ख़ुशी पर भाषण

खुशी मन की एक अवस्था है। यह एक ऐसी भावना है जो लोगों को स्वस्थ और फिट रखती है। हालांकि यह शब्द बहुत आसान लगता है लेकिन आजकल इसे प्राप्त करना वास्तव में बहुत मुश्किल हो गया है। हम सभी को खुशी चाहिए लेकिन हम शायद ही कभी सच्ची खुशी प्राप्त करने के वास्तविक मार्ग को जानते हैं। कई ध्यान या योग केंद्र हैं जो खुशी पर भाषण देते हैं। आपके साथ ऐसी स्थिति बन सकती है जब आपको ऐसे भाषणों को देने की आवश्यकता पड़ सकती है। हम आपके साथ खुशी पर कुछ नमूने भाषण साझा कर रहे हैं जो निश्चित रूप से आपके दर्शकों को प्रभावित करने में आपकी सहायता करेगा। खुशी पर हमारे संक्षिप्त भाषण किसी भी अवसर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं चाहे वह परिवार की सभा हो या आधिकारिक समारोह हो। खुशी पर लम्बे भाषण जो हमने साझा किए हैं वे कॉर्पोरेट स्तरों या ज्ञान केंद्रों पर उपयोग करने के लिए अच्छे हैं। आप इन ख़ुशी के भाषणों से मदद ले सकते हैं और अपने दर्शकों को प्रभावित करने के लिए अपना स्वयं का भाषण तैयार कर सकते हैं।

ख़ुशी पर भाषण (Speech on Happiness in Hindi)

ख़ुशी पर भाषण – 1

सुप्रभात दोस्तों!

मुझे आशा है कि आप सभी इस प्यारी सुबह का आनंद ले रहे हैं! मैं प्रेरक वक्ता हूं और मुझे अक्सर स्कूलों और कॉलेजों में भाषण देने के लिए कहा जाता है जो आप जैसे युवा और इच्छुक छात्रों को प्रेरित कर सकते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप में से प्रत्येक को अपने जीवन में सफलता हासिल करना है और यदि मैं आप से पूछता हूं कि आपके लिए 'खुशी' या 'सफलता' में से क्या ज़रूरी है तो आप संभवत: आपके जीवन का अधिक महत्वपूर्ण तत्व 'सफलता' को चुनेंगे जो एक तरह से अच्छा है लेकिन खुशी एक ऐसी चीज़ है जो सफल होने के बावजूद हासिल की जा सकती है।

बहुत से लोगों को सफलता से खुशी मिलती है और उन्हें लगता है कि वे केवल तब ही खुश रह सकते हैं जब वे सफल होते हैं जो कि इस मामले में नहीं होना चाहिए क्योंकि सफलता परिस्थितिजन्य है जबकि खुशी नहीं है। आप तब भी ख़ुश रह सकते हैं जब आपके पास बड़ा बंगला, बड़ी कार या बैंक बैलेंस नहीं हैं लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि आपको क्या खुश करता है?

हर कोई खुशी की तलाश में है लेकिन केवल बहुत कम लोगों को वास्तव में पता है कि उन्हें जीवन में क्या खुश करता है। हालांकि जीवन हर समय विभिन्न चुनौतियों और बाधाओं को प्रस्तुत करता है। आपको उन चुनौतियों को स्वीकार करने और दूर करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए लेकिन जहां तक ​​हमारी खुशी का संबंध है वहाँ खुशी का कोई गुप्त मंत्र नहीं है और आपको यह पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए कि आपकी वास्तविक खुशी क्या है। हमेशा याद रखें कि आपका जीवन हमेशा वैसा ही होगा जैसा आप इसे बनाना चाहते हैं।

