विश्व पर्यावरण दिवस 2022 पर भाषण (World Environment Day Speech in Hindi)

विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस दिन हम पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर जानकारी अर्जित करते हैं एवं हमारे बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने की प्रतिज्ञा लेते हैं। हमें जीवन भर हमारे पर्यावरण का ख्याल रखना चाहिए। यह तभी संभव है जब हम अपनी आँखें खुली रखें और अपने भीतर एवं वातावरण में कुछ सकारात्मक बदलाव लाएं। हमें अपने बच्चों को भी इस समस्या प्रति जागरूक करना चाहिए ताकि वे भी पर्यावरण सुरक्षा के अभियान के प्रति जागरूक हो सकें तथा भविष्य में इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर बड़ा और छोटा भाषण (Long and Short Speech on World Environment Day in Hindi)

यहाँ हमने आपकी आवश्यकतानुसार विश्व पर्यावरण दिवस पर 4 बड़े और छोटे भाषण दिए हैं, उम्मीद करते है आपको पसंद आयेंगे व आपके काम भी आयेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण 1

सभी आदरणीय उपस्थित महानुभावों, प्रिंसिपल सर, सर, मैडम एवं मेरे प्रिय दोस्तों आप सभी का विश्व पर्यावरण दिवस के शुभअवसर पर हार्दिक अभिनंदन एवं सुप्रभात। मेरा नाम है... मैं कक्षा... में अध्ययन करता हूं। आज, हम एक महत्वपूर्ण दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, मनाने के लिए यहाँ इकट्ठा हुए हैं। मैं इस अवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास पर नजर डालते हुए एक भाषण प्रस्तुत कर रहा हूं। मैंने विशेष रूप से हमारे बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण इस विषय को चुना है।

विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस, पर्यावरण से जुड़े मद्दों पर विचार करने एवं पर्यावरण जुड़ी समस्याओं का हल निकालने के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है। इसे पर्यावरण दिवस, ईको डे या डब्ल्यूईडी के तौर पर भी जाना जाता है। यह एक महान वार्षिक आयोजन है जिसके दौरान हम पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं और उन्हें पूरी तरह से हल करने की कोशिश करते हैं। यह अवसर वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से बहुत सारे रचनात्मक गतिविधियों के साथ दुनिया भर में मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने के पीछे हमारा यही उद्देश्य होता है कि हम पृथ्वी पर प्राकृतिक पर्यावरण की हर संभव रक्षा करें ताकि स्वस्थ जीवन की संभावना पृथ्वी पर हमेशा बनी रहे।

वर्ष 1972 में घोषित होने के बाद यह 1973 से प्रतिवर्ष 5 जून को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पर्यावरण में गिरावट के हालत के बारे में जानकारी देने एवं स्वच्छ पर्यावरण का महत्व लोगों को समझाने एवं इस बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाने लगा। इस उत्सव की शुरूआत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान पर्यावरण के महत्व के बारे में लोगों को बताने और पर्यावरण की रक्षा करने के उद्देश्य से प्रभावी योजनाओं को लागू करने के उद्देश्य से की गई थी। इस वार्षिक उत्सव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित एक थीम (विषय) के अनुसार मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान पर्यावरण को बचाने के लिए प्रति वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रदत्त विषय के अनुसार कुछ नई एवं प्रभावी योजनाओं को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

मेरे प्यारे दोस्तों, इस उत्सव को दुनिया भर में 100 से अधिक देशों में मनाया जाता है क्योंकि पर्यावरण की समस्या कोई भी देश अकेले हल नहीं कर सकता। इसका वार्षिक आयोजन हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनाईटेड नेशन्स एनवायरमेंट प्रोग्राम) द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित अलग-अलग मेजबान शहरों द्वारा किया जाता है। पहली बार इसका आयोजन 1973 में "केवल एक पृथ्वी" थीम (विषय) के साथ किया गया था। वर्ष 2016 में इस आयोजन का मेजबान अंगोला शहर था।

