गणतंत्र दिवस परेड - 26 जनवरी परेड 2019

भारत में गणतंत्र दिवस, हर साल एक बड़ी और भव्य गणतंत्र दिवस परेड को नई दिल्ली में राजपथ, इंडिया गेट पर आयोजित करके मनाया जाता है। वार्षिक रुप से 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण (झंड़ा फहराने) के बाद गणतंत्र दिवस परेड की जाती है। ये गतिविधि भारतीय गणतंत्र दिवस के उत्सव का प्रमुख आकर्षण होती है जो आमतौर पर बीटिंग रिट्रीट समारोह के होने तक अगले 3 दिनों तक चलती है। ये भारतीय सरकार द्वारा सुरक्षा क्षमता, भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को पूरी दुनिया के सामाने दिखाने के लिये आयोजित की जाती है।

इस कार्यक्रम के आयोजन से लेकर अन्त तक आयोजन करने वाले और भाग लेने वालों द्वारा बहुत अधिक प्रयास किये जाते हैं। राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ सभी राज्यों की राजधानी में मिलिट्री परेड आयोजित की जाती है। आर्मी (थल सेना), नेवी (जल सेना), एअर फोर्स (वायु सेना) के प्रतिनिधि और भारत के राज्यों के अनुसार परंपरागत नृत्य समूह गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लेते हैं।

गणतंत्र दिवस परेड 2019

  • 26 जनवरी 2019 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में काफी कुछ खास हुआ, इन्हीं में से कुछ विशेष बातों के विषय में नीचे बताया गया है।
  • इस वर्ष 26 जनवरी के दिन नई दिल्ली के राजपथ में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह तथा परेड के मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ‘माटामेला सिरिल रामाफोसा’ थे।
  • इस वर्ष होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला। जिसमें ब्रिटिश काल से बजायी जा रही ‘मार्शल ट्यून’ के स्थान पर एक भारतीय ध्वनि ‘शंखनाद’ बजायी गयी। यह ध्वनि नागपुर के प्रोफेसर डॉ तनुजा नफाडे द्वारा बनायी गयी है।
  • इस बार 26 जनवरी को राजपथ में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार एनएसजी (NSG) द्वारा प्रशिक्षित महिला स्वात कमांडोज प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
  • इस वर्ष के परेड में भारत के सुरक्षाशक्ति तथा युद्ध कौशल कलाओं को दिखाया गया। इसके साथ ही इस वर्ष 22 राज्यों की झांकियों देखने को मिली। जिसमें से 16 राज्यों की और 6 मंत्रालयों तथा विभागों की झाकियां थी।
  • गणतंत्र दिवस 2019 परेड का टिकट नई दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध थे। इन टिकटों को आईडीटीसी सेंटर, डीटीटीसी कांउटर्स, भारत सरकार पर्यटक केंद्र जैसे स्थानों पर से आसानी से प्राप्त किया जा सकता था।
  • गणतंत्र दिवस परेड 2019 में उत्तराखंड द्वारा महात्मा गांधी के याद में इस बार ‘अनाशक्ति आश्रम’ के थीम पर आधारित झांकी निकाली गयी। क्योंकि सन् 1929 के दौरान इस स्थान पर बापू ने अपना काफी समय व्यतीत किया था और यहीं पर उन्होंने अनासक्ति योग नामक पुस्तक भी लिखी थी।
  • पंजाब राज्य के झांकी को लगातार तीसरी बार गणतंत्र दिवस परेड में स्थान मिला। इस वर्ष होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में पंजाब राज्य की झांकी ‘जलियावाला बाग कांड’ पर आधारित रही क्योंकि वर्ष 2019 में जलियावाला बाग नरसंहार का शताब्दी वर्ष था।
  • इस वर्ष होने वाली परेड में लोगों को M777 A2 और K9 वज्र जैसी आर्टलरी गनों को देखने का अवसर मिला। इन आधुनिक तोपों को इसी वर्ष भारत के तोपखाने में शामिल किया गया था।

गणतंत्र दिवस परेड क्या है?

