भारतीय संस्कृति पर स्पीच

भारत को हमेशा अपनी विभिन्न खाद्य आदतों, परंपराओं, विश्वासों, सामाजिक रीति-रिवाजों, पोशाक, भाषा, त्योहारों आदि के लिए सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश माना जाता है। यहां दुनिया के सभी प्रमुख धर्मों जैसे हिंदू, जैन, इस्लाम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी धर्म का पालन किया जाता है। यहाँ पूरे भारत के नागरिक एक दूसरे के विश्वासों और संस्कृति का सम्मान करते हुए सद्भाव और शांति में रहते हैं। हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अच्छी तरह से जानकारी होनी चाहिए और संस्कृतियों, धर्मों और मान्यताओं के अद्वितीय संयोजन को संरक्षित करने के लिए कोशिश करनी चाहिए। इसलिए हम आपको भारतीय संस्कृति पर स्पीच उपलब्ध करवा रहे हैं ताकि आप दर्शकों को प्रभावित कर सकें।

भारतीय संस्कृति पर स्पीच (Speech on Indian Culture in Hindi)

भाषण – 1

माननीय मुख्य अतिथि, माननीय उपराष्ट्रपति, सम्मानित प्रधानाचार्य, प्रिय साथी शिक्षकों, स्टाफ सदस्य, प्रिय छात्र और आदरणीय माता-पिता,

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज हम यहाँ ABC आर्ट्स कॉलेज के उद्घाटन के लिए इक्कठे हुए है, मैं इस शुभ अवसर पर स्वागत भाषण देने का अवसर प्राप्त करके अत्यधिक सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।

डिजिटलीकरण, वैश्वीकरण, ई-गवर्नेंस आदि जैसे कई रोमांचक और लोकप्रिय विषय हैं जिन पर मैं विचार कर सकता था पर फिर मैंने सोचा एक और महत्वपूर्ण विषय है जिसे हम हमारे व्यस्त जीवन में भूलते जा रहे हैं अर्थात् भारतीय संस्कृति।

चूंकि हमारा कॉलेज आर्ट्स पर ज्ञान प्रदान करेगा इसलिए मुझे यह लगा कि हमारी भारतीय संस्कृति पर कुछ पंक्तियाँ कहने यह सबसे अच्छा अवसर है।

संस्कृति शिक्षा या जन्म देने वाली अवस्था है। यह विशिष्ट समय पर एक विशिष्ट समाज के विचार और दर्शन है। वास्तव में संस्कृति को नैतिकता और नैतिक मूल्यों से बनाया जाता है जो एक समाज को नियंत्रित करती है। संस्कृति सामाजिक धार्मिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों, परंपराओं आदि जैसे कई कारकों का परिणाम है तो यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी संस्कृति को समृद्ध और सकारात्मक विचारों के साथ विकसित करें।

विविधता में एकता के कारण भारत को हमेशा दुनिया में एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश माना जाता है। भारत में कई राज्य हैं जहाँ अलग-अलग खाद्य व्यंजन, परंपराएं, विश्वास, सामाजिक रीति-रिवाज, पोशाक, भाषा, त्यौहार आदि पाए जाते है। भारत एक विशाल देश है और दुनिया के सभी प्रमुख धर्मों हिंदू, जैन, इस्लाम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी आदि का यहां पर पालन किया जाता है।

हमारे देश की विशेषता धर्मनिरपेक्षता है और सबसे अच्छी बात यह है कि भारत का हर नागरिक एक दूसरे के विश्वासों और संस्कृति का सम्मान करके एकता और शांति में जीवन व्यतीत करता है। हम हर अवसर को प्रार्थना, दावतों, मेलों, गायन, नृत्य और रंगीन कपड़े पहन उत्साह के साथ मनाते हैं।

छात्र हमारे देश का भविष्य हैं और हम चाहते हैं कि हमारे सभी छात्रों को हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने और देश में सद्भाव और शांति को बढ़ावा देना चाहिए। ऐसा देखा जाता है कि कुछ विरोधी-सामाजिक तत्वों ने देश के सम्मान और इसकी समृद्ध विरासत को नुकसान पहुंचाया है। हम आपसे अपील करते हैं कि आप इन सबसे प्रभावित न होकर इसके बजाए महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, और डॉ बीआर अंबेडकर जैसे महान व्यक्तियों के आदर्शों का समर्थन करें।

हमारे कॉलेज में हम दिवाली, ईद, दशहरा, होली, क्रिसमस, वैसाखी, ओणम, गुरुपर्व, पोंगल, बिहू आदि जैसे सभी त्यौहारों का जश्न मनाते हैं और हम उन सभी विद्यार्थियों से अनुरोध करते हैं कि वे पूरे दिल से इन उत्सवों में भाग लें। इन सभी अवसरों की सफलता पूरी तरह आपके उत्साह और अभिनव विचारों पर निर्भर करती है जबकि महाविद्यालय प्रशासन हमेशा हर प्रकार की सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए आपके साथ सदैव खड़ा रहेगा।

