Hindi)

हमारे वेबसाइट पर बाल दिवस पर बड़े तथा छोटे दोनों प्रकार के स्वागत भाषण उपलब्ध है। दोनों प्रकार के भाषण बच्चों के प्रति विशेष भावनाओं को प्रकट करते है आप अपनी आवश्यकता अनुसार इनमें से किसी भाषण का चयन कर सकते है।

बाल दिवस पर स्वागत भाषण – 1

आप सबको नमस्कार मुझे इस बात की प्रसन्नता है की आज के इस बेहतरीन अवसर पर मुझे आप सबका स्वागत करने का अवसर मिल रहा है।

बाल्यकाल की यह अवस्था बच्चों के साथ-साथ उनके माता पिता के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। आप सब हमें आपके प्रति हमारी जिम्मेदारियों का अहसास कराते है। आप बिल्कुल रबड़ की तरह हो और आपको जैसा चाहा जाये वैसा आकार दिया जा सकता है। इसका मतलब है की आप सभी बच्चे बहुत ही मासूम है और किसी भी तरह की गलत शिक्षा आपका जीवन बर्बाद कर सकती है।

यह वह समय होता है जब एक बच्चे को अच्छी शिक्षा की आवश्यकता होती है। इसलिए आपको अपने जीवन में अच्छी चीजें सीखनी चाहिए, इसके साथ ही आपको अपने गलतियों से भी सीखने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि वह आपके जीवन के सबसे अच्छे शिक्षक है। आपकी गलतियां आपको इस बात का अहसास दिलाती है कि आपको अगले बार क्या नहीं करना चाहिए। बाल दिवस पूरे विश्व भर में काफी जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। विश्व की सबसे बड़ी संस्था संयुक्त राष्ट्र भी बाल दिवस के इस कार्यक्रम को मनाता है परन्तु उसके द्वारा यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष 20 नवंबर को मनाया जाता है।

भारत में बाल दिवस का यह कार्यक्रम हम 14 नवंबर के दिन मनाते है, इसके पीछे इसका एक ऐतिहासिक कारण है। यह कारण भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु से जुड़ी हुई है। 14 नवंबर का दिन पंडित नेहरु का जन्म दिवस है और उन्हें बच्चों से काफी प्यार था और वह अपना खाली समय छोटे बच्चों के साथ बिताना पसंद करते थेऔर छोटे बच्चों द्वारा उन्हें चाचा नेहरु कहकर पुकारते थे। एक बार कई सारे छोटे बच्चे उनका जन्मदिन मनाने उनके पास आये पर उन्होंने कहा कि इसके जगह वह 14 नवंबर को बाल दिवस के रुप में मनाये।

उनका मानना था कि बच्चे भगवान की वह रचना है जो अपनी मुस्कान से हर किसी के दिल को पिघला देते है। एक बच्चे की मुस्कान हम सबके चेहरे पर मुस्कान लाने का कार्य करती है। यह माता-पिता और शिक्षकों के लिए एक दवा की भांति काम करती है।

मुझे वह दिन याद है जब मैं अपने घर के कार्यों से थक जाने के बाद अपने कक्षा में प्रवेश करती थी तो आप सबकी खुशी भरी मुस्कान देखकर मेरी थकावट दूर हो जाती थी। हम शिक्षक ना सिर्फ आपको ज्ञान देते है बल्कि की कई बार आपके माता-पिता की भूमिका भी निभाते है क्योंकि हर बच्चे में अलग प्रतिभा होती है इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है की हर बच्चे पर अलग तरीके से ध्यान दे।

यह काफी आवश्यक है की आपका शिक्षक होने का नाते हम आप जैसे अनमोल रत्नों के प्रतिभाओं को व्यर्थ ना जाने दे। बाल दिवस काफी उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। इस दिन खेल, नृत्य, नाटक मंचन, राष्ट्रीय गान, भाषण, निबंध लेखन जैसी कई गतिविधियां आयोजित की जाती है। इन कार्यक्रमों में आप जैसे छात्रों को उनके शिक्षकों द्वारा भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि आपके अंदर की छुपी हुई प्रतिभा बाहर आ सके। इसलिए यह काफी जरूरी है कि आप चित्रकला, फैंसीड्रेस शो, गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे आयोजनों में हिस्सा ले।

अब आप हमारे द्वारा आयोजित इन मजेदार गतिविधियों का आनंद ले सकते है। मेरे इस भाषण को इतने धैर्यपूर्वक सुनने के लिए आप सबका धन्यवाद!