गणतंत्र दिवस के उत्सव पर विशेष रुप से आयोजित परेड गणतंत्र दिवस परेड कही जाती है। आमतौर पर, एक परेड मिलिट्री या सार्वजनिक प्रदर्शन होती है जो किसी विशेष दिन या कार्यक्रम पर आयोजित की जाती है। हम ये कह सकते हैं कि ये औपचारिक निरीक्षण या औपचारिक अवसर पर व्यक्तियों का एकत्रित समूह है। ये अर्थपूर्ण ढंग से मार्चिंग या एक रास्ते या स्थान के चारो ओर घूमते हुये किसी चीज को प्रदर्शित करने के लिये आयोजित की जाती है। एक परेड को मार्च या मार्चपास्ट भी कहा जाता है जिसके दौरान एक थीम (विषय) आधारित एक समूह के व्यक्तियों द्वारा अनूठा प्रतिनिधित्व करके प्रदर्शित किया जाता है।

आमतौर पर, ये एक मार्ग के आस-पास विशेष पहनावे के साथ मार्चिंग बैंड या फ्लोट्स (बिजली द्वारा संचालित एक छोटा वाहन या गाड़ी) के द्वारा आयोजित किया जाता है। एक परेड विशेष कारणों की श्रृंखला के साथ आयोजित की जाती है हांलाकि, आम तौर पर किसी ईवेंट या त्योहार के उत्सव के दौरान आयोजित होती है। कभी-कभी, लोग विरोध प्रदर्शनों के दौरान परेड प्रदर्शन करते हैं।

राजपथ, इंडिया गेट पर भारत के गणतंत्र दिवस परेड का प्रदर्शन करने के लिए एक उत्कृष्ट व्यवस्था की जाती है। सबसे पहले, भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय झंड़े को फहराते हैं जिसका अनुकरण राष्ट्रीय गान (जन,गण,मन) को गाकर किया जाता है। 21 तोपों के माध्यम से राष्ट्रीय सलामी दी जाती है। इसके बाद, भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मान या पुरस्कार (जैसे अशोक चक्र, क्रीर्ति चक्र, आदि) उन लोगों को वितरित किये जाते जो इन्हें प्राप्त करने के पात्र होते हैं।

 

तब राष्ट्रपति के द्वारा बहादुरी पुरस्कार और मेडल या पदक लोगों (शस्त्र फोर्सों और सैनिकों) के बीच उनके साधरण साहस और कठिन परिस्थितियों में वीरता प्रदर्शित करने के लिये वितरित किये जाते हैं। कुछ बच्चे भी (जो राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त करते हैं) परेड में भाग लेते हैं जिसके दौरान इन्हें दर्शकों के सामने कुछ रंगीन सजे हुये हाथियों या वाहनो पर बिठाया जाता है।

26 जनवरी परेड के प्रतिभागी

भारत की गणतंत्र दिवस की परेड दुनिया की सबसे प्रसिद्ध परेडों में से एक है जिसमें 25 से अधिक चलते और घुड़सवार दल वाले, लगभग 20 सैन्य बैंड, विभिन्न सैन्य वाहन, 30 विमान, 30 सांस्कृतिक झाँकी, राज्यों के अनुसार सांस्कृतिक झांकी और 1200 स्कूल के बच्चे शामिल होते हैं।

भारतीय सेना, नेवी, और वायु सेना की विभिन्न रेंजीमेंट्स अपने विविध बैंडो और सरकारी सजावट के साथ परेड में भाग लेती है। भारतीय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ, भारत के राष्ट्रपति, सलामी लेते हैं। भारत के विभिन्न अर्द्ध-सैन्य बल और अन्य सैन्य बल गणतंत्र दिवस की परेड में बहुत सक्रिय रुप से भाग लेते हैं। पूरी परेड का दृश्य विशेष रुप से ऊंट सवार सीमा सुरक्षा बल दल (पूरी दुनिया में इकलौती ऊंट सवार सैन्य बल) की वजह से बहुत ही आकर्षक और मनोरंजक हो जाता है। गणतंत्र दिवस परेड के अन्य प्रतिभागी एनसीसी कैडेट (विशेष रूप से देश भर से परेड के लिए चयनित) और स्कूल के बच्चे (सभी देश भर के विभिन्न स्कूलों से) होते हैं।