इस आयोजन का उद्देश्य दुनिया भर के विभिन्न देशों से लाखों लोगों, राजनीतिक एवं स्वास्थ्य संगठनों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना एवं इस समस्या से निपटने के लिए नई योजनाएं बनाना एवं योजनाओं को लागू कराना है। खाद्य पदार्थों का अपव्यय, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, प्रदूषण, औद्योगिकीकरण जैसी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कारकों को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्बन तटस्थता, वन प्रबंधन, ग्रीनहाउस गैसों का नियंत्रण, जैव-ईंधनों के उत्पादन को प्रोत्साहित करना, बिजली पैदा करने के लिए पनबिजली संयंत्र का उपयोग, पानी गर्म करने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना आदि गतिविधियों पर जोर दिया जाता है।

स्वस्थ पर्यावरण, खुशहाल भविष्य!

धन्यवाद!

विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण 2

सभी आदरणीय उपस्थित महानुभावों, प्रिंसिपल सर, सर, मैडम एवं मेरे प्रिय दोस्तों आप सभी का विश्व पर्यावरण दिवस के शुभअवसर पर हार्दिक अभिनंदन एवं सुप्रभात। मेरा नाम है.......। मैं कक्षा .... में अध्ययन करता हूं। सबसे पहले मैं अपने कक्षा अध्यापक महोदय का इस विषय पर व्याख्यान देने के लिए मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद करता हूं। आज, हम एक महत्वपूर्ण दिवस, जिसे विश्व पर्यावरण दिवस कहा जाता है, को मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। हमारे पर्यावरण के हालात में दिन-प्रतिदिन गिरावट दर्ज की जा रही है। दोस्तों, हमें तुरंत पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कारकों का पता लगाकर स्थिति में सुधार लाने की आवश्यकता है। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ-अवसर पर विषय से संबंधित सभी बिंदुओं पर चर्चा करना अनिवार्य है।

मेरे प्रिय दोस्तों, पृथ्वी पर हमारे पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से वर्ष 1972 में विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में एक विशेष दिन की स्थापना संयुक्त राष्ट्र संघ ने की थी। दुनिया भर में तकनीकी विकास की खुशी में, हम यह भूल गए कि हम विकास के साथ बहुत कुछ खो रहे हैं। विकास की गतिविधियों ने हमें प्रकृति से दूर कर दिया हैं और हमारे कई प्राकृतिक धरोहर समाप्त हो गए है। क्या आप जानते हैं कि हमारी गलतियों की वजह से हमारे कई पसंदीदा खाद्य पदार्थ के भी धरती से विलुप्त होने की भविष्यवाणियां की जा रही है। बस हमारी गलतियों जैसे कि बिजली का अत्यधिक उपयोग, वनों की कटाई, औद्योगीकरण, सीवेज का सीधे नदियों एवं नहरों में निपटान, पोलिथीन का हानिकारक अविष्कार एवं इस्तेमाल आदि द्वारा पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान पहुंच रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस प्रति वर्ष 5 जून को हमारी इन्हीं गलतियों को समझने एवं उनके बुरे प्रभाव को बेअसर करने के उद्देश्य से सकारात्मक कदम उठाने की दिशा में प्रयास करने के उद्देश्य से पूरे विश्व में मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस को पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के द्वारा ग्लोबल वार्मिंग, भोजन की कमी, वनों की कटाई, आदि जैसे विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों का समाधान ढ़ूढ़ने के उद्देश्य से 1973 मनाया गया गया था। वैज्ञानिकों के अनुसार निकट भविष्य में मानव-प्रेरित पर्यावरण परिवर्तन की वजह से दो-तिहाई से भी अधिक वनस्पतियां व जीव विलुप्त हो जाएंगे। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि निकट भविष्य में कॉफी, किंग मकई, चॉकलेट एवं कई समुद्री भोजन वलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके है।