 

बाल दिवस पर स्वागत भाषण – 2

आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षक गण और मेरे प्रिय छात्रों आज के इस कार्यक्रम में आप सबका स्वागत है।

आज बाल दिवस का यह बहुत ही मजेदार दिन हमारे बीच मनाया जायेगा और मेरे इस बात से आप सब भी सहमत होंगे की बच्चे हमारे समाज के सबसे अच्छे अंग है। आप ही हमारे देश का वह हिस्सा हो जो हमारे देश के तरक्की का आधार है।

बाल दिवस पूरे विश्व भर में आप जैसे बच्चों के प्यार और दुलार में काफी जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। ताकि आपको पता चले की आप कितने खास हैं। भारत में बाल दिवस 14 नवंबर के दिन मनाया जाता है, यह हमारे देश के लोकप्रिय जन नायक और राजनेता पंडित जवाहर लाल नेहऱु का जन्मदिन भी है।

ऐसा बच्चों के प्रति उनके प्रेम को देखते हुए किया जाता है, वह एक बदलाव लाने वाले व्यक्ति थे ना सिर्फ आजादी की लड़ाई में बल्कि की समाज में भी, हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु काफी उच्च विचारों वाले व्यक्ति थे और वह स्त्री तथा पुरुष अधिकारों के बराबरी में विश्वास रखते थे। वह देश में आर्थिक तथा शैक्षिक समानता के भी पक्षधर थे। उनका मानना था कि हमारे देश की ताकत हमारे देश के युवा है, जो अपने नये विचारों और मेहनत से देश की तरक्की में अपना अहम योगदान देते है।

उनके इसी प्रशंसनीय विचारों और बच्चों के प्रति प्रेम के कारण हम उनके जन्मदिवस पर उनके सम्मान में बाल दिवस का यह उत्सव मनाते है। यह सिर्फ हमारे देश के प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति सम्मान करने का कार्य नहीं है बल्कि की यह हमारे देश के बच्चों को उनके महत्व का भी अहसास दिलाता है।

यह उत्सव प्रति वर्ष मनाया जाता है ताकि हम बच्चों का महत्व समझ सके, क्योंकि बच्चे वह है जो किसी भी देश के उन्नति के सबसे अहम कड़ी होते है। यह दिन हमें आपकी अहमियत समझाने का कार्य करता है ताकि हम आपकी सही से देखभाल कर सके और आपको हर तरह के सामाजिक बुराई से दूर रख सके। मैं आशा करता हूँ आप की यह मासूमियत हमेशा ही इसी तरह बनी रहेगी और आप पर इस दुनिया के क्रूरता से बचे रहेंगे।

बाल दिवस इस बात को सुनिश्चित करता है की हम आपके विकास के लिए खुशहाल वातावरण के महत्व को समझें चाहे फिर वह स्कूल हो या विद्यालय। हमारा मानना है कि हमारे पास जो घटनाएं हो रही है, उनमें कोई भी सुरक्षित नही है। ऐसे में हम पर आपकी सुरक्षा का दायित्व और भी बढ़ जाता है। बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही है। इस तरह की घटनाएं सिर्फ समाज में सभी को शिक्षित करके ही रोकी जा सकती है।

 

हम सब इस दिन को और भी खास बनाने के लिए अपने तरफ से कुछ कार्य कर सकते हैं जैसे कि आप अपने उम्र के जरूरतमंद बच्चों को किताबें और कपड़े दान कर सकते है, जिससे की बाल दिवस का यह दिन उनके लिए भी अच्छा बन जाये। हम सबको साथ मिलकर यह कार्य करने की आवश्यकता है ताकि हम जरूरतमंद के चेहरों पर मुस्कान ला सके और इस तरह के परोपकार के कार्य करने वाले का ईश्वर भी हमेशा साथ देता है।

अब मैं अपना यह भाषण यहीं समाप्त करती हूँ और चाहूंगी अपने इस मनोरंजक कार्यक्रम को अपने अनुसार आगे बढ़ाये और इस दिन का पूरा आनंद ले।

धन्यवाद!