बहुत से बिजली से चलने वाले (जिन्हें फ्लोट्स भी कहा जाता है, जिनकी संख्या 20 से 30 होती है) छोटे वाहन और गाड़ियाँ भारतीय गणतंत्र दिवस में भारत के विभिन्न राज्यों और संयुक्त राज्यों की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिये भाग लेती हैं। केन्द्रीय मंत्रालयों और राज्य के उद्यमों के इस तरह के फ्लोट परेड को एक भव्य रुप देते हैं। भारतीय गणतंत्र दिवस की वार्षिक परेड को पूरे राष्ट्र में टीवी और रेडियों के माध्यम से सीधे प्रसारित किया जाता है। इस परेड में भारतीय सेना और मिलिट्री की शक्ति, सभी भारतीय राज्यों की परंपराओं और संस्कृति, सरकार की विशेष गतिविधियाँ, संगीत, नृत्य और स्कूल के बच्चों द्वारा गाने आदि प्रदर्शित किये जाते हैं।

सैन्य बलों की मोटर साइकिल की इकाई अपने साहस का प्रदर्शन मोटर साइकिल की सवारी करके करती है जिसके बाद आकर्षक फ्लाई-पास्ट (लड़ाकू विमान द्वारा हवाई परेड) सैन्य हवाई जेट्स और हैलीकॉप्टर द्वारा राष्ट्रीय झंड़े को लेकर प्रदर्शित की जाती है। सभी दिखाई जाने वाली परेड विभिन्न धर्मो के लोगो के बीच, उत्सवों और त्योहरों से धनी विरासत और संस्कृति की विविधता में एकता प्रदर्शित करती है। इस वार्षिक परेड में, लगभग 1200 स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक नृत्य और गानों को दिखाने व गाने के लिये भाग लेते हैं। इस महान राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी अपना सौभाग्य समझते हैं।

पहली गणतंत्र दिवस की परेड 1950 में प्रदर्शित की गयी थी जब भारत का पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया था। भारतीय राष्ट्रपति के पहुँचने के बाद परेड शुरु होती है। परेड से पहले, भारत के प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर पुष्प अर्पित करके भारत के लिये अपने जीवन का बलिदान करने वाले भारतीय जवानों को श्रद्धाजंलि देते हैं। और, भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज को फहराते हैं।

 

 

26 जनवरी परेड मार्ग और समय

भारत के गणतंत्र दिवस की परेड राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित की जाती है। ये राजपथ, इंडिया गेट पर प्रदर्शित की जाती है। ये राष्ट्रपति भवन (भारतीय राष्ट्रपति का निवास स्थान) के पास से रायसीना पहाड़ी से शुरु होती है और इंडिया गेट पर समाप्त होती है। परेड से पहले, प्रधानमंत्री के द्वारा अमर ज्योति जवानों को पुष्प अर्पित करके अमर शहीदों (देश को आजाद कराने के लिये स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीदों) की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजंलि दी जाती है साथ ही राष्ट्रीय झंड़े को राष्ट्रपति के द्वारा फहराया जाता है। गणतंत्र दिवस की परेड का मार्ग 5 किलोमीटर से अधिक लम्बा होता है।

आमतौर पर, ये 9:00 ध्वजा रोहण के बाद सुबह 9:30 पर 26 जनवरी को हरेक साल प्रदर्शित की जाती है। गणतंत्र दिवस की परेड का कुल समय लगभग 3 घंटे का होता है। वास्तविक कार्यक्रम 26 जनवरी के कुछ दिन पहले, प्रतिभागी रास्ते पर पूर्वाभ्यास करते हैं। शायद, सामान्यतः दो तीन घंटे के स्थान पर परेड का समय केवल 90 मिनट का भी हो सकता है। सरकार के कार्यक्रम के अनुसार, दलों की मार्च (परेड) की संख्या को एक दूसरे में मिलाकर कम किया जा सकता है।

टिकट कहाँ से प्राप्त करें और गणतंत्र दिवस की परेड में कैसे भाग लें

26 जनवरी के कार्यक्रम पर गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिये, किसी को भी प्रवेश के लिये टिकट की आवश्यकता होती है। उत्सव के लगभग दो हफ्ते पहले से ही टिकटों की बिक्री शुरु हो जाती है। आप हर साल 7 जनवरी से 25 जनवरी तक भारत के गणतंत्र दिवस की टिकट प्राप्त कर सकते हैं। दो प्रकार की टिकट उपलब्ध होती है, एक तो वी.आई.पी. (पहली लाईन पास) और दूसरी सामान्य टिकट। इन टिकटों को नई दिल्ली में निम्नलिखित स्थानों पर प्राप्त किया जा सकता है:

  • नार्थ ब्लाक गोलचक्कर
  • सेना भवन – गेट नंबर 2
  • प्रगति मैदान – गेट नंबर 1
  • जंतर मंतर – मुख्य गेट
  • शास्त्री भवन – गेट नंबर 3
  • जामनगर हाउस – इंडिया गेट के दूसरी तरफ।
  • लाल किला – अगस्त पार्क पंद्रह के अंदर तथा जैन मंदिर के विपरीत स्थान पर।
  • संसद भवन (रिशेप्शन आफिस) – यह विशेष काउंटर माननीय सांसदों के लिए बनाया गया है।

बहुत शान्ति और आसानी से गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिये, हर एक को वहाँ के सुरक्षा दलों द्वारा बनाये गये सभी नियमों और कानूनों को मानना चाहिये। आपको अपना मोबाइल फोन, कैमरा, लैपटॉप, डिजिटल डायरी, ट्रांजिस्टर, कारों की रिमोर्ट वाली चाभी या अन्य कोई विद्युत यंत्र कुछ सुरक्षा कारणो से ले जाने की अनुमति नहीं है। आपको अपने सभी विद्युत यंत्रों को घर या वहाँ उपस्थित सुरक्षा जाँच केन्द्र पर रख देने चाहिये। अपने स्वंय के वाहनों पर पार्किंग स्टीकर प्रदर्शित करना आवश्यक है अन्यथा उन्हें उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। परेड शुरु होने के बाद, प्रवेश निषेध कर दिया जाता है और कोई भी कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश नहीं कर सकता। पानी की बोतलें, पेय पदार्थ या अन्य खाने योग्य चीजें ले कर जाने की अनुमति नहीं है। कार्यक्रम स्थल पर जाते समय आपके पास टिकट है या नहीं ये सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है।

26 जनवरी परेड के टिकट बिक्री का समय

गणतंत्र दिवस के टिकटों की बिक्री दो पालियों में की जायेगी पहली पाली की टिकट बिक्री सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12:30 तक चलेगी तथा दूसरी पाली के टिकट बिक्री दोपहर 2:00 से लेकर दोपहर 4:30 तक चलेगी।

7 जनवरी 2019 से लेकर 25 जनवरी 2019 तक – सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक तथा दोपहर 2:00 बजे से लेकर दोपहर 4:30 बजे तक।

बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकट बिक्री का समय

27 जनवरी 2019 से लेकर - सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 तक तथा दोपहर 2:00 बजे से लेकर दोपहर 4:30 बजे तक।

28 जनवरी 2019 तक – सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 तक तथा दोपहर 2:00 बजे से लेकर दोपहर 3:00 बजे तक।

2019 में गणतंत्र दिवस परेड टिकट की कीमत

किसी को भी गणतंत्र दिवस की परेड की टिकट प्राप्त करने के लिये अपना वैध पहचानपत्र दिखाने की आवश्यकता होती है। टिकट खरीदने के दौरान धोखाधड़ी की गतिविधियों को रोकने के लिये (विशेष रुप से 2016 में), भारत सरकार ने टिकट खरीदने के लिये सरकारी फोटो पहचान पत्र को आवश्यक बना दिया है। 2019 की गणतंत्र दिवस के परेड की टिकट का मूल्य इस प्रकार है:

  • आरक्षित सीटों के लिए टिकट मूल्य – 500 रुपये।
  • अनारक्षित सीटों के लिए टिकट मूल्य – 100 तथा 20 रुपये।
  • अनारक्षित बीटिंग रिट्रीट समारोह में सीटों के लिए टिकट मूल्य – 50 तथा 20 रुपये।

अनारक्षित सीटें पहले आओ पहले पाओ (फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व) के आधार पर उपलब्ध करायी जाती हैं। तो यदि आपने अनारक्षित टिकट खरीदा है या खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको कार्यक्रम स्थल पर पहले पहुंचने का प्रयास करना होगा तभी आपको अपने पसंद की सीट मिल पायेगी।

26 जनवरी परेड 2019 के मुख्य अतिथि

भारत, 1950 से, अपने गणतंत्र दिवस पर हर साल एक मुख्य अतिथि आमंत्रित करता है। वो मुख्य अतिथि किसी भी देश का राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, या राजा हो सकता है। इस साल दक्षिण अफ्रीका के पांचवे तथा वर्तमान राष्ट्रपति “माटामेला सिरिल रामाफोसा” को मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था, क्योंकि इस वर्ष भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनायेगा और महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका से काफी गहरा जुड़ाव रहा है।

