सड़क सुरक्षा पर भाषण

क्या आपको सड़क सुरक्षा पर एक लम्बा और छोटा भाषण लिखने के लिए कहा गया है और आपको पता नहीं कि कहाँ से शुरू करें? इसके लिए ज्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अगर आपके पास कोई लिखित भाषण नहीं है लेकिन सड़क सुरक्षा पर भाषण देने और अपने दर्शकों को प्रभावित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है तो आप हमारी वेबसाइट के माध्यम से ब्राउज़ कर सड़क सुरक्षा पर भाषण देख सकते हैं। सड़क सुरक्षा पर सभी छोटे और लम्बे भाषण आपको अपने उद्देश्य में मदद करेगा। इन सड़क सुरक्षा भाषणों को समझना बहुत आसान है। आप निश्चित रूप से उन्हें एक संदर्भ बिंदु के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और इस विषय पर अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।

सड़क सुरक्षा पर भाषण (Speech on Road Safety in Hindi)

सड़क सुरक्षा पर भाषण – 1

सुप्रभात दोस्तों!

आज मैं आप सबके सामने यहां आपके कक्षा अध्यापक के रूप में सड़क सुरक्षा पर भाषण देने के लिए खड़ा हूं। अब आप अब छोटे बच्चे नहीं हैं जो सड़क पर चलते समय सुरक्षा नियमों को नहीं जानते हैं। एक बहुत अच्छी कहावत है, "सॉरी से ज्यादा अच्छा सुरक्षित रहना है"। हालांकि हम सब इस चीज़ को भूल जाते हैं और कई बार लापरवाह हो जाते हैं जिससे हम अपने जीवन को खतरे में डालते हैं।

क्या हम उन लोगों की ख़बरें नहीं सुनते हैं जो सड़क पर आपसी मुठभेड़ या सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं? दुर्भाग्यवश कुछ की तो मौके पर ही मौत हो जाती हैं और कुछ को गंभीर चोटें आती हैं जिसका बोझ उन्हें जीवन भर उठाना पड़ता हैं। वाहन दुर्घटनाएं हमारे देश में मृत्यु दर में वृद्धि के पीछे एक बड़ा कारण बन गई हैं और यह भी तब हो रहा है जब सरकार सड़क सुरक्षा उपायों को लागू कर रही है।

आप में से बहुत लोगो को यह नहीं पता होगा कि अबू धाबी वो जगह है जो विश्व में सड़क पर मौतों की उच्चतम दर रखने के लिए कुख्यात है। वहां औसतन हर महीने सड़क यातायात के कारण हुई घातक चोटों की वजह से 38 मौतें होती हैं जिनमें मुख्य रूप से 0 से 14 वर्षीय बच्चे शामिल होते हैं।

इसलिए यह इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि सभी लोगों को विशेष रूप से पैदल चलने वालों लोगों को सड़क पर चलने के दौरान सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। पैदल यात्री ही है जो सड़क दुर्घटना के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है क्योंकि ऐसा तब होता है जब वह लापरवाही से यातायात सिग्नल पर ध्यान नहीं देता या सावधानी से क्रॉसवाक पर नहीं चलता है जिससे चोट लगने के मामले बढ़ जाते हैं। इसलिए मैं आप सबको सतर्क रहने और सड़क पर चलने के दौरान जल्दी में ना रहने का अनुरोध करता हूं। इसके अलावा कई लोग आमतौर पर यातायात के सामान्य प्रवाह में भी बाधा डालते हैं। कृपया ध्यान दें कि यह किसी के जीवन के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए। हमेशा सड़क पर चलने के लिए ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें और अपनी आँखों और कानों को खोलें ताकि चारों ओर से आती आवाज सुन सकें।

यदि आप सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से यात्रा करने जा रहे हैं और यदि यह बस है तो धैर्यपूर्वक बस का रुकने का इंतजार करें और उसके बाद उसमें चढे। इसी तरह यदि आप बस से बाहर निकल रहे हैं तो इसका ठीक से रुकने का इंतजार करें और सुनिश्चित करें कि कोई अन्य वाहन आपके रास्ते में बाधा नहीं डाले। कोशिश करें की कोई ऐसी चीज़ अपने साथ रखें जिससे दूसरे वहां का ड्राइवर दूर से उपस्थिति को देख सके। कभी भी सुरक्षा संकेतों की अनदेखी मत करें क्योंकि जब-जब लोग सुरक्षा संकेतों की अनदेखी करते है तब-तब उन्हें गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ता है।