अगर आप खुश रहना चाहते हैं और अपने जीवन के हर पल का आनंद लेना चाहते हैं तो कुछ बुनियादी नियम हैं जो आपको अपनाने चाहिए। पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम वर्तमान में जीना है। आप अतीत में असफल हो सकते हैं लेकिन सबसे अच्छी बात उन असफलताओं से सीखना और आगे बढ़ना है क्योंकि जो कुछ भी अतीत में हो चुका है वह वर्तमान में नहीं बदला जा सकता है। इसलिए अतीत पर विलाप करने में कोई लाभ नहीं है। इसके अलावा भविष्य अनदेखा है। आप भविष्य में होने वाली परिस्थितियों के बारे में निश्चित नहीं रह सकते। इस प्रकार आपको भविष्य के बारे में बड़ी योजनाएं नहीं बनानी चाहिए। बेशक आपको परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन आप इसके बारे में निश्चित नहीं हो सकते। इसलिए भरोसा करें कि वर्तमान में रहना सबसे अच्छी बात है क्योंकि केवल यही है जिसे नियंत्रित किया जा सकता है और जो आपको खुश कर सकता है।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने जीवन में सकारात्मक रहना चाहते हैं और आपको अपने प्रतिद्वंद्वियों के प्रति अपना दृष्टिकोण सकारात्मक रखना चाहिए और उनके प्रति द्वेष भावनाएँ नहीं रखनी चाहिए। हमेशा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल हों और कभी भी अपनी प्रतिस्पर्धा को उस बिंदु से आगे नहीं ले जाना चाहिए जहां आप उन्हें अपने दुश्मन की तरह देखना शुरू कर देते हैं और दुश्मनी शुरू कर देते हैं। आपको केवल उनसे आगे निकलने का प्रयास करना चाहिए और उन्हें किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। दूसरों के प्रति दयालु रवैया रखने के बाद अंततः आपको भीतर से खुशी मिलेगी।

यह भी महत्वपूर्ण है कि आप किसी भी चीज के बारे में जिद्दी या कठोर नहीं हो। लगातार मेहनत करने और अटल होने के बीच अंतर है और आपको दोनों के बीच के अंतर को पहचानने में सक्षम होना चाहिए। आपकी इच्छाशक्ति इतनी मजबूत होनी चाहिए कि जो आप हासिल करना चाहे वह कर सकें लेकिन आपको अपनी खुशी को उस विशेष चीज़ पर ही केंद्रित नहीं रखना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि आप कुछ चीजों पर समझौता करने के लिए हमेशा तैयार रहें।

खुश रहना हर किसी का अधिकार है लेकिन यह पूरी तरह से उन लोगों पर निर्भर करता है जो वास्तव में उन्हें खुश करता है। कृत्रिम या भौतिक सुख अस्थायी है। इस प्रकार आपको अपने जीवन का वास्तविक सुख प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए।

धन्यवाद।

ख़ुशी पर भाषण – 2

आदरणीय प्रधानाचार्य, साथी शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों!

आज हम अपने इंजीनियरिंग कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्रों को विदाई देने के लिए इकट्ठे हुए हैं। इस दिन के बाद आपको अपनी अंतिम परीक्षा के लिए वार्षिक छुट्टी मिल जाएगी और फिर उम्मीद है कि आप अपने जीवन को अपने-अपने तरीके से संवारने के लिए आगे बढ़ेंगे। मुझे इस समारोह की मेजबानी करते हुए बेहद खुशी हो रही है और आज मैं इस मंच का उपयोग अपने जीवन के कुछ महत्वपूर्ण सबक साझा करने के लिए कर रहा हूं जो निश्चित रूप से आपके पाठ्यक्रम में नहीं सिखाए जाते होंगे।

मुझे यकीन है कि आप में से हर कोई अपने जीवन में सफल होना चाहता है और अपने लिए सबसे अच्छा मुकाम हासिल करना चाहता है लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि आप जिंदगी में जो कुछ भी हासिल करते हैं उससे हमेशा खुश रहिए और कभी भी निराश होने की ज़रूरत नहीं है भले ही आपको जीवन में असफलता का सामना करना पड़े। हमेशा याद रखिए कि जीवन में किसी भी चीज की तुलना में खुशी अधिक महत्वपूर्ण है। मनोविज्ञान के अनुसार सुख ख़ुशी की भावनात्मक और मानसिक स्थिति है। खुशी की परिभाषा हर व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है लेकिन खुशी के अलग-अलग कारणों के बावजूद भावना एक समान है।