बाल दिवस पर स्वागत भाषण – 3

आज बाल दिवस के अवसर पर यहां आने के लिए आप सबका धन्यवाद, आप बच्चों को मैं बाल दिवस के इस हार्दिक पर्व की शुभकामनाएं देता हुं। इस विद्यालय का उप-प्रधानाचार्य होने के नाते मैं आप सबका इस कार्यक्रम में हार्दिक स्वागत करता हुं।

इस अवसर पर मैं आप सबके सामने इस विषय पर एक भाषण देना चाहुंगा कि आखिर क्यों पंडित जवाहर लाल नेहरु का जन्मदिन बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आधिकारिक रुप से प्रतिवर्ष 20 नवंबर के दिन बाल दिवस मनाने की घोषणा कि गई है फिर भी भारत में यह प्रतिवर्ष पंडित नेहरु के जन्मदिन 14 नवंबर के दिन मनाया जाता है। इसके पीछे एक ऐताहासिक कारण है।

भारत में बच्चों के प्रति पंडित नेहरु के लगाव को देखते हुए, उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में चुना गया। वह हमेशा अपना खाली समय बच्चों के साथ बिताना पसंद करते थे और उन्होंने अपने पूरे जीवन में बच्चों के भलाई तथा बेहतरी के लिए कई सारे काम किये।

पंडित जवाहर लाल नेहरु काफी उत्साही और खुशमिजाज दिल के इंसान थे। खासतौर से बच्चों के प्रति उनके ह्रदय में काफी प्रेम था और उन्होंने बच्चों के अधिकार, कल्याण, शिक्षा और संपूर्ण विकास के लिए काफी काम किया, जिससे की हमारा देश विकसित राष्ट्रों के श्रेणी में शुमार हो सके। वह भारत के बच्चों के समाजिक कल्याण और स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित रहते थे। यहीं कारण था कि वह सदैव ही उनके भलाई के लिए कार्य किया करते थे। यहीं कारण था कि उन्हें बच्चों द्वारा चाचा नेहरु कहकर बुलाया जाता था।

आपको यह याद रखना चाहिए कि बाल्यकाल पूरे जीवन का सबसे अच्छा समय होता है, इसलिए आपको इसका पूर्ण आनंद लेना चाहिए। यह वह समय है जब आप बिना किसी जिम्मेदारी के अपना जीवन व्यतीत करते है और यदि एकबार यह समय बीत गया, तो कभी वापस नही आयेगा। एकबार जब आप बड़े हो जायेंगे तो आपके उपर तमाम तरह की जिम्मेदारियां आ जायेंगी और आप अपनी यह भोली मासूमियत खो देंगे। आपके जीवन का यह चरण आपको अपने लक्ष्यों को पाने के लिए भी प्रेरित करता है, जोकि आपको अपने जीवन में एक सफल आदमी बनने में सहायता प्रदान करेगा।

अगर आप जैसे बच्चे शारीरिक या बौद्धिक रुप से अस्वस्थ होंगे तो आप अपने देश के तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान नही दे पायेंगे। यहीं कारण है कि बचपन आपके जीवन का इतना महत्वपूर्ण समय है, जिस समय आपको अपने परिवारजनों और शिक्षकों के प्रेम और देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता है। इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने देश के भविष्य यानी आप लोगो के प्रगति के विषय में सोचे।

बाल दिवस के विद्यालयों में दिन कई तरह की मनोरंजक गतिविधियों जैसे कि खेल, इंडोर खेल, नृत्य, भाषण, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आदि का भी आयोजन किया जाता है। हमने भी अपनी तरफ से इस दिन को आपके लिए खास बनाने में कोई कसर नही छोड़ी है और आपके लिए तमाम गतिविधियों का आयोजन किया है क्योंकि यह वह दिन जब आप बच्चें अपने हर कार्यों से मुक्त होते हैं और इस दिन का अपने अनुसार आनंद लेने के लिए आजाद होते है।

छात्रों को उनके शिक्षकों द्वारा उनके प्रतिभा प्रदर्शन के लिए तमाम तरह के प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि आप आपनी कमजोरियों और ताकतो को अच्छे से समझ सकें। हम चाहते है कि आप अपने जीवन भर इन आनंददायी क्षणों का आनंद ले और हमेशा ऐसे ही मुस्काराते रहे।

