स्वतंत्रता दिवस पर स्लोगन (नारा)

ऐसे कई सारे अवसर आते है जब आपको देशभक्ति से जुड़े स्लोगन लिखने या सुनाने होते है, एक विद्यार्थी के रुप में यह आपके पढ़ाई या अन्य पाठ्यक्रम गतिविधियों का भी हिस्सा हो सकता है। इसके साथ ही बहुत सारे अवसरों पर जैसे कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) या अन्य किसी देश भक्ति कार्यक्रम में आपको इन स्लोगन की आवश्यकता हो सकती है। हमने आप की इन्ही जरुरतो को ध्यान में रखते हुए देशभक्ति से ओत-प्रोत स्लोगन को तैयार किया है। आप आपनी आवश्यकता अनुसार इनका इस्तेमाल कर सकते है।

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15 अगस्त पर नारा - (Slogans on Independence Day in Hindi)

आपको हमारे वेबसाइट पर 15 अगस्त के लिए विभिन्न प्रकार के स्लोगन मिलेंगे।

इन स्लोगन को आपके आवश्यकता को देखते हुए बनाया गया है।

ये स्लोगन कई अवसरों पर आपके काम आयेंगे चाहे वह 15 अगस्त का भाषण हो या कोई अन्य कार्यक्रम।

इसी तरह 15 अगस्त से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए भी आप हमारी वेबसाइट पर जा सकते है।

निम्नलिखित स्लोगन इस प्रकार हैं:

 

Unique and Catchy Slogans for 15 August in Hindi Language

 

आजादी नही होती है इतनी आसान, इस आजादी के लिये ना जाने कितने महानायकों ने कुर्बान की है अपनी जान।

 

आजादी नही होती है इतनी आसान, इस आजादी के लिये ना जाने कितने महानायकों ने कुर्बान की है अपनी जान।

 

आज फिर से वो दिन आया है, जिसके लिए ना जाने कितने स्वतंत्रता के मतवालों ने अपना लहू बहाया है।

 

आज फिर से वो दिन आया है, जिसके लिए ना जाने कितने स्वतंत्रता के मतवालों ने अपना लहू बहाया है।

 

स्वतंत्रता दिवस का यह प्यारा दिन, जिसे देशवासी मनाते हैं सारा दिन।

 

स्वतंत्रता दिवस का यह प्यारा दिन, जिसे देशवासी मनाते हैं सारा दिन।

 

आओ मिलकर झूमे गाये, साथ मिलकर स्वतंत्रता दिवस का यह त्योहार मनाये।

 

आओ मिलकर झूमे गाये, साथ मिलकर स्वतंत्रता दिवस का यह त्योहार मनाये।

 

जब आकाश में हमारा तिरंगा लहराता है, हमारे रोम-रोम में यह आजादी का अहसास कराता है।

 

जब आकाश में हमारा तिरंगा लहराता है, हमारे रोम-रोम में यह आजादी का अहसास कराता है।

 

 

जब-जब देश पर संकट आया है, आजादी के मतवालों ने अपना लहु बहाया है।

 

जब-जब देश पर संकट आया है, आजादी के मतवालों ने अपना लहु बहाया है।

 

जिस दिन का हमको रहता है बेसब्री से इंतजार, वो है हमारा स्वतंत्रता दिवस का त्योहार।

 

जिस दिन का हमको रहता है बेसब्री से इंतजार, वो है हमारा स्वतंत्रता दिवस का त्योहार।

 

हमारा स्वतंत्रता दिवस हमारा अभिमान, जिसके लिए हमारे क्रांतिकारियों ने न्योछावर की अपनी जान।

 

हमारा स्वतंत्रता दिवस हमारा अभिमान, जिसके लिए हमारे क्रांतिकारियों ने न्योछावर की अपनी जान।

 

चाहे हो कारगिल चाहे हो कश्मीर, देश की सुरक्षा के लिये सीमा पर खड़े हैं हमारे वीर।

