स्वास्थ्य पर भाषण

इन दिनों जिस चीज़ के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वह है स्वास्थ्य। हर कोई इस बात के प्रति सचेत हो गया है कि क्या खाएं और क्या ना खाएं। लोगों ने खुद को फिट रखने के लिए शारीरिक व्यायाम या खेलों में भाग लेना शुरू कर दिया है। इसके परिणामस्वरुप कई जिम खुल गए हैं। स्वास्थ्य कंट्रोल भी हर इलाके में बढ़ रहा है। नौकरी करने वाले युवाओं ने खुद स्वयं की देखभाल करने के महत्व को महसूस किया है और वे स्वस्थ भोजन खाते हैं और फिट रहते हैं।

इस पृष्ठ पर हमने यहां स्वास्थ्य और उसके महत्व पर भाषण के कुछ उदाहरण साझा किए हैं जो कि किसी भी अवसर के लिए आपको अपना भाषण तैयार करने में मदद करेंगे। स्वास्थ्य पर हमारा संक्षिप्त भाषण स्कूल या कॉलेज स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है और लंबे भाषणों का इस्तेमाल बच्चों के अलावा अन्य वक्ताओं द्वारा किया जा सकता है। भाषा सरल है और आसान है जो किसी को भी समझ में आ सकता है। आप हमारे भाषणों से मदद लेकर अपने दर्शकों के लिए अपने भाषण को दिलचस्प बना सकते हैं।

स्वास्थ्य पर लंबे और छोटे भाषण (Long and Short Speech on Health in Hindi)

स्वास्थ्य पर भाषण 1

श्री एडवर्ड स्टेनली, ब्रिटेन के तीन बार के प्रधान मंत्री, ने एक बहुत ही प्रसिद्ध बात कही थी।

"जो लोग सोचते हैं कि उनके पास व्यायाम करने का कोई समय नहीं है उन्हें जल्द ही या बाद में किसी बीमारी के लिए समय निकालना होगा।"

विश्व स्वास्थ्य दिवस के इस अवसर पर आज यहां उपस्थित सभी लोगों को मेरी ओर से नमस्कार। श्री एडवर्ड द्वारा कहे कथन को हम सभी जानते हैं और इससे सहमत भी हैं और सच्चाई यह है कि हम सबको पता है कि स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है। हम सभी जानते हैं और हमारे दिन की स्वस्थ शुरुआत करना कितना महत्वपूर्ण है। आइए हम इस तथ्य का सामना करें। हम में से कितने एक स्वास्थ्य व्यवस्था का सच्चाई का पालन करते हैं। मेरे हिसाब से मोटे तौर पर लगभग 20%! यह एक तथ्य नहीं है लेकिन मेरा अनुमान है यह कम भी हो सकता है या यह ज्यादा भी हो सकता है। देश से देश, क्षेत्र से क्षेत्र के आधार पर। कुछ साल पहले अमेरिका में एक सर्वेक्षण के अनुसार मोटापा कैंसर की तुलना में बड़ी बीमारी बन रहा था।

केवल एक स्वस्थ व्यक्ति अपने श्रम के फल का आनंद ले सकता है। अगर कोई व्यक्ति जो अमीर है पर उसके पास स्वास्थ्य का अभाव है तो उसका क्या उपयोग है? वह या तो अधिकतर पैसा चिकित्सा बिलों पर खर्च करेगा या सहायता लेकर अपना दैनिक काम पूरा करने में खर्च करेगा।

यूके विश्वविद्यालय के एक प्रसिद्ध हास्य लेखक और प्रोफेसर जोश बिलींग्स ने कहा है कि "स्वास्थ्य पैसे की तरह है। हमें जब तक इसके मूल्य का एहसास नहीं होता जब तक हम इसे खो नहीं देते हैं।" एक सदी पहले जो उन्होंने कहा था वह आज तक सच साबित होता दिखता है। यह आज भी सत्य है और अगली आने वाली कई सदियों तक सत्य साबित होगा।

