स्वतंत्रता सेनानियों पर स्लोगन (नारा)

स्वतंत्रता सेनानी वह विभूतियां हैं, जिन्होंने देश के स्वतंत्रता प्राप्ति में अपना अहम योगदान दिया। जब हम स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में सोचते हैं, तो हमारे मन में कई नाम आते हैं, पर मुख्यतः इनमें से भगत सिंह, महात्मा गाँधी, चन्द्र शेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस जैसे नाम हमारे दिमाग में सबसे पहले आते हैं, इन क्रांतिकारियों द्वारा देश के लिए किये गये बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

ऐसे कई अवसर आते हैं जब आपको क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े भाषणों, निबंधो या नारों की आवश्यकता होती है। यदि आपको भी स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े ऐसे ही सामग्रियों की आवश्यकता है तो परेशान मत होइये हम आपकी मदद करेंगे। हमारे वेबसाइट पर स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी तमाम तरह की सामग्रियां उपलब्ध हैं, जिनका आप अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं।

स्वतंत्रता सेनानियों पर नारा (Slogans on Freedom Fighters in Hindi)

हमारे वेबसाइट पर स्वतंत्रता सेनानियों के विषय में विशेष रुप से तैयार किए गये कई सारे नारे उपलब्ध हैं। जिनका उपयोग आप अपने भाषणों या अन्य कार्यों के लिए अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते हैं। ऐसे ही अन्य सामग्रियों के लिए भी आप हमारे वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं।

Unique and Catchy Slogans on Freedom Fighters in Hindi Language

 

अनेक बलिदानों से संचित यह स्वतंत्रता, अपने अथक प्रयासों से क्रांतिकारीयों ने अर्जित की यह स्वतंत्रता।

 

जीवन का मोल उनके लिये ना था, जीना मरना सिर्फ देश के लिए था।

 

उनकी कुर्बानी को व्यर्थ ना होने दो, संकट हो कितना भी बड़ा देश के आजादी के लिए तुम सदैव संघर्ष करो।

 

देश की आजादी में ना हो कोई बाधा, इसलिए ना जाने कितनों नें अपना जीवन त्यागा।

 

देश की आजादी का तुम ना अपमान करो, ऐसा काम करो जिससे देश को सम्मान मिले।

 

स्वतंत्रता के मूल्य को पहचानों, देश के आजादी को ही तुम सब कुछ मानो।

 

हर व्यक्ति ने ठाना है, देश के सम्मान की खातिर स्वदेशी को अपनाना है।

 

देता इतिहास गवाही है, स्वतंत्रता के मतवालों ने यह आजादी दिलाई है।

 

आजादी के संग्राम में तांडव मचाने आये थे, आजादी के मतवाले थे देश को स्वतंत्रता दिलाने आये थे।

 

ठाना था उन्होंने, मरकर या देश को आजाद कराकर आउंगा, कुछ भी हो जाये गुलामी की यह जंजीर काटकर जाउंगा।

 

देश के लिए कफन भी उन्होंने शान से ओढ़ा है, आजादी में क्रांतिकारीयों का बलिदान सबसे बड़ा है।

 

अपने लहू से उन्होंने स्वतंत्रता को सींच दिया, स्वतंत्रता सेनानी थे वो जिन्होंने इंकलाब के नारों को बुलंद किया।

 

क्रांतिकारियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब भारत में हर तरह का भेदभाव मिटेगा।

 

आइये हम सब मिलकर प्रण लें देश की अखंडता पर कोई आंच नहीं आने देंगे।

 

देश की आजादी से करेंगे नहीं कोई समझौता, क्रांतिकारियों के सपनों का बनायेंगे भारत पूरा।

 

शब्द-वाद सब विफल हुए जब आतताइयों को समझाने में, तब तलवारों को उठा लिया आजादी के मतवालों ने।

 

जब गुलामी जिंदगी से बड़ी हो गई, तब आजादी के संघर्ष के लिए स्वतंत्रता सेनानियों की फौज खड़ी हो गई।

 

स्वतंत्रता वह अनमोल धरोहर है, जिसे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने लहू से सींचा है।

 

1857 हो या हो 1947 वो थे भारत के लाल, जो गुलामीं के राह में बन खड़े हुए थे ढाल।

 

ऐ बापू तुम फिर से वापस आओ, देश को इन गद्दारों से मुक्त कराओ।

 

आओ मिलकर याद करें उन स्वतंत्रता सेनानियों को, जिन्होंने आजादी के इस लकीर को खींचा है, अपने लहू से स्वतंत्र भारत के सपने को सींचा है।

 

कभी मंगल पांडेय तो कभी सुभाष चन्द्र बोस बनकर आते हैं, स्वतंत्रता के मतवालों के बस नाम बदल जाते हैं।

 

जो देश के लिए जीते मरते हैं, उन्हें ही स्वतंत्रता सेनानी कहते हैं।

 

देश की आजादी को यूं ही बनाये रखना, स्वतंत्रता सेनानियों की धरोहर को यूं ही सजाये रखना।

 

फंदो पर खुशी से झूल गये भारत माता के लाल, देश को आजाद कराने के लिए वो बन गये अंग्रेजी हूकुमत का काल।

 

देश की आजादी का महत्व वही जानते हैं, जो क्रांतिकारियों की कुर्बानी को पहचानते हैं।

 

आम लोग तो देश का बस नाम बढ़ा पाते हैं, क्रांतिकारी तो इसके लिए जान तक लुटा जाते हैं।

 

हर जगह गूंज रहा इंकलाब का नारा, क्रांतिकारियों के ही बदौलत आजाद हुआ है भारत हमारा।