 

चाहे हो कारगिल चाहे हो कश्मीर, देश की सुरक्षा के लिये सीमा पर खड़े हैं हमारे वीर।

 

15 अगस्त का दिन आया है, स्वतंत्रता दिवस का यह अनमोल अवसर लाया है।

 

15 अगस्त का दिन आया है, स्वतंत्रता दिवस का यह अनमोल अवसर लाया है।

 

 

हम न भूले उनको जिन्होंने प्राण गवाया है, उनकी खातिर ही स्वतंत्रता दिवस का पर्व ये आया है।

 

उन वीरों पर देश आज कर रहा है गर्व, जिनकी वीरता की देन है ये स्वतंत्रता का पर्व।

 

लहरायेंगे तिरंगा राष्ट्रगान जाएंगे, हम स्वतंत्रता दिवस का ये पर्व मनाएंगे।

 

वीरों को याद कर के आंसू बहे हज़ार, जिनकी है देन हमको स्वतंत्रता का त्यौहार।

 

ना जाने कितने कुर्बान हुए हर पल हर क्षण में, तब कहीं स्वतंत्रता का पर्व ये आया हमारे जीवन में।

 

जिस देश के उत्तर में है हिमालय और बिच में गंगा, ऐ दुश्मन तू कभी भूल कर भी उस देश से न लेना पन्गा।

 

देश प्रेम की उग्र ज्वाला अब तक थमी नहीं है, भारत माता में वीरों की कोई कमी नहीं है।

 

है किसी में हिम्मत जो भारत से टकराएगा, जान दे देंगे हम अपनी पर तिरंगा सदा लहराएगा।

 

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई अगर हो जाये एक साथ, तो भारत पर बुरी नजर डेल ऐसी दुश्मन की कहाँ औकात।

 

स्वतंत्रता दिवस पर हम कसम खाएंगे, स्वतंत्र भारत को स्वच्छ बनाएंगे।

 

सिर झुका के उन शहीदों को है मेरा नमन, जिनके लिए खुद जान से ज्यादा था प्यारा उनका वतन।

 

इंकलाब जिंदाबाद बोल के, दुश्मनो से भीड़ गए वो सर पे कफन ओढ़ के।

 

दुश्मन की गोलियों का वो हँस के सामना किये, आजाद ही मरे वो जो आजाद थे जिए।

 

आज़ादी की ज्वाला अंत तक जलती रही, भारत अपने वीर पुत्रो के लहू से रंगती रही।

 

उन वीरों के बलिदानों को व्यर्थ न जाने देंगे, कसम खाते हैं भारत माँ पर आंच न आने देंगे।

 

कहाँ हर कोई ऐसा सम्मान पाता है, वो किस्मत वाला है जिसका लहू वतन के काम आता है।

 

हमारी स्वतन्त्रता में उनका बलिदान है, ऐ भारत माँ वो वीर तेरी और तू मेरी शान है।

 

भारत माँ की इज़्ज़त को हम नीलाम नहीं होने देंगे, कसम खाते हैं स्वतन्त्रता की हम शाम नहीं होने देंगे।

 

ये तिरंगा और इसकी शान, हमेशा याद दिलायेगा हमें उनका बलिदान।

 

भारत की आज़ादी हम नहीं गवाएँगे, ये सोने की चिड़िया थी इसे वही फिर से बनाएंगे।

 

अपनी स्वतंत्रता का हम क़र्ज़ चुकाएंगे, पुरे विश्व में अपना तिरंगा सबसे ऊपर लहरायेंगे।

 

प्यार से गले लगा के भाईचारा बढ़ाएंगे, कुछ इस तरह हम स्वतंत्रता का पर्व मनाएंगे।

 

प्रण लेते हैं आज हम स्वतंत्रता के पर्व पर, भाईचारा और सौहार्द के साथ तिरंगा लहरायेंगे नभ पर।

 