मैं अब तक कई लोगों से मिला हूं जिनके पास जीवन का हर सुख जैसे अच्छा बैंक बैलेंस, महंगी गाड़ी, संपत्ति आदि हैं लेकिन फिर भी वे नाखुश हैं। हम में से अधिकांश गलती से यह सोच बैठते हैं कि एक सफल या अमीर व्यक्ति खुश है लेकिन वास्तविक तथ्य यह है कि सफलता, अमीर, पैसा, विलासिता आदि का सुख से कोई लेना देना नहीं है। आज की दुनिया में सब कुछ हासिल किया जा सकता है लेकिन खुशी नहीं। मैं इस बात का उल्लेख करना चाहूंगा कि खुश रहने के लिए आपको हर किसी के प्रति विचारशील होना चाहिए चाहे बेशक ही उसकी स्थिति आपसे कमतर हो। हमेशा दूसरों का सम्मान करें और यदि वे आपसे संपर्क करते हैं तो निस्वार्थ होकर उनकी सहायता करें।

इसके अलावा यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने जुनून, शौक या सपने को आगे बढ़ाने के साथ अपने कैरियर को सफल बनाएं क्योंकि जुनून या शौक की पूर्ति निश्चित रूप से आपको खुश कर देगी। कला, संगीत, बागवानी आदि के क्षेत्र में रुचि लीजिए क्योंकि ये गतिविधियां काम पर नई चुनौतियों से निश्चित रूप से आपको उत्साहित करती हैं।

यदि आप खुश हैं तो आप हमेशा जीवन में सकारात्मक सोचेंगे भले ही आप असफल हो जाएं। सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अपनी सफलता पर आपको ज्यादा ख़ुश नहीं होना चाहिए क्योंकि सफलता केवल एक स्थिति है और खुशी एक मानसिक और भावनात्मक दोनों स्थिति है। आपकी स्थिति किसी भी दिन बदल सकती है इसलिए आपको अपने नियंत्रण से परे की चीज़ के बारे में बहुत ज्यादा सोचने से समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

ऐसे कई लोग हैं जो बीमार स्वास्थ्य के कारण संघर्ष करते हैं जो अंततः उनके मिजाज़ को नाखुश और चिडचिडा बनाते हैं। इस प्रकार आपको एक संतुलित जीवन जीना चाहिए, स्वस्थ भोजन खाना चाहिए, नियमित व्यायाम करना चाहिए, उचित आराम करना चाहिए और समय पर सोना चाहिए। ये सभी सरल लेकिन महत्वपूर्ण कदम न केवल आपको फिट बनाएंगे बल्कि आपको खुश भी रखेंगे।

खुशी हासिल करना सभी का अधिकार है लेकिन खुशी का मार्ग अलग-अलग व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। आपको अपने लिए खुशी का कारण खोजना होगा और उन्हें प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ना होगा। जब आप सफलता या करियर के रास्ते पर हैं तो अपने परिवार की अनदेखी न करें क्योंकि ये सब चीजें किसी भी दिन बदल सकती हैं लेकिन आपका परिवार हमेशा सुख और दुःख के समय आपके साथ रहेगा। उनके साथ अच्छा समय व्यतीत करें, सप्ताहांत पर बाहर जाएं और अपने ख़ुशी के क्षणों को उनके साथ साझा करें।