इसलिए इससे पहले की हमारे साथ ऐसा हो और हम अपना स्वास्थ्य खो दें हमें सोचने की जरुरत है। यह बदलाव का समय है। किसने कहा कि बदलाव आसान है? यह आपकी अपनी इच्छा शक्ति के खिलाफ लड़ाई है। दूसरा कोई नहीं बल्कि मैं खुद जो मेरे लिए अच्छा है उससे रोक रहा है। स्वास्थ्य के लाभ मेरे साथ शुरू होते हैं इसलिए प्रयासों को भी मेरे साथ शुरू करना चाहिए। जिस दिन हम यह जान जाएंगे उसी दिन हम स्वस्थ शरीर नामक इस अमूल्य संपत्ति का निर्माण करने में सक्रिय रूप से शामिल हो जाएंगे। आखिरकार स्वस्थ शरीर ही है जिसमें स्वस्थ दिमाग रहता है। अगर हम स्वस्थ हैं तो हम बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे, बेहतर सोच सकेंगे, बेहतर रह सकेंगे और जीवन नामक इस उपहार का आनंद उठा सकेंगे।

अंत में मैं यह कहना चाहूंगा कि अच्छा स्वास्थ्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब हम हर दिन कम से कम एक शारीरिक गतिविधि करें, स्वस्थ खाना खाएं, कोशिश करें पर्याप्त सोने की, अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, जल्दी उठें और योग करें। हां और सबसे महत्वपूर्ण है यथासंभव जंक फूड से दूर रहें। कई दिनों में एक बार तला हुआ भोजन करना ठीक है लेकिन हर सप्ताहांत ऐसा भोजन करना आपकी धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है। मैं इसे अपने प्रिय श्रोताओं पर छोड़ता हूं आपको कौन सा संयोजन पसंद है। मैं विलियम शेक्सपियर द्वारा कहे बहुत ही प्रसिद्ध कथन के साथ अपना भाषण समाप्त करता हूं।

"हमारा शरीर हमारा बगीचा है - हमारी इच्छाएं हमारे माली हैं।"

धन्यवाद।

 

स्वास्थ्य पर भाषण 2

हर किसी को अभिवादन! मेरे सभी कर्मचारियों और सहकर्मियों की ओर से आप सभी का स्वागत करना मेरी खुशकिस्मती है। चाहे एक बच्चा हो, एक किशोर हो, एक बूढ़ा हो या कोई व्यस्क हो हर स्तर पर हमारा स्वास्थ्य हमारी सभी गतिविधियों का केंद्र है और हमारे जीवन का नेतृत्व करता है। एक स्वस्थ शरीर एक वाहन है और मैं, सचेत रहते हुए, उसका स्वामी या यात्री हूं।

दोस्तों इन दिनों लोग अपने स्वास्थ्य के बारे में बहुत सचेत हो गए हैं और वे अक्सर जिम, नृत्य कक्षाएं, एरोबिक्स या योग केंद्रों में जाते हैं। कुछ लोग यह जाने बिना कि यह प्रत्येक के लिए कितना महत्वपूर्ण है सिर्फ़ अपना शौक पूरा करने के लिए यह सब करते हैं। फिट रहने का मतलब यह नहीं है कि आप बेवजह अपनी मांसपेशियां दिखाते रहें लेकिन निश्चित रूप से इसका अर्थ यह है कि आपके पास एक सक्रिय जीवनशैली है और आप बिना थके या बिना रुके अपना काम करने में सक्षम हैं। मेरा मतलब है कि आप दैनिक कामों से थकावट महसूस नहीं करते हैं और आप पूरी तरह से अपनी दिनचर्या का आनंद लेने में सक्षम हैं। मेरे लिए स्वास्थ्य आपकी दैनिक गतिविधियों का एक अभिन्न अंग है जिसे एक दिन के कार्यक्रम में बुना जाता है। अपने स्वास्थ्य की देखभाल करना कुछ ऐसी चीज है जिसे एक गतिविधि के रूप में नहीं माना जा सकता है जिसके लिए आप कार्यालय या दैनिक कामों से मुक्त होने पर समय निकाल सकते हैं। ऐसे कई पहलू हैं जिन पर हमारा स्वास्थ्य निर्भर है। इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कारक शामिल हैं।

शारीरिक शक्ति हासिल करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम किसी तरह के शारीरिक व्यायाम के साथ अपना दिन शुरू करें। सुबह की सैर करें या जिम जाएँ, योग करें या आप घर पर भी अभ्यास कर सकते हैं। असल में आप कुछ भी कर सकते हैं जो आप चाहते हो या आप अपनी उम्र के अनुसार भी शारीरिक व्यायाम कर सकते हैं। अपनी शारीरिक गतिविधि को चुने और उसी हिसाब से कार्यक्रम व्यवस्थित करें। आपकी योजना के साथ आपको न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक शक्ति की जरूरत भी है। जी हां आप सही समझे अपनी योजना का पालन करने के लिए आपको बहुत सारी इच्छा शक्ति की जरुरत है। एक बहुत मशहूर स्पैनिश कहावत है, "एक व्यक्ति जो अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने में बहुत व्यस्त है वह एक मैकेनिक की तरह है जो अपने उपकरणों की देखभाल करने में बहुत व्यस्त है।"