दोस्तो इस स्वतंत्रता की कीमत बहुत बड़ी है, क्योंकि अनगिनत क्रांतिकारियो के कुर्बानियों पे इसकी नीव पड़ी है।

 

जब-जब देश पर संकट आया, माँ भारती की सेवा में आजादी के मतवालो ने अपना शीश नवाया।

 

देश के लिए ना जाने कितनो ने शीश कटाये है, वो आजादी के मतवाले कभी मंगल पांडेय, तो कभी भगत सिंह बनकर आये है।

 

इस दिन कोई बच्चा आजाद तो कोई भगत सिंह बनकर निकलता है, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरेक ह्रदय में सिर्फ आजादी का स्वाभिमान देखने को मिलता है।

 

ना भूलो तुम जलियांवाला बाग ना भूलो तुम चौरी-चौरा, इस स्वतंत्रता दिवस पर याद करो उनको जिन्होने देश के लिए न्योछावर कर दिया अपना जीवन पूरा।

 

सारी दुनिया सो रही थी तब भारत में हुआ था नया सवेरा, 15 अगस्त का दिन था, वह जब आजाद हुआ था भारत मेरा।

 

आजादी के परवाने थे वो नही था उनमें कोई लोभ, हसते-हसते झूले फंदो पर नही था उनको कोई शोक।

 

हसरत यही है दिल में की काश ऐसा एक दिन आये, जब मेरे लहु का एक कतरा भी मेरे देश के काम आये।

 

तुम ना भूलो उनको जिन्होंने देश के लिए है लहु बहाया, क्योंकि उनकी ही बदौलत आजादी/स्वतंत्रता दिवस का यह दिन है आया।

 

आओ याद करे उनकी शहादत जिन्होने वतन के नाम पे दी है, कभी लक्ष्मी बाई तो गाँधी बनकर अंग्रेजी हुकूमत से ये आजादी छिनी है।

 

दोस्तो स्वतंत्रता की यह यात्रा कभी ना रुकने पाये, कुछ भी हो जाये पर तिरंगा कभी ना झुकने पाये।

 

देश की रक्षा के लिए हरेक को आजाद बनना होगा, ज्यादे नही तो देश के स्वाभिमान के लिए कुछ ना कुछ तो करना होगा।

 

हमारा भारत विविद है, पर सबके दिलो में निहित है।

 

गुणागान करो उनका सम्मान करो उनका, आजादी की लड़ाई में जो लौट के ना आये 15 अगस्त का यह दिन है उनका।

 

जब मुश्किल में हो वतन तो तुम फरियाद ना करना, ऐसे मौको पर कभी बिस्मिल तो कभी आजाद बनकर लड़ना।

 

ना भूलो तुम उनको जिन्होंने देश के लिये शहादत दी, ना थी कोई दूसरी हसरत बस इस देश की खुदा की तरह इबादत की।

 

जब-जब पुकारती है माँ भारती, तब-तब स्वत्रंता के बलि वेदी पर वीरो ने दी है आहुति।

 

अपनी इस आजादी को तुम भूल ना जाना, अब भी ना समझे तुम इसको तो तुमने इसका मूल्य ना जाना।

 

आजादी को अपने दिलो में यू ही बसाए रखना, कितनी भी हो मुश्किले स्वतंत्रता की ये अलख अपने दिलो में यू ही जलाए रखना।

 

आजाद थे, आजाद ही रहे नाम था चंद्रशेखर आजाद, आजादी के लिए आखिरी सांस तक लड़े।

 

गाँधी नाम था, जिन्होने अंहिसा की अलख जगाई, 15 अगस्त 1947 का दिन था जब मेरे भारत ने आजादी पाई।

 

आजादी के मतवाले थे अपने हाल पे वो कभी ना रोये, ना जाने कितने रातो तक इस आजादी के लिये ना वो सोये।

 

वो दिवाने वो मस्ताने आजादी के वो मतवाले, अगर एक शब्द में बोलू तो वो थे सच में हिम्मतवाले।

 

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