मुझे अपना बहुमूल्य समय देने और मेरे भाषण को इतने ध्यानपूर्वक सुनने के लिए आप सबका धन्यवाद।


 

बाल दिवस पर स्वागत भाषण – 4

आज बाल दिवस के इस खास अवसर पर यहां पधारने के लिए आप सबका धन्यवाद। जैसा कि आप जानते है कि इस दिन को हमारे देश में प्रति-वर्ष 14 नवंबर के दिन मनाया जाता है।

हम आप सभी प्रिय छात्रों का आज के इस कार्यक्रम में स्वागत करते है। आज के यह विशेष कार्यक्रम आपके मनोरंजन और संतुष्टि के लिए आयोजित किये जाते है। यह एक ऐसा समय है जब आप जो चाहे वह कर सकते है। आप बच्चे हमारे देश के भविष्य है, इसलिए यह काफी आवश्यक है कि हम शिक्षक और आपके माता मिलकर यह प्रण ले कि हम आपको हर तरह की मुसीबतों से बचायेंगे क्योंकि बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही है। इसलिए यह काफी आवश्यक है कि हर व्यक्ति आप बच्चों के महत्व को समझे।

आप वह है जो हमें हमारे जीवन में कई तरह के विचार प्रदान करते है। आपका भोलापन हर व्यक्ति के ह्रदय को छू जाता है लेकिन फिर भी कई लोग आप मासूम बच्चों के विरुद्ध अपराध करने से बाज नही आते है। भारत में बच्चों के विरुद्ध होने वाली अपराधों में तेजी से वृद्धि होती जा रही है। इसलिए आप सबको मेरी यहीं सलाह है कि आप अपने जीवन में हर समय सतर्क रहें। किसी भी खतरे के प्रति आपको आगाह करना हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि विद्यालय को आप बच्चों का दूसरा घर भी माना जाता है।

इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले हर एक बच्चे को आप ही की तरह आधारभूत शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का अधिकार है लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नही संभव हो पाता है। इस विषय में ऐसे कई चौकाने वाले तथ्य है जिनके विषय में मैं आपको बताना चाहता हुं। आप लोगो ने कई सारे बच्चों को सड़को और ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगते हुए देखा होगा पर क्या आपको पता है कि वह ऐसा क्यों करते है। इन बातों से यह भी पता चलता है कि भारत में काफी बच्चे विद्यालय नही जाते क्योंकि उनके माँ-बाप उनके पढ़ाई का खर्च नही उठा सकते। अपनी इन्हीं पारिवारिक समस्याओं के कारण उन्हें छोटे-मोटे मजदूरी के कार्य करने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

भारत सरकार ने बाल मजदूरी को रोकने के लिए कई सारे सख्त नियम बनाये है लेकिन फिर भी कई लोग है, जो आप जैसे बच्चों को मजदूरी के लिए बाध्य करते है। अगर आप कभी भी ऐसी कोई स्थिति देखें तो तत्काल पुलिस को इस बात की सूचना दे क्योंकि देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह आपका कर्तव्य भी है। पंडित जवाहर लाल नेहरु जोकि हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री और एक महान राजनेता थे, वह भी इस बात को मानते थे कि आप बच्चे हमारे देश के नींव है। और यदि आप सब एकजुट हो जाये तो देश की भलाई के लिए काफी कुछ कर सकते है आप हमारे देश में फैली उन तमाम बुराईयों का अंत कर सकते है, जो हमारे देश के तरक्की में बाधा बने हुए है।

आप सभी युवा हमारे देश के तरक्की में अपना अहम योगदान दे सकते है और हमारे देश को तरक्की के एक नये आयाम पर ले जा सकते है। यह वह दिन है जब यह हम सबको एक करता है, इसलिए हम सब शिक्षकों के तरफ से आप सबको बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और हम आपके लिए ईश्वर से यह कामना करते है कि आप अपने जीवन में हर चुनौतियों पर विजय प्राप्त करे ताकि हमें और आपके माता-पिता को आप पर गर्व हो।

अब आप आज अपने इस विशेष दिन का आनंद लिजिए।

मेरे इस भाषण को इतने ध्यानपूर्वक सुनने के लिए आप सबका धन्यवाद!

 

 

 

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