बुद्ध ने कहा था "शरीर का स्वास्थ्य अच्छा रखना एक कर्तव्य है ... अन्यथा हम अपने मन को मजबूत और स्पष्ट रखने में सक्षम नहीं होंगे"।

अब जब आपने अपना खेल और व्यवस्थित दिनचर्या चुनी है और इसे अपने कार्यक्रम में शामिल किया है तो अगला काम है यह जांचना कि आप क्या खाते हैं। यह फिट और स्वस्थ रहने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। भोजन बहुत कम खाना या बहुत ज्यादा खाना दोनों बुरा है। जैसा कि बुद्ध ने कहा यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने शरीर को स्वस्थ रखें। सही भोजन चुनने से हमें पोषण और ताकत मिलती है। हमें इसे सही मात्रा में लेने की जरूरत है। जितना संभव हो उतना जंक फूड से बचें। "कचरे अंदर लेना कचरा बाहर करना" एक सिद्धांत है जो हमारे जीवन में उतना ही लागू होता है जितना कंप्यूटर पर होता है। जंक भोजन खाने के नतीजा एक सुस्त और आलसी शरीर है! यदि आप एक स्वस्थ शरीर और एक मजबूत दिमाग चाहते हैं तो आपको हरी सब्ज़ी खानी चाहिए, एक संतुलित आहार लेना चाहिए, दूध पीना चाहिए, जूस और पर्याप्त मात्रा में पानी चाहिए।

 

हमें कम से कम खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से भी फिट रखना चाहिए। हमारी भावनाओं को नियंत्रण में रख हमें अपने गुस्से को संभालना सीखना चाहिए, धीरज रखना चाहिए और दूसरों की जरूरतों के अनुरूप सामंजस्य बिठाना चाहिए। यह आसानी से उन लोगों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है जिन्हें इसी तरह के पारिवारिक मूल्य और अच्छी परवरिश दी गई है लेकिन जो लोग अभी भी अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं उनका ध्यान लगाना चाहिए। ध्यान केवल हमारे लक्ष्यों को ही नहीं बल्कि हमें कई और अधिक चीजों को प्राप्त करने में मदद करता है। यह हमें एक जगह केंद्रित रहने में मदद करता है। यह हमें हमारे दिमाग को साफ करने और रचनात्मक विचारों के लिए जगह बनाने में मदद करता है। विशेष रूप से आज के समय में जहां हमारे चारों ओर बहुत तनाव है वहां हमें संकट से बचने के लिए सोचने और तर्कसंगत रूप से काम करने की जरूरत है। हमारे IQ से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारा EQ हैI केवल एक स्वस्थ दिमाग ही अनचाहे नतीजो को प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक दिन अभ्यास करने के लिए हमें ध्यान करना सीखना चाहिए। आख़िरकार यह स्वास्थ्य ही है जो सबसे ज़रूरी है।

जैसा कि मैंने शुरुआत में कहा था हमारा शरीर एक वाहन है तो हमारे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि इसकी उपेक्षा करने से हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। कभी-कभी इससे हमारे लिए साँस लेने में भी मुश्किल हो सकती है। हमारी ओर से थोड़ी सी लापरवाही का मतलब बीमारी के लिए निमंत्रण हो सकता है। एक बहुत ही मशहूर डच नीतिवचन को देखे तो हैं यह नीतिवचन कहती हैं, "बीमारी घोड़े पर बैठ कर आती है लेकिन वापिस पैदल चल कर जाती है"। जो बीमारियों से ग्रस्त है वह आपको सबसे अच्छी तरह से बता सकता है कि स्वस्थ होना कितना महत्वपूर्ण है। तो अगर हमें अपने जीवन की मंजिल तक पहुंचना है और अपने कैरियर में सफल होना है तो एक संपत्ति बनिए न की देनदारी। तो हमें इस अनमोल उपहार का बहुत ध्यान रखना सीखना होगा जो हमें स्वाभाविक रूप से ईश्वर से प्राप्त हुआ है। यह महत्वपूर्ण है कि जीवन रुपी इस वाहन की स्थिति बेहतर हो ताकि हम अपने श्रम के फल का आनंद उठा सकें।