यदि आप सड़क पर साइकिल चला रहे हैं तो और भी सावधान रहें और सुनिश्चित करें कि आपकी साइकिल में रोशनी का यंत्र हो और उसके ब्रेक अच्छी स्थिति में काम कर रहे हो। दूसरा व्यस्त सड़क पर साइकिल चलाने से बचें और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की कोशिश करें।

हालांकि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि इन निवारक उपायों के जरिए हम सड़क दुर्घटनाओं के घातक मामलों से बचने में सक्षम होंगे लेकिन हम निश्चित रूप से सड़क पर सतर्क रहने और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करके इस खतरे से ज़रूर बच सकते हैं। छात्रों, हमेशा याद रखें कि जीवन में रीसेट बटन नहीं होता इसलिए कभी भी लापरवाह नहीं रहे।

आशा है कि आप सभी मेरे शब्दों को याद रखेंगे और दूसरों को सड़क सुरक्षा नियमों के महत्व के बारे में शिक्षित करेंगे।

धन्यवाद !

सड़क सुरक्षा पर भाषण – 2

प्रिय सोसायटी के सदस्यों - आप सभी को मेरी तरफ से सुप्रभात!

हमारे समाज की आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में मैंने आज से शुरू होने वाले 'रोड सेफ्टी वीक' पर आधारित एक आयोजन का आयोजन किया है जिसमें मैं अपने समाज के सदस्यों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा उपायों पर चर्चा करना चाहता हूं। जैसा कि हम सब अख़बारों में आज की युवा पीढ़ी के सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के बारे में पढ़ते हैं मैं आशा करता हूं कि इस बात के माध्यम से कुछ जागरूकता लोगों के बीच जरुर जागेगी है और वे सड़क पर चलते समय अधिक सतर्क और सावधान रहेंगे।

कृपया मुझे अनुमति दे उन कारणों के बारे में बताने के लिए जिनसे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। मुख्यतः निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाते समय सड़क पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। कुछ वाहन चालक या वाहन मालिक बेवजह और सख्ती से यातायात नियमों का पालन करे बिना गाड़ी चलाते हैं। इसके अलावा जो लोग पेशेवर चालक होते हैं उन्हें पूरे दिन और कभी-कभी चौकसी से रात भर वाहन चलाना पड़ता है जिससे थकावट के कारण उनका ध्यान नहीं रहता और सड़क पर दुर्घटनाएं हो जाती है। हालांकि अब हमारी सरकार ने सड़क सुरक्षा नियमों को लागू किया है और विशेष रूप से शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में तथा सड़क पर झगड़ों की घटनाओं में काफी गिरावट आई है।

युवाओं के बारे में बात करते हुए मुझे यह स्वीकार करने में कोई आशंका नहीं है कि वे बहुत गैर-जिम्मेदार तरीके से गाड़ी चलाते हैं और सड़क को अपने रेसिंग ट्रैक के रूप में मानते हैं जिससे घातक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। यह माता-पिता की ज़िम्मेदारी बनती है कि वे उन पर नजर रखे और उन्हें सुरक्षा नियमों के महत्व का एहसास कराएँ। कभी-कभी वाहन खराब हो जाता है और कई महीनों तक उसे चलाया नहीं जाता या उसके ब्रेक या क्लच काम नहीं करते हैं जिससे सड़क दुर्घटना होती है। इसके अलावा सड़क की सतहें और गड्ढे खराब सड़क की स्थिति में योगदान करते हैं और सड़क दुर्घटनाओं में इजाफ़ा करते हैं।

हाल ही में एक व्यक्ति अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के बाद सड़क पर बने गड्डे में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो गया। हमारे देश में ऐसी घटनाओं की कोई कमी नहीं है और यह सही समय है कि हमारी सरकार को इस लापरवाही की ओर ध्यान देना चाहिए और सार्वजनिक अवसंरचना के खराब रखरखाव की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके अलावा जागरूकता अभियान हर जगह चलाना चाहिए ताकि हमारे देश के नागरिक सड़क सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए गंभीर हो जाएं। सही बताऊँ तो मैं सरकार को यही सलाह देना चाहूँगा की सड़क पर झगड़ों के मामलों में शामिल लोगों का लाइसेंस निलंबित करना सही रहेगा। अपराधियों को जेल में डालना चाहिए और उन पर गंभीर दंड लगाया जाना चाहिए।