हमारे दैनिक आहार विशेष रूप से सुबह के वक्त एक चम्मच शहद का प्रयोग हम सभी करते हैं लेकिन जल्द ही यह यह विलुप्तप्राय हो जाएगा और इसे तरल सोने के रूप में बुलाया जाएगा। हर 5 में से 2 मधुमक्खियां खेती में कीटनाशकों के अधिकाधिक प्रयोग की वजह से खत्म हो जाएंगे। ये कीटनाशक मधुमक्खियों के परागण के लिए भी जहरीले हैं और इस वजह से मधुमक्खियों की आबादी में गिरावट हो रही है। मधुमक्खियों की जनसंख्या में कमी होने से कई पौधे एवं खाद्य पदार्थ भी खत्म हो जाएंगे क्योंकि पौधों की लगभग 2,50,000 प्रजातियों का परागण मधुमक्खियों के द्वारा ही होता है।

जलवायु परिवर्तन की बढ़ती दर से चॉकलेट खत्म होता जा रहा है क्योंकि निरंतर बढ़ते तापमान और मौसम के मिजाज में परिवर्तन की वजह से कोको के उत्पादन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। उच्च तापमान की वजह से कोको के पेड़ों से अत्यधिक वास्पीकरण होता है जिससे कोको का उत्पादन को कम होता जा रहा है। इसके उत्पादन में 2030 तक अत्यधिक गिरावट हो जाने की संभावना है।

उच्च तापमान, बदलता हुआ मौसम एवं घटती हुई पानी की आपूर्ति की वजह से ये पौधे अस्वस्थ हो रहे है एवं इनपर फफूंद लग रहा है और इस प्रकार कॉफी का उत्पादन बाधित हो रहा है। समुद्री भोजन का उत्पादन भी ग्लोबल वार्मिंग की वजह से खतरे में पड़ गया है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से जलीय जीवों की कई प्रजातियां, मछलियां आदि सभी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। वनों की बेहिसाब कटाई की वजह से ताड़ के तेल, जैसे कई प्रजातियों के पौधे आदि विलुप्त होने वाले हैं।

प्रिय मित्रों, हमें जलवायु परिवर्तन की दर को कम करने एवं भविष्य में पृथ्वी पर बेहतर जीवन के लिए कई प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। आवश्यकता है कि हम कम प्रयोग, पुनः प्रयोग और रीसायकल पर ध्यान दें ताकि प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के बिगड़ते हुए हालात को हम नियंत्रण करने में सफल हो सकें। हमें छोटे-छोटे ही सही लेकिन कई कदम उठाने की आवश्यकता है जैसे अकार्बनिक खाद्य पदार्थों के बजाए जैविक खाद्य पदार्थों का सेवन, रासायनिक उर्वरकों के बजाए प्राकृतिक उर्वरकों का उपयोग, बिजली के उपयोग को कम करना, चीजों का पुनर्चक्रण, वनों की कटाई पर रोक, वन्य पशुओं की रक्षा आदि से संबंधित प्रभावी कदम उठाने होंगे। हमारे सकारात्मक कदम निकट भविष्य में पर्यावरण से संबंधित मुद्दों को सुलझाने में मददगार साबित होंगे।

स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ भविष्य!

धन्यवाद!

विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण 3

सभी उपस्थित आदरणीय महानुभावों, प्रिंसिपल सर, सर, मैडम एवं मेरे वरिष्ठ साथियों एवं प्रिय दोस्तों आप सभी का विश्व पर्यावरण दिवस के शुभअवसर पर हार्दिक अभिनंदन एवं सुप्रभात। मेरा नाम है... मैं कक्षा .... में अध्ययन करता हूं। मैं आज इस शुभअवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस विषय पर भाषण प्रस्तुत करना चाहता हूं। मैं अपने कक्षा अध्यापक का बहुत आभारी हूँ जो उन्होंने मुझे इस अवसर पर भाषण प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।