मैं हर एक से आग्रह करता हूं कि अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बने। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। यह करना एक अच्छा काम है। स्वस्थ और फिट रहने का आनंद लें! धन्यवाद।


 

स्वास्थ्य पर भाषण 3

सुप्रभात प्राचार्य महोदया, शिक्षकगण और मेरे प्रिय दोस्तों,

सुबह की ताज़ा हवा, सुबह की धूप, हरे पौधें और पेड़ सुखदायक किरणों को बुलावा देते हैं, गुलाब और मैरीगोल्ड से आती सुगंध, ये सभी प्रेरणा हैं जो किसी को भी बाहर आकर रहने का निमंत्रण देती हैं। आप बाहर जा सकते हैं और सबसे अच्छी कंपनी में रह सकते हैं - माँ प्रकृति की गोद में एक जगह जहां आपको हमेशा आराम मिलेगा। एक बार जब आप अनुभवी सुबह की ताजगी महसूस करते हैं तो कोई भी चीज़ आपको बिस्तर से दूर रहने से नहीं रोक सकती और अगर आप इस अनमोल उपहार का आनंद उठाते हैं तो आप मेरे साथ पूरी तरह सहमत होंगे।

ये आपको प्रेरित करने के कुछ कारण हैं जो आपके बेहद व्यस्त, थकाऊ और कार्यकारी दिन की शुरुआत करने में मदद करेंगे।

मैं अपना दिन अपनी मां के साथ हल्के व्यायाम करके शुरू करता हूँ और फिर मेरी रोज़ की दिनचर्या शुरू होती है। पूरे दिन के दौरान मेरी स्वस्थ मुझे ऊर्जावान और जीवंत रखती है इसलिए मैं अपने सभी कार्यों को कुशलतापूर्वक और उत्साहपूर्वक पूरा कर पाता हूं। व्यायाम मेरे रक्त में एड्रेनेलिन को बढ़ाता है और ऊर्जा के स्तर पर उच्चतर ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार करता है जो आम तौर पर इसे नहीं मिलती है और यही मेरी मांसपेशियों की सहनशक्ति में सुधार करता है।

दिलचस्पी लेकर कसरत करने से खुशी की भावना मिलती है और दर्द कम हो जाता है। यह उन लोगों की मदद करता है जो चिंता से पीड़ित हैं या जिनमें अवसाद की भावनाएं घर कर गई हैं। यह वास्तव में मूड को बदलने में बहुत प्रभावी हो सकता है और अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपका एकमात्र समाधान व्यायाम करना है।

चूंकि कसरत का लाभ शारीरिक रखरखाव तक सीमित नहीं है इसलिए इसे केवल उन लोगों द्वारा महसूस किया जा सकता है जो वास्तव में सख्त शासन का पालन करते हैं। वे हमें बताएंगे कि यह कैसे उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। अध्ययन ने अब यह साबित कर दिया है कि नियमित रूप से व्यायाम करने वाले लोगों के मस्तिष्क में सुधार, तेज सोच का होना और निश्चित रूप से बेहतर स्मृति बनता है।

यहां से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि व्यायाम का स्वास्थ्य के साथ एक सीधा संबंध है। स्वास्थ्य एक समग्र शारीरिक फिटनेस के साथ ही मानसिक और भावनात्मक है।

सुबह की सैर, जोगिंग, एरोबिक्स, योग या सुबह की ताज़ी हवा में साइकिल चलाना अच्छे दिन की शुरुआत करने का तरीका है। आप उस गतिविधि का चयन करते हैं जो आपको पसंद आती है और जिसे आप शारीरिक रूप से सहन कर सकते हैं। नियमित रूप से व्यायाम करें और आप अंतर देखेंगे यदि आप जवान हैं तो आप निश्चित रूप से अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे या आप अपनी दिनचर्या का प्रबंध कर सकेंगे और यदि आप अपनी व्यस्क अवस्था में हैं तो आप आसानी से सभी हृदय रोगों और अन्य ऐसी बिमारियों को दूर रख सकते हैं। एक अध्ययन ने पाया है कि नियमित स्वास्थ्य व्यवस्था से आप रक्तचाप और रक्त में वसा के स्तर को कम कर सकते हैं।