गणतंत्र दिवस परेड के लिए तैयारी

गणतंत्र दिवस परेड रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाती है। राष्ट्रीय समारोहों का आयोजन (जैसे गणतंत्र दिवस परेड, बीटिंग रिट्रीट समारोह, गणतंत्र दिवस समारोह का ध्वजा रोहण, शहीद दिवस आदि) रक्षा मंत्रालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गणतंत्र दिवस परेड के प्रतिभागियों को अंतिम उत्सव की तैयारी के लिए राजपथ पर रिहर्सल करने के लिए इंडिया गेट पर आना पड़ता है। भारतीय सैनिक नई दिल्ली में आगामी गणतंत्र दिवस परेड के लिए सुबह जल्दी अभ्यास शुरू करते हैं।

बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियाँ कम से कम दो हफ्ते पहले शुरु हो जाती है। 26 जनवरी को सुरक्षा कारणों से इंडिया गेट पर जनता का प्रवेश निषेध कर दिया जाता है और सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा कर दिया जाता है। इस कार्यक्रम पर आतंकी घटनाओं को रोकने के लिये कुछ हफ्ते पहले से ही सभी राष्ट्रीय राजधानियों में पुलिस के माध्यम से कानूनी जाँच शुरु हो जाती है क्योंकि ये कार्यक्रम एक बहुत बड़ी भीड़ को अपनी ओर आकर्षित करता है।

गणतंत्र दिवस परेड का महत्व

एक भव्य गणतंत्र दिवस परेड में इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए 26 जनवरी को आयोजित की जाती है। ये विशेषरुप से राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली में अमर जवान ज्योति के सामने स्वतंत्रता संग्राम और युद्ध के दौरान अपने राष्ट्र के बचाने के लिये शहीद हुये भारतीय सैनिकों को उनके बलिदान के सम्मान में श्रद्धाजंलि देकर आयोजित किया जाता है। ये रायसीना राष्ट्रपति भवन से राजपथ पर शुरु होकर और इंडिया गेट पर समाप्त होती है। ये परेड बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये भारतीय सेना के सशस्त्र बल की शक्ति (टैंक, मिसाइल, रडार, आदि के प्रदर्शन के द्वारा), विभिन्न भारतीय राज्यों की संस्कृति और परंपरा और स्कूलों के बच्चों की कलात्मकता का प्रतिनिधित्व करती है।

आमंत्रित मुख्य अतिथि (दूसरे देश से) और भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस की परेड के बहुत महत्वपूर्ण अतिथि होते हैं। परेड की शुरुआत से पहले अमर जवान ज्योति पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि, ध्वजा रोहण, 21 तोपों की सलामी और राष्ट्रीय गान का कार्यक्रम किया जाता है। भारत के राष्ट्रपति (भारतीय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ) इस भव्य परेड की सलामी लेते हैं। ये भारतीय युवकों का साहस देता है और उन्हें एक भारतीय नागरिक होने पर गर्व महसूस कराता है।

भारत के अन्य शहरों में 26 जनवरी परेड

राष्ट्रीय राजधानी के अलावा, पूरे भारत में ऐसे और भी शहर है जहाँ गणतंत्र दिवस की परेड का आयोजन किया जाता है:

  • मुम्बई में मरीन ड्राइव पर और शिवाजी पार्क में गणतंत्र दिवस की भव्य परेड आयोजित की जाती है।
  • एक परेड और सांस्कृतिक मेले फील्ड मार्शल मानेकशॉ परेड ग्राउंड में 26 जनवरी को बेंगलूर में आयोजित की जाती है।
  • कोलकाता में, ये मैदान के पास लाल रोड पर आयोजित की जाती है।
  • चेन्नई में, इसे आयोजित करने के सबसे आम स्थान कामराज सालाई और मरीन बीच है।

गणतंत्र दिवस परेड 2019 फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन

वर्ष 2019 के गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमर जवान ज्योति पर पुष्प चढ़ाते हुएप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमर जवान ज्योति पर पुष्प चढ़ाकर देश के लिए शहीद होने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

भारतीय सेना के तीनो भागों के अध्यक्षों द्वारा अमर जवान ज्योति पर पुष्प चढ़ाते हुए
भारतीय सेना के तीनो भागों के अध्यक्षों द्वारा अमर जवान ज्योति पर देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