सीट बेल्ट्स और हेलमेट्स का उपयोग ना करना भी ऐसे मामलों में योगदान देता है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक दोपहिया और ट्रक ही है जो हमारे देश में करीब 40% मौतों का कारण बनते हैं। भारत में दुनिया के विकसित देशों की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं के मामले तीन गुना अधिक हैं। इसलिए सड़क दुर्घटनाओं की वजह से मृत्यु दर को रोकने के लिए एकमात्र तरीका सुरक्षा के नियमों का पालन करना है। जो लोग गाड़ी चला रहे हैं उनके वाहन की गति सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए ताकि जरूरत पड़े तो वाहन को समय पर रोका जा सके या सड़क किनारे किसी चीज़ को देख सके।

धन्यवाद।

सड़क सुरक्षा पर भाषण – 3

सुप्रभात देवियों और सज्जनों!

सबसे पहले मैं सभी इस महोत्सव के आयोजकों और प्रबंधन टीम के प्रयास के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं और साथ ही उन लोगों को भी जो यहां हमारे साथ आज इकट्ठे हुए हैं। आज इस सामाजिक महोत्सव का आयोजन इस वजह से किया गया है क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है और लोगों को इस सार्वजनिक मुद्दे से अवगत होने की जरूरत है।

सड़क दुर्घटनाओं की वजह से 1.2 मिलियन से ज्यादा लोग मारे गए है और प्रत्येक वर्ष दुनिया भर में 20 से 50 करोड़ लोग गंभीर चोट से पीड़ित होते हैं और इसलिए आजकल यह एक गंभीर मुद्दा बन गया है। "ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी" के रूप में विख्यात एक रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक सड़क दुर्घटनाएं मौत का पांचवां प्रमुख कारण बन जाएंगी। हमें सड़क दुर्घटना के मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ज्यादतर मौतें लापरवाही के ही कारण होती हैं और इसलिए यह एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है।

सड़क दुर्घटनाओं के कई कारण हो सकते हैं। ड्राइवर या किसी अन्य व्यक्ति की लापरवाही सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। लोग उचित रूप से यातायात निर्देशों और नियमों का पालन नहीं करते हैं और इसलिए इसका परिणाम गंभीर चोटों और मौतों के रूप में सामने आता है। हम आम तौर पर उन लोगों को देख सकते हैं जो ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हैं, नशे में गाड़ी चलाते हैं, सीट बेल्ट नहीं पहनते हैं। हम सभी जानते हैं कि भारत में किस तरह के नियम और कानून हैं। सड़कों पर किसी भी नियम का पालन कठोरता से नहीं होता है। भारत में शायद ही बहुत कम जगहें हैं जहां वे नियमों की पालना होती हो। यह केवल सरकार का ही फ़र्ज़ नहीं है बल्कि लोगों में भी नियमों और कानून के प्रति कुछ सम्मान होना चाहिए।

भारत में कई जगहों पर दुर्घटना में घायल हुए लोगों के इलाज के लिए आपातकालीन सेवाओं की कमी है। सड़क दुर्घटनाओं के लिए कई अन्य कारण हैं। ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना भी इन दिनों काफी आसान हो गया है और यह खतरनाक है क्योंकि जो लोग सही तरीके से ड्राइविंग के बारे में नहीं जानते हैं वे उसी सड़क का उपयोग करने वाले अन्य लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। देश में भारी जनसंख्या वृद्धि, आर्थिक विकास, औद्योगीकरण और मोटर चालन इन दुर्घटनाओं की जड़ें हैं। देश जितना आधुनिकीकरण की ओर बढ़ता जाएगा उतना ही वाहनों के उपयोग में वृद्धि होगी। हर व्यक्ति जो सड़कों का उपयोग कर रहा सड़क सुरक्षा की समस्या उससे संबंधित है।

सड़कों पर सुरक्षा के लिए सख्त नियमों और कानूनों की ज़रूरत है। ड्राइविंग या वाहन का उपयोग करते समय प्रत्येक व्यक्ति को निर्देश और नियमों का पालन करना चाहिए। इन दिनों युवाओं के बीच बाइक क्रेज बढ़ रहा है इसलिए उन्हें नियमों का पालन करना चाहिए जैसे हेलमेट पहनना और गति सीमा पर अंकुश रखना। कार का उपयोग करते समय हमें सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए और गति सीमा का पालन करना चाहिए। नशे में ड्राइविंग या तेज ड्राइविंग कारों के साथ दुर्घटनाओं का मुख्य कारण होता है।