एक तरफ जहाँ भारत अपनी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता है वहीँ दूसरी तरफ विज्ञान की दुनिया में महान प्रसिद्धि और योग्य स्थान भी प्राप्त किया है। अब वैज्ञानिक मनोवृत्ति भारतीय संस्कृति और समाज का एक अविभाज्य पहलू बन गया है।

यह सब कहने के बाद मैं यहीं कहना चाहूंगा कि संस्कृति को जन्म देना आसान है लेकिन इसे संरक्षित करना बहुत मुश्किल है। हमारे वृद्धों ने इस तरह के समग्र और जातीय रूप से समृद्ध संस्कृति का निर्माण करने के लिए कई वर्षों से लगातार प्रयास किए इसलिए हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम सब इसे संरक्षित करें और मुझे यकीन है हम यह करने में सफल हो सकते हैं।

धन्यवाद।

 

भाषण – 2

सुप्रभात।

इस भव्य आयोजन पर मैं आप सभी का स्वागत करता हूँI आशा करता हूँ कि आप सभी अपनी जिंदगी का आनंद उठा रहे हैं और इस सत्र का हिस्सा बनकर खुश हैं।

आज मैं भारत के बारे में कुछ मनोरंजक बातों पर अपने विचार साझा करूँगा। इस बीच आप इसके बारे में सोचें, तब तक मैं अपना मुद्दा साझा करता हूँ। यह भारत की संस्कृति है जो मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित करती है। भारत संस्कृतियों, धर्मों और मान्यताओं का एक अनूठा मिश्रण है। शायद ही दुनिया का कोई अन्य देश एक समृद्ध और विविधतापूर्ण विरासत के ऐसे आकर्षक मिश्रण को प्रस्तुत करता है जो सभ्यता के रूप में इतना पुराना है। हमारे देश में अन्य मान्यताओं को आत्मसात करने के साथ-साथ अन्य विचारों और परंपराओं को गहराई से प्रभावित करने की अद्भुत क्षमता है।

भारतीय संस्कृति पूरी तरह से उन मूल्यों से बनाई गई है जो उसकी आत्मा को संतुष्ट करती हैं। भारत के सामाजिक रीति-रिवाजों, धार्मिक और आध्यात्मिक अवधारणाओं, शिक्षा, साहित्य सभी एक साथ इकट्ठा मिलाकर हम इसे अपनी संस्कृति कहते हैं। इसे सभी संस्कृतियों की मां के नाम से भी जाना जाता है। संगीत, नृत्य, चित्रकला, मूर्तिकला और अन्य कला रूपों, कृषि, विज्ञान, और उद्योग सहित सभी क्षेत्र सदियों से अपनी पुरानी परम्पराओं का पालन करते हैं।

भारतीय संस्कृति की ताकत हमेशा अपनी व्यापकता, अपने मन को स्वीकार करने और अन्य विचारों को पूरी तरह से आत्मसात करने की क्षमता, में रही है। भारतीय संस्कृति का आधार वृद्धों को सम्मान देना रहा है। हम हमारे अतिथि को भगवान मानते है यह इस देश की एक बहुत ही आम सांस्कृतिक प्रवृत्ति है।

भारत संघीय संरचना के साथ एक विशाल राष्ट्र है। यहां 29 राज्यों और सात संघ शासित प्रदेश हैं जो विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं, आदतों और धर्मों के मिश्रण को प्रस्तुत करते हैं जिससे पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति विशिष्टता प्राप्त करती है। विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की ताकत है।

भोजन की आदतों में भी भारत एक मनमोहक विविधता प्रस्तुत करता है। उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय, मुगलई, महाद्वीपीय आदि। देश में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहार देश में रहने वाले विभिन्न धर्मों के लोगों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को जोड़ते हैं। भारतीय संस्कृति वास्तव में अपने महत्वपूर्ण और लंबे सफ़र के दौरान कई बाहरी प्रभावों के सतत संश्लेषण का परिणाम है।

भारतीय युवाओं को विभिन्न सांस्कृतिक प्रवृत्तियों से जुड़े होने पर गर्व महसूस करना चाहिए और उन्हें अक्सर अपने स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में भारतीय सांस्कृतिक प्रवृत्ति का प्रदर्शन करने के लिए उनका हिस्सा बनना चाहिए।

यह आश्चर्य है कि भारत समय की आपदा, कई बाहरी आक्रामकता और शताब्दियों के विदेशी शासन से मुक्ति पाने में सफल रहा है। इससे भारतीय संस्कृति के बारे में अधिक जानने के मेरे विचार और हित को भी मजबूती मिलती है।

इस आकर्षक देश के नागरिक होने के नाते हमें इस सभ्यता में जन्म लेने पर गर्व महसूस करना चाहिए। यह एक दुर्लभ अनुभव है कि सभी देशों के बीच भारत में हमें विविध रीति-रिवाजों, विश्वासों और परंपराओं का सही मिश्रण मिलता है। इस अद्भुत संस्कृति का हिस्सा होने के साथ हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ी के बीच भी इसकी जागरूकता बनाते रहें। मेरा संदेश यही है कि अपने जीवन में प्रभाव पैदा करने वाली चीजें करें जिसके फ़लस्वरूप भारतीय संस्कृति समृद्ध हो जाए।

धन्यवाद।

Leave a Comment

Your email address will not be published.