Arrival of PM at Rajpath

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपथ पर पहुंचकर सभी गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू राजपथ पहुंचे

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू राजपथ पहुंचे जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनका स्वागत किया गया।

Arrival of First Lady of South Africa

भारत के राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद तथा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति की पत्नी त्सेपो मोटसेपे का राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वागत किया गया।

Chief Guest Meeting with Force's Head

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस वर्ष के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि सिरिल रामफोसा का भारत के तीनों सेनाओं के प्रमुखों से परिचय कराया गया।

Flag Hoisting

70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रीय गान गाया गया।

PM and President Saluting the National Flag

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ को सलामी दी गयी।

Ashok Chakra to Wani

राष्ट्रपति द्वारा लांस नायक नजीर वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र पुरस्कार से नवाजा गया। राष्ट्रपति द्वारा यह पुरस्कार शहीद लांस नायक नजीर वानी की पत्नी को सौंपा गया।

Start of Parade at Rajpath

70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पे राजपथ पर भारतीय सेना के परेड की शुरुआत हुई, जिसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल असिद मिस्त्री द्वारा किया गया।

T-90 Bhisma

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारत के सबसे उन्नत टैंकों में शामिल टी-90 (भीष्म) टैंक की सैन्य शक्ति भी देखने को मिली।

Infantry Combat Vehicle

टी-90 टैंक के बाद गणतंत्र दिवस परेड में इंफैट्री कॉम्बैट व्हीकल का प्रदर्शन देखने को मिला।

K9-Vajra-T

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ में पहली बार K9 वज्र T सेल्फ प्रोपेल्ड गन का प्रदर्शन देखने को मिला।

M777 Howitzer

हालही में भारतीय सेना में शामिल हुए M777 होवित्जर का भी गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार प्रदर्शन देखने को मिला।

Akash Missile

गणतंत्र दिवस परेड में जमीन से आकाश में मार करने वाली ‘आकाश’ मिसाइल का प्रदर्शन किया गया।

ASC Lead by Bhawana Kasturi

भारतीय सेना की महिला अधिकारी भावना कस्तूरी द्वारा गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर पुरुष परेड दल का नेतृत्व किया गया।

Veteran Army Tableau

भारतीय सेना निदेशालय द्वारा पूर्व सैन्य कर्मचारियों के बलिदान और महान कार्यों को देखते हुए उनके सम्मान में झांकी का प्रदर्शन किया।

Air Force Tableau

भारतीय वायु सेना द्वारा वायु सेना के सुरक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाली झांकी निकाली गयी, जिसमें आकाश मिसाइल और लड़ाकू विमान भी शामिल रहे।

INA Veterans Soldiers

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार नेजाती सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आजाद हिंद फौज के चार पूर्व सैनिकों द्वारा भी हिस्सा लिया गया।

Women Assam Rifles

भारतीय गणतंत्र दिवस के इतिहास में पहली बार आसाम राइफल्स की महिला टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया।

BSF Camel Contingents

गणतंत्र दिवस परेड में बीएसएफ के समृद्ध इतिहास और साहस को प्रदर्शित करने वाला अच्छे रुप से सुसज्जित बीएसएफ का ऊंट दस्ता भी देखने को मिला।

Sikkim Tableau

वर्ष 2019 के गणतंत्र दिवस परेड में सिक्कम के झांकी के थीम द्वारा प्रदेश के अहिंसा, समृद्धि और खुशी की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया।

Maharastra Tableau

महाराष्ट्र के झांकी में महात्मा गांधी के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को प्रदर्शित किया गया। जिसमें ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ और ‘करो या मरो’ जैसे नारों को उद्घोष किया गया।

Andaman and Nicobar Tableau

अंडमान निकोबार के झांकी में महात्मा गांधी के द्वारा वहां के जेल में रहने के दौरान साथी कैदियों के उपर उनके द्वारा उत्पन्न किये गये सकरात्मक प्रभावों को दिखाया गया है।

Assam Tableau

असम की झांकी ‘गांधी जी आसाम में’ के उपर आधारित रहा और इसके अंतर्गत यह दिखाया गया कि आखिरकार कैसे उनके अहिंसा के संदेश ने असम में शांति स्थापित करने में सहायता की।