हमारा जीवन हमारे हाथों में है और इस प्रकार सड़क का उपयोग करते समय नियम और उचित निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। इस नोट पर मैं यहां सभी लोगों को यहां एकत्र होने के लिए और इस सामाजिक समारोह को सफल बनाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।

धन्यवाद।


 

सड़क सुरक्षा पर भाषण – 4

आदरणीय प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों! आप सभी को मेरी ओर से सुप्रभात।

आज इस विशेष सभा को छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताने के लिए संगठित किया गया है। इस विद्यालय में एक शिक्षक के रूप में मुझे लगता है कि यह मेरा कर्तव्य है कि आपकी सुरक्षा के बारे में चर्चा करूँ खासकर अगर वह हमारे विद्यालय के छात्रों से संबंधित हो।

कल मैंने एक छात्र देखा जो सड़क पर अपनी बाइक को तेज़ी से भगाए जा रहा था। जो भी व्यक्ति उस सड़क का इस्तेमाल कर रहा होगा उसके लिए वह स्थिति खतरनाक हो सकती थी। लापरवाही भरी ड्राइविंग सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में से एक है। कई अन्य मामलों में हमने उन छात्रों को भी देखा है जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है फिर भी वे सड़क पर बेतहाशा गाड़ी चला रहे थे। यह हमारे लिए काफी शर्मनाक है क्योंकि यह हमारे देश के नियमों की अवज्ञा है।

अगर हम सड़क सुरक्षा के बारे में बात करते हैं तो यह केवल तब ही संभव हो सकता है जब हम सड़क सुरक्षा के नियमों और कानूनों का पालन करेंगे। दो पहिया वाहनों और चार पहिया वाहनों के नियम अलग-अलग हैं। यदि आप दो पहिया वाहनों पर हैं तो एक सीमित गति में हेल्मेट और ड्राइव पहनना महत्वपूर्ण है। यदि आप चार पहिया वाहनों पर हैं तो सीट बेल्ट पहनना महत्वपूर्ण है और निश्चित रूप से गति सीमा का ध्यान रखना भी जरुरी है। सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में से एक कारण शराब पीना है। जो दुर्घटनाएं शराब पीने और ख़राब ड्राइविंग के कारण होती हैं उनके पीछे चालकों की लापरवाही और सड़क पर मुस्तैदी की कमी है।

2013 में वैश्विक स्थिति की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल भारत में सड़क दुर्घटनाओं में दो लाख से अधिक लोग मारे गए हैं। ड्राइवरों की लापरवाही के चलते हर रोज़ सड़क दुर्घटनाओं में करीब 100 लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हुए है। सड़क दुर्घटनाओं का एक कारण सड़कों की स्थिति भी हो सकता है। भारत में कई सड़कें हैं जो अच्छी स्थिति में नहीं हैं और ड्राइविंग के लिए खतरनाक बन गई हैं। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़कों की हालत और भी खराब हो जाती है तथा इसमें दरारें आ जाती हैं। सड़कों की खराब हालत अब भी भारत की एक बड़ी त्रासदी है।

ख़राब सड़क ड्राइविंग करते समय बहुत समस्याएं पैदा करती है और कभी-कभी दरारों और पानी के कारण वाहन सड़क पर फंस भी जाता है। भारत में बहुत कम जगहें हैं जहां ये समस्याएं नहीं होती हैं या बरसात के मौसम में सड़कों की स्थिति अच्छी रहती है। इस समस्या का कारण भारत में बढ़ता भ्रष्टाचार  है। भारत में यातायात नियमों और सुरक्षा नियमों को तोड़ना सामान्य बात है क्योंकि यहाँ कुछ पैसे देकर नियम तोड़ने के दंड से बचा जा सकता है। बाइक पर तीन लोगों को बैठाकर चलाना सुरक्षा के उद्देश्य से मनाही है लेकिन फिर भी हम बहुत से लोगों को ऐसा करते हुए देख सकते हैं क्योंकि लोगों के दिमाग में इसको लेकर कोई डर नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें दंड से बचने के लिए सिर्फ पैसा चाहिए।