मेरे प्रिय मित्रों, हम सभी अच्छी तरह से विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में जानते हैं लेकिन हमें इस दिवस के मनाए जाने के उद्देश्यों के बारे में भी पता होना चाहिए। आज, मैं अपने भाषण में इस अभियान के बारे में और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताऊंगा। दोस्तों, सिर्फ हम ही हैं जो पर्यावरण में हो रही गिरावट की स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास कर सकते हैं और इसिलिए इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस, प्रति वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित किया गया था। पहली बार वर्ष 1973 में पृथ्वी पर वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने एवं इस दिशा में दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था। कई वर्षों से लगातार चल रहे वन्यजीवों के अवैध व्यापार की वजह से हमारी कीमती जैव विविधता नष्ट हो रही है और जंगली जानवरों जैसे हाथी, बाघ, राइनो, गोरिल्ला, समुद्री कछुए, आदि महत्वपूर्ण प्रजातियों के अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर पहुंच गए है। विश्व पर्यावरण दिवस 2016 का नारा था "जीवन के लिए जंगली बनो” ताकि वन्यजीवों के प्रति अपराध में शामिल लोगों को सुधार सकें और उनके द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई कर सकें। पृथ्वी पर एक बेहतर भविष्य पाने के लिए इस बड़ी समस्या को हल करना आवश्यक है और यह एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने है।

इस आयोजन को प्रति वर्ष मनाए जाने के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:

  • पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए।
  • सतत और पर्यावरण के अनुकूल विकास बनने के लिए समाज एवं समुदायों में रहने वाले लोगों को इस अभियान में सक्रिय प्रतिनिधियों के तौर पर योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • विश्व स्तर पर इसे एक सफल अभियान बनाने के लिए पूरे विश्व के लोगों का सहयोग प्राप्त करना।
  • इस अभियान की बेहतर शुरुआत के लिए आसपास के क्षेत्रों में सफाई के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए।

वन्यजीवों के प्रति अपराधों ने कई पशु प्रजातियों को खतरे में डाल दिया है और यहां तक कि कुछ प्रजातियां जैसे वियतनाम में यावान राइनो और कैमरून में पश्चिमी काले राइनो तो 2011 में विलुप्त ही हो गए। जैसे कि ग्रेट एप्स प्रजाति गाम्बिया, बेनिन, बुर्किना फासो, टोगो सहित अन्य देशों से भी गायब हो गए हैं। मेरे प्रिय मित्रों, हम पृथ्वी पर रहते हैं तो इस प्रकार पृथ्वी हमारा पहला घर है। अपने अलग-अलग घरों के बारे में भूल जाओ और पृथ्वी जो हमारा संयुक्त घर उसपर अपना ध्यान केंद्रित करो। हमें पृथ्वि को साफ-सुथरा, हरा-भरा एवं अपराध मुक्त रखना चाहिए ताकि यहां का वातावरण हमें पोषण प्रदान कर सके न कि हमारे लिए परेशानी पैदा करे। मुझे यकीन है कि अगर सभी लोग समझदारी से और पृथ्वी एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें तो वह दिन दूर नहीं जब सभी जीवित प्राणी एक स्वस्थ पर्यावरण के छत के नीचे इस ग्रह पर खुशी-खुशी जीवन व्यतीत करेंगे।

वन्यजीव बचाओ, पर्यावरण बचाओ!

धन्यवाद


विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण 4

प्रिंसिपल सर, सर, मैडम एवं मेरे वरिष्ठ साथियों एवं प्रिय मित्रों आप सभी को सुप्रभात। मेरा नाम है... मैं कक्षा .... में अध्ययन करता हूं। मैं आज विश्व पर्यावरण दिवस, जो कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सुरक्षित वातावरण एवं बेहतर भविष्य प्राप्त करने की दिशा में सभी पर्यावरण संबंधी मुद्दों का हल निकालने के लिए चलाया जा रहा एक अभियान है, के विषय पर भाषण प्रस्तुत करना चाहता हूं। आज 5 जून को हम एक महत्वपूर्ण दिवस, जिसे विश्व पर्यावरण दिवस कहा जाता है को मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। मैं अपने कक्षा अध्यापक महोदय का आभारी हूं की उन्होंने मुझे इस बिषय पर भाषण देने के लिए अवशर दिया।