खैर आज आप सबका दिन है इसलिए इसे पूरी तरह से जियें और हमेशा खुश रहें।

धन्यवाद।

ख़ुशी पर भाषण – 3

आप सभी को मेरी ओर से सुप्रभात।

आज 20 मार्च 2017 है और यह आयोजन "अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस" ​​के उत्सव को मनाने के लिए हमारी कॉलोनी में आयोजित किया गया है। इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र के सलाहकार जयमी इलियन ने की थी। ख़ुशी के आनंद, प्रसन्नता, प्रफ्फुलता, मनोरंजन आदि जैसे कई अर्थ हैं। जो कुछ हम अपने जीवन में करते हैं वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खुशी से जुड़ा हुआ होता है और यह हमारे या किसी और से समबंधित हो सकता है। इस दुनिया में हर प्राणी खुशी चाहता है। हर कोई दुखी होने या दर्द महसूस करने से डरता है। हमें जीवन के प्रत्येक क्षण का आनंद लेने की आवश्यकता है। इस पूरे विश्व में लगभग सभी अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और यह हमारी खुशियों के कारण है कि जब हमारी ज़रूरतें पूरी होती हैं तो हमें संतुष्टि होती है लेकिन इस दुनिया में बहुत से लोग हैं जो अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं और फिर भी खुश हैं क्योंकि वे आज के समय में संतुष्ट हैं और वे कल के बारे में चिंता करने की बजाय वर्तमान की सोचते हैं। इसलिए खुशी एक व्यक्ति के लिए एक विकल्प बन जाती है कि क्या वह अपनी सफलता से या वर्तमान के साथ अपनी खुशी को जोड़ना चाहता है। यदि आप एक सुखी जीवन जीना चाहते हैं तो कल के बारे में चिंता करके इसे बर्बाद करने के बजाय अपने वर्तमान में रहने की कोशिश करें।

हमारे जीवन में हम कई समस्याओं और जटिलताओं का सामना करते हैं लेकिन कुछ लोग हार मान जाते हैं और कुछ अपनी जीत के लिए आखिरी साँस तक प्रयास करते हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका समाधान नहीं है लेकिन उसका समाधान खोजने के लिए हमें मेहनत करने की आवश्यकता है। इस दुनिया में अभी भी ऐसे कई लोग हैं जिनके पास भोजन, आश्रय आदि जैसी उचित सुविधाएं नहीं हैं लेकिन वे उनके पास मौजूद चीज़ों से संतुष्ट रहने की कोशिश करते हैं। जीवन में सफलता के साथ खुशियों को जोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि विफलता हर व्यक्ति के जीवन में कई बार आ सकती है और यह जीवन के लिए महत्वपूर्ण भी है। लोगों की खुशी की अपनी परिभाषा है। कुछ के लिए यह सफलता है लेकिन कुछ के लिए यह एक आनंद से अधिक नहीं है। जो लोग सफलता का पीछा करते हैं या सफल रहना चाहते हैं वे वर्तमान में अपनी जिंदगी जीना भूल जाते हैं लेकिन जो लोग वर्तमान में रहते हैं या खुश जीवन जीते हैं वे हमेशा सफल होते हैं।

यदि हम खुश रहना चाहते हैं तो खुश जीवन की कई चाबियाँ हैं। बहुत से लोगों को दूसरों के साथ खुद की तुलना करने की आदत है। उदाहरण के लिए यदि मेरे पास एक कार है लेकिन मुझे कोई ऐसा व्यक्ति मिल गया जिसके पास बेहतर कार है तो यहाँ से मेरे दिमाग में बुरी भावनाएं आनी शुरू हो जाएगी। जब-जब हम उस व्यक्ति के साथ अपनी तुलना करेंगे तब-तब हमे ऐसा महसूस होगा जो एक बुरी आदत है। इसलिए हमारे अन्दर बेहतर बनने की भावना होनी चाहिए और साथ ही हमें किसी और के साथ अपनी ज़िंदगी की तुलना नहीं करनी चाहिए। हम सभी को हमारे जीवन को सफलतापूर्वक उन्मुख करने और सफलतापूर्वक परिवर्तित करने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि जीवन बिना सुख के जीना ज्यादा अच्छा है बजाए सुख के साथ बिना ख़ुशी के।

इसी के साथ मैं अपने भाषण समाप्त करना चाहूंगा और नम्रतापूर्वक इच्छा रखूंगा कि आप सभी को जीवन में खुशी मिल सके।

धन्यवाद।


 

ख़ुशी पर भाषण – 4

सुप्रभात आदरणीय प्रिंसिपल, माननीय शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों!