इन दिनों अच्छे संगठन और कार्यालय भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो गए हैं और इस तरह से आस-पास के अपने परिसर के परिवेश को विकसित किया है जिससे सबको अपने डेस्क या कुर्सी से उठना पड़े और फिर से ताज़ा होने से पहले वापिस काम पर जाने से पहले कुछ शारीरिक व्यायाम करे। कॉफी भी आपको फिर से ताज़ा होने में मदद कर सकती है! कुछ कार्यालयों के अधिकारियों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए साईकिल चलाने की अनुमति होती है फिर भी कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने कार्यालय के परिसर के भीतर जिम या री-क्रिएशन रूम बनाते हैं। उन्होंने अपने कर्मचारियों से बेहतर प्रदर्शन करने का दावा किया है जो इस प्रकार उनके उत्पादन की क्षमता को बढ़ाता है।

बुद्ध ने कहा था "स्वास्थ्य जीवन के बिना जीवन नहीं है। यह केवल शोक और पीड़ा की स्थिति है"। और यह केवल सही, सोच, आकलन, विश्लेषण और तरीकों को अपनाने के लिए है जो हमें अच्छे स्वास्थ्य और खुशी के मार्ग की ओर ले जाती है और यही हमारा मकसद होना चाहिए।


 

स्वास्थ्य पर भाषण 4

सुप्रभात! अगस्त की अद्भुत सुबह की इस शानदार सभा में इतने चमकदार चेहरों को देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। हम लोकप्रिय रूप से कहते हैं कि "आप किताब को इसके कवर से पहचान सकते हैं।" और इसी तरह आप सभी के ख़ुशी भरे चेहरे को देखकर मैं यह पहचान सकता हूँ कि आप सभी पूरी तरह से फिट और स्वस्थ हैं। अगर आप नहीं होते तो आपकी मुस्कुराहट इतनी शानदार नहीं होती।

इस सुंदर शरीर की अच्छी देखभाल करना सौंदर्य है जिसे हमारी सुंदर आत्मा का मंदिर कहा जाता है। हम कई चीजों को गारंटी के रूप में ले लेते हैंI उदाहरण के लिए हमारी आँखें, हाथ, पैर, बोलने, सुनने और बौद्धिक रूप से सोचने की शक्ति ये सभी स्वाभाविक रूप से हमें ईश्वर से मिलते हैं जिनके बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। अब ये सभी विशेषताएं स्वस्थ शरीर की विशेषताएं हैं। लेकिन ये बाहरी उपहार हैं जो जीवन हमें प्रदान करता है। स्वस्थ पेट, फेफड़े, लीवर या दिल यहां तक ​​कि मांसपेशियों के उपहार के बारे में क्या कहेंगे? मनुष्यों को कुछ उपहार अदृश्य रूप से आसानी से दिए गए हैं। यदि इन अंगों में से कोई भी अंग काम करना बंद कर देता है तो हमारा जीवन मुश्किल में पड़ सकता है! शुक्र है जब हमें इन सभी अंगों की देखभाल करने की बात आती है तो हमें ज्यादा रखरखाव का काम करने की ज़रूरत नहीं है। भगवान ने हमारे सिर के अंदर कंप्यूटर को फिट किया है और यह होशियार कंप्यूटर हमारे सिस्टम को पूरी तरह व्यवस्थित करता है।

जीवन का तंत्र एक आत्म-चालित, आत्म-स्नेही और आत्मनिर्भर बुद्धिमान सुपर प्रणाली है। यहां तक ​​कि आपकी कार या वाहनों को भी रखरखाव, सर्विसिंग और अप-ऑफ शेड्यूल की आवश्यकता होती है। आपके वाहनों में अच्छी बात यह है कि जब उनका जीवन खत्म हो जाता है या आप उनसे ऊब जाते हैं तो आप उन्हें बदल सकते हैं या उनके लिए नए उपकरणों को खरीद सकते हैं लेकिन आपका सबसे महत्वपूर्ण वाहन यानी आपका शरीर आपको केवल एक बार मिलता है! आपको इसका ध्यान रखना होगा। आपका मुख्य कर्तव्य इसे बनाए रखना है। यदि आपका शरीर स्वस्थ नहीं है तो आपके बेड़े की सबसे अच्छी कार भी आपके लिए उपयोगी नहीं होने वाली है।

आपके शरीर का स्वास्थ्य आपकी आत्मा का स्वास्थ्य है। एक सक्रिय शासन को बनाए रखना, स्वस्थ भोजन खाना, स्वस्थ विचार रखना यानी सकारात्मक विचार रखना, दूसरों के प्रति सकारात्मक रवैया बनाए रखना और अपने वातावरण को साफ करना स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण के योगदानकर्ता हैं। इन दिनों योग और ध्यान आम हो गए हैं। हर गुरु, हर खेल का कोच, जीवन का कोच और पेशेवर संगठनों को उन लोगों के रोज़मर्रा के जीवन में योग और ध्यान को शामिल करने के महत्व के बारे में पता हो जाता है जो उनका अनुसरण करते हैं या उनसे जुड़े होते हैं। योग और ध्यान जीवन का एक तरीका बनता जा रहा है।