Tripura Tableau

त्रिपुरा की झांकी ‘गांधी जी के विचारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों का आर्थिक विकास’ के विषय पर आधारित रही।

Tripura Tableau

गोआ के झांकी में ‘वह क्षेत्र जहां आज भी शांति मौजूद है’ और ‘सर्व धर्म समभाव’ के विषय को प्रदर्शित किया गया।Arunchal Pradesh Tableau

अरुणांचल प्रदेश की झांकी में ‘पीस विदिन’ और ‘स्वच्छता भक्ति से भी बढ़कर है’ के संदेश को प्रदर्शित किया गया।

Punjab Tableau

पंजाब के झांकी में ‘जलियावाला बाग कांड’ के घटना और इसमें मारे गये सैकड़ों लोगो के विषय को प्रदर्शित किया गया।

Tamilnadu Tableau

तमिलनाडु की झांकी महात्मा गांधी द्वारा तमिलनाडु दौरे के समय मदुराई में किसानों से मिलने की घटना को प्रदर्शित किया गया।

Gujarat Tableau

वर्ष 2019 के गणतंत्र दिवस पर गुजरात की झांकी में गांधी जी के ऐतहासिक ‘दांडी यात्रा’ ने कैसे अंग्रेजी हुकूमत को हिला कर रख दिया, इसका प्रदर्शन किया गया है।

J&K Tableau

जम्मू कश्मीर के झांकी का विषय 'गांधीजी – सभी संस्कृतियों के लिए एक उम्मीद की किरण' था।

Karnataka Tableau

कर्नाटक की झांकी में ‘गांधी जी का बेलगाम कांग्रेस सेशन’ को प्रदर्शित किया गया।

Uttrakhand Tableau

इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड के झांकी में महात्मा गांधी के अनाशक्ति आश्रम में बिताये गये समय को दिखाया गया है।

Delhi Tableau

दिल्ली के झांकी में महात्मा गांधी के दिल्ली स्थित बिरला हाउस में लंबे निवास को दिखाया गया है।

UP Tableau

उत्तर प्रदेश की झांकी में ऐतहासिक संस्थान ‘महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ’ और गांधी जी द्वारा शिक्षा से होने वाले पूर्ण विकास के विशेष महत्व को दिखाया गया।

WB Tableau

पश्चिम बंगाल के झांकी में आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी और रविंद्रनाथ टैगोर के निकटता को प्रदर्शित किया गया।

Energy Ministry Tableau

उर्जा मंत्रालय के झांकी में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युतीकरण और गैर पारम्परिक उर्जा के स्त्रोतों के उपयोग को दिखाया गया है।

Water Ministry Tableau

जल एंव स्वच्छता मंत्रालय ने अपनी झांकी के द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के संदेश को दिखाया।

Rail Ministry Tableau

रेलवे मंत्रालय ने अपनी झांकी में गांधी जी के जीवन में रेलवे की महत्ता को दिखाया है, जिसमें दिखाया गया कि कैसे अपने एक रेल यात्रा के दौरान उनके मोहन से महात्मा बनने की शुरुआत हुई।

Agriculture Ministry Tableau

इस वर्ष कृषि मंत्रालय की झांकी ‘किसान गांधी’ पर आधारित रही।

CISF Tableau

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के झांकी में इस सुरक्षा बल के 50 वर्षों के गौरवशाली इतिहास तथा देश के तरक्की में इसके योगदान को दिखाया गया।

CPWD Garden Tableau

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के बागवानी विभग की झांकी में महात्मा गांधी के 150वें जयंती के जश्न को दिखाया गया है।

Children Awards

वर्ष 2019 के गणतंत्र दिवस परेड में वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों ने भी काफी जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

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भारतीय सेना के जाबांजों द्वारा गणतंत्र दिवस परेड में हैरत अंगेज कारनामे दिखाये गये जिसका नेतृत्व कैप्टन शिखा सुरभी द्वारा किया गया। सेना के जाबाजों के इन विशेष करतबो को जनता द्वारा भी काफी पसंद किया गया।

flypast

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इसके साथ ही भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकाप्टरों द्वारा काफी शानदार फ्लाई पास्ट का प्रदर्शन किया गया, इस हवाई परेड को जनता द्वारा काफी उत्साह के साथ देखा गया।

Modi Waving Hand

परेड के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगंतुकों से भेंट की और हांथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया।

 

 

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