आज यह सभा विशेष रूप से छात्रों के लिए आयोजित की गई है क्योंकि पूरी दुनिया "अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस" ​​मना रही है। हम भी छोटे से उत्सव के द्वारा बच्चों में थोड़ी खुशी फैलाना चाहते थे और इसके लिए हमने कुछ बेघर बच्चों को यहाँ आमंत्रित किया है ताकि हम उनकी खुशी के लिए कुछ कर सके लेकिन उत्सव शुरू होने से पहले मैं खुशी पर कुछ शब्द कहना चाहूंगा तो खुशी क्या है? यद्यपि यह समझाया नहीं जा सकता लेकिन फिर भी यह अच्छी तरह से रहना और भाग्यशाली होना है।

आप सभी को भाग्यशाली महसूस करना चाहिए कि आप सभी को घर, शिक्षा के लिए स्कूल और कई अन्य सुविधाएं मिलीं लेकिन ऐसे कई बच्चे हैं जिन्हें ये सब सुविधाएं नहीं मिली है पर फिर भी अनंत कठिनाइयों से गुजरने के बावजूद वे खुशी से रहते हैं। हर दिन मैं कई ऐसे बच्चों को देखता हूँ जिनके पास हर तरह की सुविधा है लेकिन फिर भी वे खुद को अशुभ मानते हैं या सोचते है कि उनका जीवन अच्छा नहीं है। यह हमारा बहुत अनुचित व्यवहार है। हमें अपने जीवन में जो कुछ भी मिला है उसमें सुखी रहने की कोशिश करनी चाहिए और हमें खुद को भाग्यशाली महसूस करना चाहिए कि हम इन सुविधाओं से आशीषित हैं। हमें दो तरीकों से खुशी मिलती है पहला जब हम खुद के लिए कुछ करते हैं जो हमें खुश कर देता है और दूसरा जब हम किसी और के लिए कुछ करते हैं जो दूसरों को खुश कर देता है।

जीवन में हमें उन लोगों के लिए कुछ करना चाहिए जो उनकी मुस्कुराहट का कारण बन सकते हैं। खुशी हमेशा तब बढ़ जाती है जब हम उन्हें दूसरों के साथ साझा करने की कोशिश करते हैं। हमें उन लोगों के लिए कुछ करना चाहिए जो बेघर हैं या जिनके पास भोजन आदि जैसी सुविधाओं की कमी है। यदि आप उनके लिए कुछ करेंगे तो मुझ पर भरोसा करें जब आपको उनके चेहरे पर मुस्कुराहट दिखाई देगी तो आपको बहुत अच्छा महसूस होगा और यह मनुष्य तक ही सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि अन्य जीवित प्राणियों के लिए भी होना चाहिए।

सबसे ज्यादा उदासीन बात जो स्कूल और माता-पिता के लिए होती है वह है जब छात्र अध्ययन के दबाव और कभी-कभी अपने माता-पिता की वजह से आत्महत्या करते हैं। हमें समझना चाहिए कि कड़ी मेहनत सफलता की कुंजी है और खुशी सफलता का सबसे बड़ा स्रोत है क्योंकि अगर कोई दुःख नहीं होगा तो कोई सुख नहीं होगा। इसलिए हमें मुश्किलों से मुँह मोड़ने की बजाए खुशी से उनका सामना करना चाहिए। हमें पता होना चाहिए कि बुरे हालातों में सुख कैसे प्राप्त करना है। यहां तक ​​कि हम मुस्कान के साथ आसानी से कठिनाइयों को हरा सकते हैं तो जीवित प्राणियों के बीच खुशी को फैलाना एक सबसे खूबसूरत काम है जो हम अपने जीवन में कर सकते हैं। हमें कठिन समय में कभी हार नहीं माननी चाहिए क्योंकि उस समय जब हम अपनी सफलता हासिल करेंगे तो यह हमें खुशी देगा।

इसी के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता हूं और हमारे आदरणीय प्रिंसिपल मैम को विशेष धन्यवाद देना चाहता हूं ताकि हमें लोगों के बीच भव्यता का प्रसार करने के अनमोल मौका मिले और मुझे इस तरह के एक बड़े उत्सव का हिस्सा होने पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है।

धन्यवाद और आशा करता हूँ की आपका दिन शुभ हो।

 

 

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