यहां तक ​​कि गांवों में ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी लोग दिन-प्रतिदिन जागरूक होते जा रहे हैं। इससे दूर केवल वही लोग हैं जो अपने जीवन को बहुत लापरवाही से लेते हैं या फिर अपने शरीर और जीवन के बारे में कम देखभाल करते हैं या स्वस्थ और फिट रहने में बहुत कम मेहनत करते हैं। ये लोग वे हैं जिन्हें आप ज्यादातर रेस्तरां, बेकरी की दुकानों, मिठाई की दुकानों आदि में खाते हुए देख सकते हैं। इन लोगों को आसानी से अस्पतालों, डॉक्टरों और दवाईओं की दुकानों पर देखा जा सकता है जहाँ वे अपनी पाचन समस्याओं पर काबू पाने के लिए कभी-कभी दवा लेते दिख जाते हैं। अधिकांश समय वे मोटापे से भी लड़ते हैंI

दूसरी ओर स्वस्थ लोगों को पार्कों में, खेतों और खेल क्लबों, सैर करते, जॉगिंग या सुबह घूमते हुए देखा जा सकता है। यहां तक ​​कि ऐसे लोगों को ठंडे मौसम की स्थिति भी नहीं रोक सकती। ऐसा नहीं है कि ये स्वयं-प्रेरित स्वयं-संचालित स्वयं निर्देशित लोग अलग-अलग स्थानों पर बाहर नहीं जाते और खाना नहीं खाते हैं। यह सिर्फ इतना है कि वे ऐसा कम बार करते हैं और भोजन की मात्रा और गुणवत्ता वे अस्वास्थ्यकर खाने वालों की तुलना के भोजन से निश्चित रूप से अलग हैं। यह जीवन में चुनाव करने के बारे में है, चाहे वह पेशेवर हो या व्यक्तिगत। जिस तरह से हम अपनी ज़िंदगी का नेतृत्व करना चाहते हैं उसमें काफी विचार-विमर्श महत्वपूर्ण है। हमें अपनी शक्ति का उपयोग समझदारी और होशियारी से करना चाहिए। हमारे पाचन तंत्र के अंदर हम जो खाना डालते हैं वह हमारी पसंद का होना चाहिए। हम जो सोचते हैं वह भी हमारी पसंद होनी चाहिए। इसलिए एक स्वस्थ शरीर रखने और रोगप्रतिबंधक मन हमें स्वस्थ स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करेगा।

जहाँ व्यायाम और अच्छे खाने की आदतें शरीर के लिए अच्छी हैं वहीँ ध्यान हमारे मन, विचारों और मस्तिष्क के लिए अद्भुत है। यह हमें एक शानदार यादाश्त बनाए रखने में मदद करता है और हमें पूरे दिन शांतिपूर्ण और धैर्यशील बनाए रखता है। एक तरफ योग हमें शारीरिक योग्यता प्रदान करता है वहीँ दूसरी तरफ ध्यान हमें मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक योग्यता देता है। और हमें एक अनुकरणीय जीवन के लिए एक आदर्श तरीके की ज़रूरत है। अब सबसे महत्वपूर्ण समय है। हम सभी समय को बहुत आसानी से दोष दे देते हैं। हम कहते हैं कि समय कहाँ है।

हम हमेशा इस कीमती वस्तु के लिए कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि जब हमें अपने स्वयं के लिए चीजें करने की बात आती है तो हम बहुत सुस्त और आलसी होते हैं। टालमटोल की आदत हमें विरासत में मिली होती है। हम बेवजह निरंतर और सतत रूप से देरी करते रहते हैं यह जानते हुए कि एक दिन हमें यह करना होगा। जब हम चिकित्सक द्वारा दी गई पर्ची को देखते हैं तो हमारे लापरवाह तरीकों को बदलना हमारे लिए देरी नहीं हो सकती। हमें हमारे शरीर का इलाज करने के लिए उस समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। इसकी शुरुआत अभी क्यों नहीं करें। अभी सबसे अच्छा होने के लिए कुछ समय क्यों न बनाएं। आइए हम "यदि आप नहीं बदले तो कौन बदलेगा" के लिए खुद को बदले।

 

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