अगर हम इस पर नज़र डाले तो यह समस्या और भी गहरी हो जाती है इसलिए इसके समाधान की आवश्यकता है। न केवल सरकार के बल्कि इसके निपटान के लिए सभी के योगदान की आवश्यकता है। मुझे उम्मीद है कि अब से प्रत्येक छात्र के साथ आप सभी को यह याद रहेगा कि सुरक्षा पहले है। इसी के साथ मैं अपने भाषण का निष्कर्ष निकालना चाहूंगा और मुझे यह मौका देने के लिए हमारे सम्माननीय प्राचार्य को विशेष धन्यवाद देना चाहूंगा।

धन्यवाद।


सड़क सुरक्षा पर भाषण – 5

आदरणीय प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, शिक्षकों और मेरे सहपाठी छात्रों, आज के इस विशेष कार्यक्रम में आप सबका स्वागत है।

आने वाले सड़क सुरक्षा सप्ताह को देखते हुए आज के दिन इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में हमें सड़क सुरक्षा से जुड़ी कई सारी बाते बतायी गयी हैं। इसके साथ ही हमें सड़क सुरक्षा सप्ताह के महत्व को भी बताया गया। इसी विषय पर मैं आप सबके समक्ष दो शब्द कहने की अनुमति चाहूँगा। जैसा की हम सब जानते हैं, आज के आधुनिक समय में सड़को पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है और लोगो की कई सारी लापरवाहियों, यातायात नियमों की अज्ञानता तथा इनका पालन ना करने के वजह से सड़को पर होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है।

आकड़ों के अनुसार, विश्व भर में लगभग 13 लाख लोग प्रतिवर्ष सड़क हादसों में अपनी जान गवां देते है। जिसमें से 1.5 लाख लोगों की मृत्यु सिर्फ भारत में होती है, यही कारण है कि लोगो में जागरुकता लाने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह का यह कार्यक्रम मनाया जाता है। यदि हम सड़क यात्रा के दौरान छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखे, तो इनमें से कई सारी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है और यह देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह यातायात नियमों की पूरी जानकारी रखे और सदैव उनका पालन करे।

इसके साथ ही अभिभावकों को इस बात का ध्यान देना चाहिये कि कम उम्र के बच्चों को मोटरसाइकल या फिर कार जैसे वाहन चलाने की अनुमति ना दें। चार पहिया वाहन चालकों तथा उसमें बैठने वाले लोगो को सीट बेल्ट का उपयोग अवश्य करना चाहिए। इसी तरह दोपहिया वाहन चालकों तथा सवार को हेलमेट का आवश्यक रुप से उपयोग करना चाहिए। यदि हम सड़क सुरक्षा के इन साधरण मानकों पर ध्यान दे तो दुर्घटना होने पर भी हमारी जान बचने की संभावना 80-85 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

इसके साथ ही सरकार को भी इस विषय को लेकर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, क्योंकि कई बार क्षेत्रीय परिवहन कार्यलयों में बिना जांच-पड़ताल के मात्र पैसे लेकर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिये जाते हैं। जोकि एक अपराधिक कार्य होने के साथ ही लोगो के जीवन पर भी संकट उत्पन्न कर देता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि एक गैर परिपक्व वाहन चालक द्वारा वाहन चलाने पर दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है।

सड़क सुरक्षा का अर्थ सिर्फ वाहन चालकों और सवारों तक ही सीमित नही है बल्कि पैदल यात्रियों और साइकल सवारों को भी सड़क सुरक्षा के नियमों का बराबर से पालन करना चाहिए। कई बार देखा जाता है कि पैदल यात्री सड़क पर बिना दाएं-बाएं देखे ही सड़क पार करने लग जाते हैं या फिर बीच सड़क में डिवाइडर को लांघ कर सड़क को पार करने का प्रयास करते हैं। इस तरह के कार्य भी सड़क दुर्घटनाओं को बढ़ाने का काम करते हैं। यदि हम सड़क पर यात्रा के दौरान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखे तो कई सारी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है, जिससे की लाखों लोगो का जीवन बच सकता है। इसके साथ ही सरकार को भी लोगों में यातायात नियमों के विषय में बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान चालाना चाहिए।

अब अपने इस भाषण को समाप्त करते हुए, मैं दूसरे प्रतिभागियों से आग्रह करता हूँ कि वह मंच पर आये और इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाये। मेरे इस भाषण को इतना ध्यानपूर्वक सुनने के लिए आप सबका धन्यवाद।

 

 

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