विश्व पर्यावरण दिवस हमारे लिए बहुत अहम है क्योंकि इस दिन हम भविष्य में हमारी प्रकृति की बेहतरी के लिए खास तौर पर प्रयास करते हैं और साथ ही यह दिन हमें इस बात की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है कि हमने प्रकृति को कितना नुकसान पहुंचाया है और इस नुकसान की भरपाई हम किस प्रकार करें।

वर्ष 2016 में इस अभियान के समारोह का विशेष नारा "जीवन के लिए जंगली बनो" पर आधारित था और इसका थीम था "जीवन के लिए वन्य जीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ लड़ाई" (मतलब वन्य जीवों के अवैध व्यापार के लिए शून्य सहिष्णुता)। इस वर्ष इस अभियान का विषय था आरेंगूटान, हाथियों, गोरिल्ला, पेंगोलिन्स, व्हेल, राइनो, समुद्री कछुए, रोजवुड्स, बाघ, हेल्मेटेड हॉर्नबिल्स सहित वन्यजीवों की अन्य प्रजातियों के जीवन पर ध्यान केंद्रित करना। भविष्य में खतरे में पड़ी हुई इन प्रजातियों की रक्षा करने के लिए यह कदम उठाया जाता है। वन्य जीवन में अपराध की बढ़ती दर ने पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बहुत बुरी तरह से बिगाड़ दिया है और इसे फिर से पहले जैसा करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।

वन्यजीवों के व्यापार ने वन्य जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाला है और जानवरों की कुछ प्रजातियां तो कई देशों में विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। वन्यजीवों के व्यापारी कई वर्षों से लगातार धन कमा रहे हैं लेकिन वे प्रकृति का कोष खाली करते जा रहे है। वर्ष 2016 में इस अभियान को चलाने का उद्देश्य पूरी दुनिया में किसी भी क्षेत्र में अवैध वन्यजीव उत्पादों की मांग को कम करना है। ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं एव दुनिया भर में वन्य जीवन से संबंधित सभी अपराधों  को पूरी तरह से खत्म कर दें। यह वैश्विक अपराध हमें वन्य जीवों की तस्करी को रोकने के लिए एक साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध करता है।

हमें कला, शिल्प प्रदर्शनियों, फिल्म समारोहों, सामाजिक मीडिया, आदि के माध्यम से पर्यावरण के मुद्दों के समाधान करने से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए। हमें हमारे वातावरण में क्या गलत हो रहा है इस बारे में जागरूक होना चाहिए और जहां तक हो सके अपने आसपास के इलाकों में वन्य जीवों से संबंधित अपराधों को रोकने का प्रयास करना चाहिए। एक परिवार के कई सदस्य घर चलाने के उद्देश्य से पैसे कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। मेरे प्यारे दोस्तों, हम सभी लोग पृथ्वी रूपी घर में रहते हैं जिसकी छत पर्यावरण है। हमें इन दोनों का ख्याल रखना चाहिए क्योंकि हमारा जीवन स्वस्थ एवं सुरक्षित तभी होगा जब पृथ्वी हरी-भरी हो जाएगी एवं वातावरण स्वच्छ हो जाएगा।

एक ही धरती, एक ही पर्यावरण और जीवन भी एक ही है, इसलिए इसे जियो, बर्बाद मत करो।

धन्यवाद।

FAQs : Frequently Asked Questions on World Environment Day in Hindi

Q.1 पर्यावरण के तीन मुख्य प्रकार कौन से हैं?

उत्तर: घटकों के आधार पर पर्यावरण को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है; जलीय, स्थलीय और वायुमंडलीय पर्यावरण।

Q.2 पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किए गए हैं?

उत्तर: पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार द्वारा कई नियम और कानून बनाए गए हैं। विभिन्न अधिनियम भी पारित किए गए हैं।

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